पश्यत कोणमैशान्यं भारतस्य मनोहरम्
इस पाठ में भारत के पूर्वोत्तर राज्यों — प्रसिद्ध ‘सप्तभगिनी एवं एक भ्राता’ (सिक्किम सहित आठ राज्य) — का सुन्दर वर्णन कक्षा-संवाद के माध्यम से किया गया है। यहाँ पाठ-परिचय, संवाद, शब्दार्थ, दिशा-ज्ञान व्याकरण, प्रत्येक राज्य की विस्तृत जानकारी (राजधानी, भाषा आदि) तथा समग्र प्रश्नोत्तर प्रस्तुत हैं।
पाठ-परिचयः
अरुणाचलप्रदेशः, असमः, मणिपुरं, मेघालयः, मिजोरमः, नागालैण्डं, त्रिपुरा एवञ्च सिक्किमः — इत्येतानि अष्टराज्यानि देशस्य पूर्वोत्तरभागे स्थितानि। एतानि राज्यानि भारतस्य केवलं स्थानविशेषत्वेन न, अपितु सांस्कृतिक-ऐतिहासिक-विविधतायाः कारणेन विशेषमहत्त्वं वहन्ति। इन प्रदेशों का प्राकृतिक सौन्दर्य, समुदायों की विविधता, तथा भौगोलिक-पर्यावरणीय वैचित्र्य देश के अन्य भागों से पृथक् है।
पर्वत व नदियों से सुशोभित ये राज्य पूर्वहिमालय-श्रेणी में पत्काई-नागपर्वत-प्रदेश में स्थित हैं। यहाँ बराक-ब्रह्मपुत्र आदि नदियाँ बहती हैं, तथा पर्वतश्रेणियाँ, पीठस्थल (पठार), निम्नपर्वत व घाटियाँ इस भू-भाग में भू-वैविध्य धारण करती हैं। प्राकृतिक सम्पदाओं से समृद्ध यह प्रदेश पूर्व-दक्षिणपूर्व-एशिया का द्वार है। ये राज्य ‘अष्टभ्रातृभगिन्यः’ के नाम से प्रसिद्ध हैं — इन्हें ‘अष्टभगिन्यः’ अथवा ‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ भी कहा जाता है।
पाठ्यांश (संवाद) — अध्यापिका-छात्र संवादः
प्र.अध्यापिका छात्रान् किम् अपृच्छत्, छात्राः किम् उत्तरं ददुः?
प्र.स्वरा अस्माकं देशे कति राज्यानि सन्ति इति कथं वदति?
प्र.‘सप्तभगिन्यः एकः भ्राता च’ इति समवायः कः?
प्र.श्रीशः किं प्रश्नं पृच्छति, अध्यापिका किम् उत्तरं ददाति?
प्र.श्लोक के माध्यम से कौन-कौन से सात राज्य बताए गए हैं?
प्र.सप्तभगिन्यः स्वीये प्राचीनेतिहासे कीदृशाः आसन्?
प्र.एतेषां प्रदेशानां का विशेषता वर्णिता?
प्र.वंशवृक्षाणां (बाँस) विषये किम् उक्तम्?
प्र.कक्षायाः अन्ते छात्राः किं निश्चिन्वन्ति?
वयं शब्दार्थान् जानीमः
| शब्दः | संस्कृत अर्थः | हिन्दी | English |
|---|---|---|---|
| स्वदेशस्य | निजराष्ट्रस्य | अपने देश का | Of our country |
| वैचित्र्यम् | विशिष्टं स्वरूपम् | विचित्रता | Uniqueness |
| प्रवहन्ति | प्रकर्षेण वहन्ति | बहती हैं | Flows |
| भू-वैविध्यम् | भूमेः विविधता | भूमि की विविधता | Land diversity |
| पीठस्थलानि | खण्डस्थलानि | पठार | Plateau |
| जानीथ | अवगच्छथ | जानते हैं | (You all) know |
| ऐशान्यम् | पूर्वोत्तरदिशा | पूर्वोत्तर दिशा | North-East corner |
| ज्ञातुम् | वेदितुम् | जानने के लिए | To know |
| भागेभ्यः | खण्डेभ्यः | भागों से | From parts |
| समवायः | समाहारः | समूह | Combination |
| केन्द्रशासितप्रदेशाः | प्रत्यक्षं केन्द्रशासनाधीनाः प्रदेशाः | केन्द्र द्वारा शासित प्रदेश | Union Territories |
| अतिरिच्य | अतिरिक्तभावेन | इसके अतिरिक्त | Besides |
| प्रथितः | प्रख्यातः | प्रसिद्ध | Famous |
| प्रतीकात्मकः | साङ्केतिकः | प्रतीकात्मक | Symbolic |
| साम्याद् | सादृश्याद् | समानता के कारण | Because of similarity |
| उक्तोपाधिना | उक्तेन नाम्ना | दिए हुए नाम से | By the given name |
| क्षेत्रपरिमाणैः | क्षेत्रफलस्य परिमाणेन | क्षेत्रफल के नाप से | By extent of area |
| गुणगौरवदृष्ट्या | गुणस्य गौरवस्य च दृष्ट्या | गुण एवं गौरव की दृष्टि से | In terms of virtues and glory |
| बृहत्तराणि | विशालानि | बहुत बड़े | Very significant |
| स्वाधीनाः | स्वतन्त्राः | स्वतन्त्र | Independent |
| स्वायत्तीकृताः | अधीनीकृताः | अपने अधीन किए गए | Captured / Autonomous |
| प्राकृतिकसंपद्भिः | प्रकृतिजातविभवैः | प्राकृतिक संपदाओं से | With rich natural resources |
| पुष्पस्तबकसदृशानि | पुष्पपुञ्जसमानानि | पुष्प-गुच्छ के समान | Like flower bouquet |
| सावहितमनसा | सावधानमनसा | ध्यानपूर्वक | With attention |
| ऊर्जस्विनः | ऊर्जायुक्ताः | शक्तिशाली | Energetic |
| पर्वपरम्पराभिः | उत्सवपरम्पराभिः | उत्सवों की परंपरा से | By the festive traditions |
| परिपूरिताः | परिपूर्णाः | भरपूर | Full of |
| स्वलीलाकलाभिः | निजकेलिकलाभिः | अपनी लीलाओं से | By own amusements and pastimes |
| निष्णाताः | पारङ्गताः | निपुण | Experts / Master |
| वंशवृक्षाणाम् | वंशपादपानाम् | बाँस के वृक्षों के | Of bamboo trees |
| बह्वाकर्षकः | अत्याकर्षकः | अत्यधिक आकर्षक | Very attractive |
अत्र इदम् अवधेयम् — दश दिशः
दश दिशः (दस दिशाएँ)
पूर्वाग्नेयी दक्षिणा च नैर्ऋती पश्चिमा तथा।
वायवी चोत्तरैशानी ऊर्ध्वा चाधो दिशो दश॥
अभ्यासात् जायते सिद्धिः — सम्पूर्ण उत्तराणि
अधोलिखितानां प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तरं लिखत
अधोलिखितानां प्रश्नानां पूर्णवाक्येन उत्तरं लिखत
कभ्रातृसहित-भगिनीसप्तके कानि राज्यानि सन्ति?
खइमानि राज्यानि सप्तभगिन्यः इति किमर्थं कथ्यन्ते?
गऐशान्यकोणप्रदेशेषु के निवसन्ति?
घपूर्वोत्तरप्रादेशिकाः केषु निष्णाताः सन्ति?
ङवंशवृक्षवस्तूनाम् उपयोगः कुत्र क्रियते?
अधोलिखितेषु पदेषु प्रकृति-प्रत्ययविभागं कुरुत
रेखाङ्कितम् पदम् आधृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत
यथानिर्देशम् उत्तरत
क‘महोदये! मम भगिनी कथयति’। अत्र ‘मम’ इति सर्वनामपदं कस्यै प्रयुक्तम्?
ख‘सामाजिक-सांस्कृतिकपरिदृश्यानां साम्याद् इमानि उक्तोपाधिना प्रथितानि’। अस्मिन् वाक्ये ‘प्रथितानि’ इति क्रियापदस्य कर्तृपदं किम्?
ग‘एतेषां राज्यानां पुनः सङ्घटनं विहितम्’। अत्र ‘सङ्घटनम्’ इति कर्तृपदस्य क्रियापदं किम्?
घ‘अत्र वंशवृक्षाणां प्राचुर्यं विद्यते’। अस्मात् वाक्यात् ‘अल्पता’ इति पदस्य विपरीतार्थकं पदं चित्वा लिखत?
ङ‘क्षेत्रपरिमाणैः इमानि लघूनि वर्तन्ते’। अस्मिन् वाक्ये ‘सन्ति’ इति क्रियापदस्य किं समानार्थकं पदं प्रयुक्तम्?
वर्गचित्र-जालम् — शब्दजाले सार्थक-शब्दान् रेखाङ्कयत
| ज | न | जा | तिः | म | त्रि | खा | सी |
| च | अ | र | सि | णि | पु | ना | गा |
| भ्रा | ता | स | क्कि | पु | रा | ज्या | नि |
| मि | जो | र | मः | र | सं | स्कृ | तिः |
| पू | र्वो | त्त | र | म् | दे | श | स्य |
| ब | स | प्त | भ | गि | न्यः | गा | रो |
| प्रा | कृ | ति | कः | वं | श | वृ | क्षः |
| भ | गि | नि | अ | रु | णा | च | लः |
| भ्रा | ता | मे | घा | ल | यः | ध | मि |
| ना | गा | लै | ण्डम् | ब | ह | वः | जोः |
उर्ध्वाधर (vertical): त्रिपुरा (स्तम्भ ६, पंक्ति १–३)।
पट्टिकातः पदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत
भिन्नप्रकृतिकं पदं चिनुत (विजातीय शब्द चुनिए)
विशेष्य-विशेषणानाम् उचितं मेलनं कुरुत
परियोजनाकार्यम्
१भित्तिपत्रे उत्तरपूर्वराज्यानां पृथक्-पृथक् मानचित्रं प्रदर्शयत। संस्कृतभाषया कस्यापि राज्यस्य पञ्चवाक्यैः विवरणं लिखत।
छात्रस्य प्रतिनिधि-वाक्यानि १. नागालैण्डस्य राजधानी कोहिमा अस्ति।
२. अत्र नागा-जनजातयः निवसन्ति।
३. होर्न्बिल्-महोत्सवः प्रतिवर्षं दिसम्बर-मासे आयोज्यते।
४. अत्र विविधाः जनजातीय-नृत्याः प्रदर्श्यन्ते।
५. नागालैण्डस्य प्राकृतिक-सौन्दर्यं अतीव मनोहरम् अस्ति।
२पूर्वोत्तरराज्यानां पर्यटनस्थलानां नामानि लिखित्वा तेषां संक्षिप्तं वर्णनं कुरुत।
अन्यानि उदाहरणानिराज्यम् – मेघालयः। नाम – चेरापूँजी (Cherrapunji)। वर्णनम् – अत्र विश्वस्य सर्वाधिक वर्षा भवति, यत्र जीवन्त-मूल-सेतवः (Living Root Bridges) अपि दृश्यन्ते।
३विद्यालये ‘उत्तरपूर्वसंस्कृतिदिवसः’ (एकः विशेषः दिवसः) आयोजनीयः। छात्राः विविधराज्यानां परिधानं नृत्यं भोजनं वेशभूषां च प्रस्तुवन्तु।
अष्टराज्यानां विस्तृतं विवरणम्
| राज्यम् | राजधानी | राजभाषा | अन्याः प्रमुखाः भाषाः |
|---|---|---|---|
| अरुणाचलप्रदेशः | ईटानगरम् | आङ्ग्लभाषा | न्यीशी, दाफला, मिजी, गल्लोंगः, वंछो, तागिनः, हिल-मिरी आदि |
| असमः | दिसपुरम् | असमिया, बङ्गला, बोडो, आङ्ग्ल | बङ्गला, डिमासा, मिशिंगः, कार्बी, रभा आदि |
| मणिपुरम् | इम्फालः | मणिपुरी | तंगखुलः, हम्मरः, पैते, लुशाई, थादौ/कुकी |
| मेघालयः | शिलांगः | खासी, पुआरः, गारो, आङ्ग्ल | अबेङ्गः, अलोंगः, मच्चि, दुअलः आदि |
| मिजोरमः | आइजोलः | मिज़ो, आङ्ग्ल | असो, छो, हलमः, लाई, लुसेई, मारा, पैते |
| नागालैण्डम् | कोहिमा | आङ्ग्लभाषा | नागामी, असमिया, बङ्गला |
| त्रिपुरा | अगरतला | आङ्ग्ल, बङ्गला | कक-बरकः (त्रिपुरी), हलम्, रङ्खालः, चकमा |
| सिक्किमः | गङ्गटोकः | आङ्ग्लभाषा | नेपाली, भूतिया, लेप्चा, लिम्बू, नेवारी, राय, गुरुंग, शेर्पा |
सप्तभगिन्यः इति प्रथितः राज्यसमूहः प्राकृतिकसौन्दर्येण अतिविशिष्टः है। प्रत्येक राज्य का अपना महत्त्व है — भारत में अरुणाचलप्रदेश में सूर्य का अरुणोदय सर्वप्रथम होता है, अतः इसका नाम अरुणाचल है। यहाँ ऐसा प्रदेश भी है जहाँ प्रतिवर्ष हिमपात होता है।
असमराज्य पूर्व में ‘कामरूप’ नाम से प्रसिद्ध था। यहाँ खनिज इन्धनतैल व इन्धनानिल (CNG) प्रचुर मात्रा में मिलते हैं। विश्व का सबसे बड़ा रमणीय नदीद्वीप माजुली, असम में ब्रह्मपुत्र नदी में स्थित है। मणिपुर का उल्लेख महाभारत जैसे ग्रन्थों में भी मिलता है — यहाँ सम्पूर्ण विश्व में एकमात्र राष्ट्रीय प्लवमान (तैरता हुआ) उद्यान है, जो लोकटक सरोवर में तैरता है। मिजोरम, सिक्किम, मेघालय, त्रिपुरा राज्यों की भी अपनी-अपनी विशेषताएँ हैं।
