Chapter - 6 रक्त और हमारा शरीर

 MCQs

Question 1.
इस पाठ के लेखक कौन हैं?
(a) भवानीप्रसाद मिश्र
(b) भगवतीप्रसाद मिश्र
(c) भगवतीप्रसाद वाजपेयी
(d) यतीश अग्रवाल

Answer

Answer: (d) यतीश अग्रवाल


Question 2.
दिव्या को क्या महसूस होता है?
(a) भूख में कमी
(b) याददाशत की कमी
(c) थकान
(d) बेचैनी

Answer

Answer: (c) थकान


Question 3.
दिव्या अनिल के साथ अस्पताल क्यों गई?
(a) भूख न लगने से
(b) थकान महसूस होने से
(c) काम में मन न लगने से
(d) उपर्युक्त सभी

Answer

Answer: (b) थकान महसूस होने से


Question 4.
दिव्या के शरीर के किस अंग से रक्त लिया गया?
(a) बाजू से
(b) उँगली से
(c) पैर से
(d) हथेली से

Answer

Answer: (b) उँगली से


Question 5.
एनीमिया क्या है?
(a) आँखों की बीमारी
(b) पेट की बीमारी
(c) रक्त की कमी से होने वाली बीमारी
(d) रक्त की अधिकता से होने वाली बीमारी

Answer

Answer: (c) रक्त की कमी से होने वाली बीमारी


Question 6.
पेट में पाए जाने वाले कीड़े किस बीमारी का कारण बनते हैं?
(a) दमा
(b) क्षयरोग
(c) रतौंधी
(d) एनीमिया

Answer

Answer: (d) एनीमिया


Question 7.
डॉक्टर स्लाइड की जाँच किस यंत्र द्वारा कर रही थी?
(a) दूरदर्शी द्वारा
(b) सूक्ष्मदर्शी द्वारा
(c) दूरबीन द्वारा
(d) उपर्युक्त सभी

Answer

Answer: (b) सूक्ष्मदर्शी द्वारा


Question 8.
लाल कणों का जीवन काल कितना होता है?
(a) दो महीने
(b) चार महीने
(c) छह महीने
(d) एक साल

Answer

Answer: (b) चार महीने


(1)

अगले दिन अस्पताल पहुँचकर अनिल ने डॉक्टर दीदी के कमरे के दरवाजे पर दस्तक दी। भीतर से आवाज़ आई, “आ जाओ।” अनिल ने कमरे में प्रवेश किया तो पाया, डॉक्टर दीदी सूक्ष्मदर्शी द्वारा एक स्लाइड की जाँच कर रही थीं। दीदी के इशारे से वह पास रखी एक कुरसी पर बैठ गया। स्लाइड की जाँच पूरी होने पर डॉक्टर दीदी ने साबुन से हाथ धोए और तौलिए से पोंछती हुई बोली, “अनिल, दिव्या को एनीमिया है। चिंता की बात नहीं, कुछ दिन दवा लेगी तो ठीक हो जाएगी।”

Question 1.
अगले दिन किसने दस्तक दी?
(a) दिव्या ने
(b) डॉक्टर दीदी ने
(c) अनिल ने
(d) रोगी ने

Answer

Answer: (c) अनिल ने


Question 2.
कमरे में डॉक्टर दीदी क्या कर रही थी?
(a) रोगी को देख रही थीं
(b) डॉक्टर दीदी सूक्ष्मदर्शी से स्लाइड पर रखे दिव्या के खून की जाँच कर रही थी
(c) अनिल का जाँच कर रही थी
(d) उपर्युक्त सभी।

Answer

Answer: (b) डॉक्टर दीदी सूक्ष्मदर्शी से स्लाइड पर रखे दिव्या के खून की जाँच कर रही थी


Question 3.
एनीमिया क्या है?
(a) हड्डियों की बीमारी
(b) आँखों की बीमारी
(c) रक्त की कमी से होने वाली बीमारी
(d) अधिक रक्त बहने की बीमारी।

Answer

Answer: (c) रक्त की कमी से होने वाली बीमारी


Question 4.
स्लाइड की जाँच के बाद डॉक्टर दीदी ने क्या किया?
(a) दिव्या का रक्त जाँच किया
(b) रोगी को देखा
(c) साबुन से हाथ धोकर तौलिए में पोंछे
(d) इनमें कोई नहीं।

Answer

Answer: (c) साबुन से हाथ धोकर तौलिए में पोंछे


Question 5.
‘कुछ दिन दवा लेगी तो ठीक हो जाएगी’-
रचना के आधार पर वाक्य भेद बताइए-
(a) मिश्रवाक्य
(b) सरलवाक्य
(c) संयुक्त वाक्य
(d) प्रश्नवाचक वाक्य

Answer

Answer: (d) प्रश्नवाचक वाक्य


(2)

“यह जानने के लिए तुम्हें रक्त के बारे में जानना होगा,” डॉक्टर दीदी ने कहा। फिर बोली, “अनिल, देखने में रक्त लाल द्रव के समान दिखता है, किंतु इसे सूक्ष्मदर्शी द्वारा देखें तो यह भानुमती के पिटारे से कम नहीं। मोटेतौर पर इसके दो भाग होते हैं।
एक भाग वह जो तरल है, जिसे हम प्लाज्मा कहते हैं। दूसरा, वह जिसमें छोटे-बड़े कई तरह के कण होते हैं … कुछ लाल, कुछ सफ़ेद और कुछ ऐसे जिनका कोई रंग नहीं, जिन्हें बिंबाणु (प्लेटलैट कण) कहते हैं। ये कण प्लाज्मा में तैरते रहते हैं।”

Question 1.
रक्त किसके समान दिखाई देता है?
(a) पतले पानी की तरह
(b) द्रव के समान
(c) लाल द्रव के समान
(d) ठोस पदार्थ

Answer

Answer: (c) लाल द्रव के समान


Question 2.
रक्त को कितने भागों में बाँटा जा सकता है?
(a) दो
(b) तीन
(c) चार
(d) पाँच

Answer

Answer: (a) दो


Question 3.
रक्त के तरल भाग को क्या कहते हैं?
(a) मज्जा
(b) प्लेटलेट
(c) प्लाज्मा
(d) अस्थि

Answer

Answer: (c) प्लाज्मा


Question 4.
रक्त को भानुमती का पिटारा क्यों कहा जाता है?
(a) रक्त लाल होने के कारण
(b) रक्त तरल होने के कारण
(c) रक्त प्लाज्मा में कई प्रकार के रक्तकण तथा अन्य पदार्थ होने के कारण
(d) भानुमती का पिटारा होने के कारण।

Answer

Answer: (c) रक्त प्लाज्मा में कई प्रकार के रक्तकण तथा अन्य पदार्थ होने के कारण


Question 5.
प्लेटलेट के कणों का रंग कैसा होता है?
(a) कुछ सफ़ेद
(b) कुछ लाल
(c) कुछ रंगहीन
(d) उपर्युक्त सभी

Answer

Answer: (d) उपर्युक्त सभी


Question 6.
“बिंवाणु’ कहते हैं-
(a) लाल, सफ़ेद व बिना रंग के कण
(b) लाल, सफ़ेद व काले रंग के कण
(c) लाल, सफ़ेद व पीले रंग के कण
(d) इनमें से कोई नहीं।

Answer

Answer: (a) लाल, सफ़ेद व बिना रंग के कण


(3)

“हाँ,” दीदी बोली, “लाल कण बनावट में बालूशाही की तरह ही होते हैं। गोल और दोनों तरफ़ अवतल, यानी बीच में दबे हुए। रक्त की एक बूंद में इनकी संख्या लाखों में होती है। यदि हम एक मिलीलीटर रक्त लें, तो उसमें हमें चालीस से पचपन लाख कण मिलेंगे। इनके कारण ही हमें रक्त लाल रंग का नज़र आता है। ये कण शरीर के लिए दिन-रात काम करते हैं। साँस लेने पर साफ़ हवा से जो ऑक्सीजन तुम प्राप्त करते हो उसे शरीर के हर हिस्से में पहुँचाने का काम इन कणों का ही है। इनका जीवनकाल लगभग चार महीने होता है। चार महीने के होते-होते ये नष्ट हो जाते हैं, लेकिन एक साथ नहीं, धीरे-धीरे। कुछ आज, कुछ कल, कुछ उससे अगले दिन…।”

Question 1.
लाल रक्त कण बनावट में किसके समान होते हैं?
(a) अणु कण की तरह
(b) तरल द्रव्य की तरह
(c) कीड़ों की तरह
(d) बालूशाही की तरह

Answer

Answer: (d) बालूशाही की तरह


Question 2.
एक बूंद रक्त में कितने लाल कण होते हैं?
(a) सैकड़ों
(b) हज़ारों
(c) लाखों
(d) करोड़ों

Answer

Answer: (c) लाखों


Question 3.
एक मिलीलीटर रक्त में लाल कणों की संख्या होती है-
(a) पाँच से दस लाख लाल कण
(b) दस से बीस लाख लाल कण
(c) तीस से चालीस लाख कण
(d) चालीस से पचपन लाख कण

Answer

Answer: (d) चालीस से पचपन लाख कण


Question 4.
शरीर के विभिन्न भागों में ऑक्सीजन पहुँचाने का काम कौन करता है? .
(a) लाल रक्त कण
(b) सफ़ेद रक्त कण
(c) बिंबाणु
(d) प्लाज्मा

Answer

Answer: (d) प्लाज्मा


Question 5.
लाल कणों की आयु कितनी होती है?
(a) तीन महीने
(b) चार महीने
(c) छह महीने
(d) एक वर्ष

Answer

Answer: (d) एक वर्ष


(4)

“और बिंबाणुओं का काम है चोट लगने पर रक्त जमाव क्रिया में मदद करना। रक्त के तरल भाग प्लाज्मा में एक विशेष किस्म की प्रोटीन होती है जो रक्तवाहिका की कटी-फटी दीवार में मकड़ी के जाले के समान एक जाला बुन देती है। बिंबाणु इस जाले से चिपक जाते हैं और इस तरह दीवार में आई दरार भर जाती है, जिससे रक्त बाहर निकलना बंद हो जाता है।”

Question 1.
बिबाणुओं का क्या काम है?
(a) रक्त को प्रवाहित करना
(b) रक्त की जमाव क्रिया में मदद करना
(c) प्लाज्मा बनाना
(d) उपर्युक्त सभी

Answer

Answer: (b) रक्त की जमाव क्रिया में मदद करना


Question 2.
प्लाज्मा है?
(a) प्लेटलैट
(b) प्लाज्मा
(c) प्रोटीन
(d) रक्त का एक तरल भाग

Answer

Answer: (c) प्रोटीन


Question 3.
प्रोटीन क्या काम करती है?
(a) रक्त नली की कटी-फटी दीवार में जाला-सा बुन देती है
(b) प्लेटलेट्स बनाना
(c) रक्त का संचालन करना
(d) उपर्युक्त सभी

Answer

Answer: (a) रक्त नली की कटी-फटी दीवार में जाला-सा बुन देती है


Question 4.
कौन से कण जाले में चिपकते हैं?
(a) प्लाज्मा
(b) लाल कण
(c) प्लेटलेट्स
(d) उपर्युक्त सभी

Answer

Answer: (a) प्लाज्मा


(5)

“लेकिन ज़रूरत के समय यदि उस रक्त-समूह का कोई व्यक्ति मिले ही नहीं तब?” अनिल ने पूछा। “ऐसी आपातस्थिति के लिए ही ब्लड-बैंक बनाए गए हैं। प्रायः हर बड़े अस्पताल में इस तरह के बैंक होते हैं, जहाँ, सभी प्रकार के रक्त-समूहों का रक्त तैयार रखा जाता है किंतु इन ब्लड-बैंकों में रक्त का भंडार सुरक्षित रहे, इसके लिए यह आवश्यक है कि हम समय-समय पर रक्तदान करते रहें,” दीदी ने कहा।

Question 1.
ज़रूरत के समय यदि उस रक्त-समूह का कोई व्यक्ति न मिले तो हमें क्या करना चाहिए?
(a) किसी भी रक्त समूह का प्रयोग करना चाहिए।
(b) ब्लड बैंक जाना चाहिए।
(c) पड़ोसियों की मदद लेना चाहिए।
(d) इनमें से कोई नहीं।

Answer

Answer: (b) ब्लड बैंक जाना चाहिए।


Question 2.
ब्लड बैंक क्या है?
(a) जहाँ खून जमा किया जाता है।
(b) जहाँ पर सभी तरह के रक्त समूहों का खून एकत्रित होता है।
(c) जहाँ खून बनाया जाता है।
(d) उपर्युक्त सभी

Answer

Answer: (b) जहाँ पर सभी तरह के रक्त समूहों का खून एकत्रित होता है।


Question 3.
ब्लड बैंक में रक्त कहाँ से आता है?
(a) पशु-पक्षियों से
(b) विदेशों से
(c) कृत्रिम निर्माण से
(d) मनुष्यों से

Answer

Answer: (d) मनुष्यों से


Question 4.
रक्त-समूहों से तात्पर्य क्या है?
(a) जहाँ विभिन्न समूहों का रक्त पाया जाता है।
(b) अलग-अलग तरीके से रक्त संग्रह करना
(c) रक्त को वर्गों में बाँटना
(d) उपर्युक्त सभी तरीके।

Answer

Answer: (a) जहाँ विभिन्न समूहों का रक्त पाया जाता है।


(6)

दिव्या अनिल की छोटी बहन है। यों तो वह शुरू से ही कमज़ोर है, लेकिन इधर कुछ दिनों से उसे हर समय थकान महसूस होती रहती है। मन किसी काम में नहीं लगता, भूख भी पहले से कम हो गई है। अस्पताल में उसे डॉक्टर ने देखा तो कहा, “लगता है, दिव्या के शरीर में रक्त की कमी हो गई है। जाँच कराकर देखते हैं।” यह कहकर उन्होंने दिव्या को रक्त की जाँच के लिए पास के एक कमरे में भेज दिया। वहाँ अनिल को अपनी ही जान-पहचान की डॉक्टर दीदी दिखाई दी।

Question 1.
दिव्या कौन है?

Answer

Answer: दिव्या अनिल की छोटी बहन है।


Question 2.
दिव्या के शरीर में किस चीज़ की कमी है ?

Answer

Answer: दिव्या के शरीर में रक्त की कमी थी।


Question 3.
डॉक्टर ने दिव्या को देखकर क्या कहा?

Answer

Answer: डॉक्टर ने दिव्या को देखकर कहा कि लगता है कि इसके शरीर में खून की कमी है।


Question 4.
डॉक्टर दीदी ने दिव्या और अनिल को कहाँ भेजा?

Answer

Answer: डॉक्टर ने दिव्या और अनिल को पास ही एक कमरे में रक्त जाँच करवाने के लिए भेजा।


Question 5.
डॉक्टर दीदी ने क्या किया?

Answer

Answer: डॉक्टर दीदी ने दिव्या की उँगली से रक्त की कुछ बूंदें एक छोटी शीशी में डाल दी और स्लाइड पर लगा दी।


(7)

यदि हम एक मिलीलीटर रक्त लें तो उसमें हमें चालीस से पचपन लाख कण मिलेंगे। इनके कारण ही हमें रक्त लाल रंग का नज़र आता है। ये कण शरीर के लिए दिन-रात काम करते हैं। साँस लेने पर साफ़ हवा से जो ऑक्सीजन तुम प्राप्त करते हो उसे शरीर के हर हिस्से में पहुँचाने का काम इन कणों का ही है। इनका जीवनकाल लगभग चार महीने होता है। चार महीने के होते-होते ये नष्ट हो जाते हैं, लेकिन एक साथ नहीं, धीरे-धीरे। कुछ आज, कुछ कल, कुछ उससे अगले दिन…।” “तब तो कुछ ही महीनों में ये खत्म हो जाते होंगे”, अनिल ने कहा। यह सुनकर डॉक्टर दीदी मुसकरा उठीं, बोलीं, “नहीं, ऐसा नहीं होता। शरीर में हर समय नए कण बनते रहते हैं। हड्डियों के बीच के भाग मज्जा में ऐसे बहुत से कारखाने होते हैं, जो रक्त कणों के निर्माण कार्य में लगे रहते हैं। इनके लिए इन कारखानों को प्रोटीन, लौहतत्व और विटामिन रूपी कच्चे माल की ज़रूरत होती है।

Question 1.
रक्त की एक बूंद में कितने कण होते हैं ?

Answer

Answer: रक्त की एक बूंद में लाखों कण होते हैं।

Question 2.
एक मिलीलीटर रक्त में कितने लाल रक्त कण होते हैं ?

Answer

Answer: एक मिलीलीटर रक्त में 40-55 लाख लाल रक्त कण होते हैं।


Question 3.
रक्त कण लाल क्यों नज़र आते हैं?

Answer

Answer: रक्त कण लाल इसलिए नज़र आते हैं, क्योंकि इसकी एक बूंद में इसकी संख्या लाखों में होती है। एक मिलीलीटर रक्त में 40-50 लाख कण मिलते हैं।


Question 4.
नए रक्त कणों का निर्माण कहाँ होता है ?

Answer

 


Question 5.
लाल रक्त-कण का जीवन काल कितना होता है?

Answer

Answer: लाल रक्त कण का जीवन काल लगभग चार महीने होता है। चार महीने होते-होते ये नष्ट हो जाते हैं, लेकिन धीरे-धीरे।


Question 6.
निर्माण का विपरीतार्थक क्या है?

Answer

Answer: ‘निर्माण’ शब्द का विलोम शब्द होता है, ‘विध्वंस’


(8)

यों तो एनीमिया बहुत से कारणों से हो सकता है, किंतु हमारे देश में इसका सबसे बड़ा कारण पौष्टिक आहार की कमी है। इसके अलावा इस रोग का एक और बड़ा कारण है पेट में कीड़ों का हो जाना। ये कीड़े प्रायः दूषित जल और खाद्य पदार्थों द्वारा हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं। अतः इनसे बचने के लिए यह आवश्यक है कि हम पूरी सफ़ाई से बनाए गए खाद्य पदार्थ ही ग्रहण करें। भोजन करने से पूर्व अच्छी तरह से हाथ धो लें और साफ़ पानी ही पिएँ। और हाँ, अनिल एक किस्म के कीड़े भी हैं, जिनके अंडे ज़मीन की ऊपरी सतह में पाए जाते हैं। इन अंडों से उत्पन्न हुए लार्वे त्वचा के रास्ते शरीर में प्रवेश कर आँतों में अपना घर बना लेते हैं। इनसे बचने का सहज उपाय है कि शौच के लिए हम शौचालय का ही प्रयोग करें और इधर-उधर नंगे पैर न घूमें।”

Question 1.
एनीमिया का सबसे बड़ा कारण क्या है?

Answer

Answer: एनीमिया का सबसे बड़ा कारण पौष्टिक आहार का ग्रहण नहीं कर पाना होता है। पौष्टिक आहार की कमी से एनीमिया रोग उत्पन्न होता है।


Question 2.
पेट के कीड़े क्यों होते हैं ? ये शरीर में कैसे प्रवेश करते हैं?

Answer

Answer: पेट के कीड़े दूषित जल पीने और दूषित खाद्य पदार्थों के सेवन से हमारे शरीर में प्रवेश करते हैं।


Question 3.
भोजन करने से पूर्व हमें क्या करना चाहिए?

Answer

Answer: भोजन करने से पहले हमें हाथ अच्छी तरह धो लेने चाहिए।


Question 4.
पेट के कीड़े से बचने के लिए क्या-क्या उपाय किए जाने चाहिए।

Answer

Answer: पेट के कीड़े से बचने के लिए यह आवश्यक है कि हम पूरी सफ़ाई से बनाए गए खाद्य पदार्थ ही ग्रहण करें। भोजन करने से पहले हाथों को अच्छी तरह से धो लेना चाहिए तथा केवल साफ़ पानी ही पीना चाहिए।


Question 5.
पेट के कीड़ों के लार्वे शरीर में कहाँ अपना घर बना लेते हैं?

Answer

Answer: पेट के कीड़ों के लार्वे शरीर के आँतों में अपना घर बना लेते हैं।


(9)

“नहीं, अभी तुम छोटे हो। अट्ठारह वर्ष से अधिक उम्र के स्वस्थ व्यक्ति ही रक्तदान कर सकते हैं। एक समय में उनसे लगभग 300 मिलीलीटर रक्त ही लिया जाता है। प्रायः यह समझा जाता है कि रक्तदान करने से कमज़ोरी हो जाएगी, किंतु यह विचार बिलकुल निराधार है। हमारा शरीर रक्त तो कुछ ही दिनों में बना लेता है। वैसे भी शरीर में लगभग पाँच लीटर खून होता है। इसमें से यदि कुछ किसी ज़रूरतमंद व्यक्ति के लिए जीवन-दान बन जाए तो इससे बड़ी बात क्या होगी!” दीदी समझाते हुए बोलीं।

Question 1.
कितने वर्ष की उम्र से व्यक्ति रक्तदान कर सकता है और कितना?

Answer

Answer: अट्ठारह वर्ष से अधिक उम्र के स्वस्थ व्यक्ति ही रक्तदान कर सकते हैं। एक समय में कोई भी व्यक्ति 300 मिलीलीटर तक रक्तदान कर सकता है।


Question 2.
क्या रक्तदान से शरीर में कमज़ोरी आ जाती है?

Answer

Answer: रक्तदान करने से शरीर में किसी प्रकार की कोई कमज़ोरी नहीं आती, जितना रक्त हम दान करते हैं, कुछ दिनों बाद ही शरीर में उतना रक्त बन जाता है।


Question 3.
लोगों में कौन-सी धारणा फैली हुई है?

Answer

Answer: लोगों में यह धारणा फैली हुई है कि रक्तदान करने से शरीर कमजोर हो जाएगा। यह धारणा निराधार है।


Question 4.
हमारे शरीर में लगभग कितना रक्त होता है?

Answer

Answer: हमारे शरीर में लगभग पाँच लीटर रक्त होता है।


Question 5.
दान किए गए रक्त की क्षतिपूर्ति कैसे होती है?

Answer

Answer: दान किए गए रक्त की क्षतिपूर्ति हमारा शरीर कुछ ही दिनों में स्वयं कर लेता है।

प्रश्न अभ्यास

पाठ से

प्रश्न 1.
रक्त के बहाव को रोकने के लिए क्या करना चाहिए?
उत्तर:
रक्त के बहाव को रोकने के लिए घाव पर साफ़ कपड़े से कसकर पट्टी बाँधनी चाहिए, क्योंकि दबाव पड़ने पर रक्त का बहाव कम हो जाता है। फिर भी रक्त का बहाव न रुके, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

प्रश्न 2.
खून को भानुमती का पिटारा क्यों कहा जाता है?
उत्तर:
रक्त दिखने में लाल रंग का सामान्य सा द्रव होता है। सूक्ष्मदर्शी से देखने पर रक्त में लाल रक्त कणिकाएँ, श्वेत रक्त कणिकाएँ, प्लेटलैट, प्लाज्मा आदि पाए जाते हैं, इसीलिए रक्त को भानुमती का पिटारा कहा गया है।

प्रश्न 3.
एनीमिया से बचने के लिए हमें क्या-क्या खाना चाहिए?
उत्तर:
एनीमिया (रक्ताल्पता) से बचने के लिए हमें ऐसा संतुलित और पौष्टिक भोजन खाना चाहिए, जिसमें हरी सब्जियाँ, दूध, फल, अंडा और माँस शामिल हो। हमें इन वस्तुओं को अपने खाने में अवश्य शामिल करना चाहिए।

प्रश्न 4.
पेट में कीड़े क्यों हो जाते हैं? इनसे कैसे बचा जा सकता है?
उत्तर:
दूषित पानी और दूषित भोजन करने से हमारे पेट में कीड़े हो जाते हैं। इसके अलावा कुछ विशेष किस्म के कीड़ों के लार्वा त्वचा से होकर हमारे शरीर में प्रवेश कर आँतों . में पनपने लगते हैं।
बचाव के उपाय

  • हाथ, पैर व शरीर के अंग साफ़ करके ही भोजन करना चाहिए।
  • साफ-सफाई से बनाए भोजन को ही खाना चाहिए।
  • शौच के लिए शौचालय का ही प्रयोग करना चाहिए।
  • इधर-उधर नंगे पाँव नहीं घूमना चाहिए।

प्रश्न 5. रक्त के सफ़ेद कणों को ‘वीर सिपाही’ क्यों कहा गया है?
उत्तर:
रक्त के सफेद कगों को वीर सिपाही कहा जाता है क्योंकि –

  • रोग उत्पन्न करने वाले रोगाणुओं को सफ़ेद रक्त कण शरीर में नहीं आने देते हैं।
  • शरीर के अंदर आए रोगाणुओं से सफ़ेद रक्त कण डटकर मुकाबला करते हैं।
  • सफेद रक्त कण बहुत से रोगों से हमारी रक्षा करते

प्रश्न 6.
ब्लड-बैंक में रक्तदान से क्या लाभ है?
उत्तर:
ब्लड-बैंक में रक्तदान से अनेक लाभ हैं।
जैसे –

  • किसी भी व्यक्ति के लिए उसी के समूह का रक्त प्रदान किया जा सकता है।
  • आपातकाल में सुविधा से रक्त प्राप्त किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में हमें रक्तदाता को खोजना नहीं पड़ेगा।
  • रक्त समूह की समस्या मरीज़ के लिए बाधा नहीं बनेगी।
  • जाँच किया हुआ, रोगमुक्त रक्त मरीज़ को देकर उसका जीवन बचाया जा सकता है।
  • ब्लड-बैंक में रक्त उचित उपकरणों द्वारा सुरक्षित रखा जाता है, जिससे वह दूषित नहीं होने पाता है।

प्रश्न 7.
साँस लेने पर शुद्ध हवा से जो ऑक्सीजन प्राप्त होती है, उसे शरीर के हर हिस्से में कौन पहुँचाता
सफेद कण     लाल कण
साँस नली       फेफड़े।
उत्तर:
लाल कण।

पाठ से आगे

प्रश्न 1.
रक्त में हीमोग्लोबिन के लिए किस खनिज की आवश्यकता पड़ती है जस्ता शीशा लोहा प्लैटिनम
उत्तर:
लोहा।

प्रश्न 2.
बिंबाणु (प्लेटलैट कण) की कमी किस बीमारी में पाई जाती है –
टाइफाइड मलेरिया
डेंगू फ़ाइलेरिया
उत्तर:
डेंगू।

भाषा की बात

प्रश्न 1.
(क) चार महीने के होते-होते ये नष्ट हो जाते हैं –
इस वाक्य को ध्यान से पढिए। इस वाक्य में ‘होते-होते’ के प्रयोग से यह बताया गया है कि चार महीने से पूर्व ही ये नष्ट हो जाते हैं। इस तरह के पाँच वाक्य बनाइए जिनमें इन शब्दों का प्रयोग हो- बनते-बनते, पहुँचते-पहुँचते, लेते-लेते, करते-करते
उत्तर:
NCERT Solutions for Class 7 Hindi Vasant Chapter 6 रक्त और हमारा शरीर image - 1

(ख) इन प्रयोगों को पढ़िए –
सड़क के किनारे-किनारे पेड़ लगे हैं।
आज दूर-दूर तक वर्षा होगी।

इन वाक्यों में होते-होते’ की तरह “किनारे-किनारे’ और ‘दूर-दूर’ शब्द दोहराए गए हैं। पर हर वाक्य में अर्थ भिन्न है। किनारे-किनारे का अर्थ है-किनारे से लगा हुआ और दूर-दूर का-बहुत दूर तक।
आप भी निम्नलिखित शब्दों का प्रयोग करते हुए वाक्य बनाइए और उनके अर्थ लिखिए।
ठीक-ठीक, घड़ी-घड़ी, कहीं-कहीं, घर-घर, क्या-क्या
उत्तर:
ठीक-ठीक (बिल्कुल सही) – इस पुरानी किताब का दाम मैं एक सौ रुपए नहीं दूंगा।
ठीक-ठीक बताओ, तुम क्या लोगे?
घड़ी-घड़ी (थोड़े-थोड़े समय के बाद) – तुम पर विश्वास करना ठीक नहीं है। तुम घड़ी-घड़ी में अपनी बात बदलते जा रहे हो।
कहीं-कहीं (सब जगह नहीं) – इस विशाल रेगिस्तान में कहीं-कहीं छायादार पेड़ मिल जाएँगे।
घर-घर (प्रत्येक घर में) – सरकार द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण देने के बाद इस गाँव के घर-घर में छोटे-छोटे उद्योग-धंधे शुरू हो गए।
क्या-क्या (अनेक, कई) – यहाँ तक पहुँचने के लिए मैंने क्या-क्या कठिनाइयाँ उठाई हैं, यह सब आपको बताना मुश्किल है।

प्रश्न 2.
इस पाठ में दिए गए मुहावरों और कहावतों को पढ़िए और वाक्यों में प्रयोग कीजिए –
भानुमती का पिटारा, दस्तक देना, धावा बोलना, घर करना, पीठ ठोकना
उत्तर:
भानमती का पिटारा (अनेक वस्तुओं का संग्रह होना)-इस स्कूल के बस्ते में पुस्तकें, खेलने का सामान, खाने की वस्तुएँ, कपड़े, पुरानी पुस्तकें रखकर इसे भानुमती का पिटारा बना दिया है।

  • दस्तक देना (दरवाज़ा खटखटाना) – उसने नौकर से कहा कि देखना इतनी रात में दरवाजे पर कौन दस्तक दे रहा है?
  • धावा बोलना (अचानक हमला करना) – गाँव वालों को सोया जानकर डाकुओं ने रात में गाँव पर धावा बोल दिया।
  • घर करना (अच्छा लगना) – इन महापुरुष की ज्ञानभरी बातें मेरे मन में घर कर गईं।
  • पीठ ठोकना (प्रशंसा करना) – कक्षा में प्रथम आने पर प्रधानाचार्य ने प्रार्थना सभा में प्रशांत की पीठ ठोकी।

कुछ करने को

प्रश्न 1.
अपने परिवार के अट्ठारह वर्ष से पचास वर्ष तक की आयुवाले सभी स्वस्थ सदस्यों को रक्तदान के लिए प्रेरित कीजिए और समय आने पर स्वयं भी रक्तदान करने का संकल्प लीजिए।
उत्तर:
छात्र स्वयं करें।

प्रश्न 2.
शरीर-रचना का चित्र देखकर उसमें रक्तसंचार क्रिया को ठीक-ठीक समझिए।
उत्तर:
छात्र निम्नलिखित चित्र की सहायता से तथा माता-पिता की मदद से समझें।

प्रश्न 3.
नीचे दिए गए प्रश्नों के बारे में जानकारी एकत्र कीजिए
(क) ब्लू बेबी क्या है?
(ख) रक्त के जमाव की क्रिया में बिंबाणु (प्लेटलैट) का कार्य क्या है?
(ग) रक्तदान के लिए कम-से-कम कितनी उम्र होनी चाहिए?
(घ) कितने समय बाद दोबारा रक्तदान किया जा सकता है?
(ङ) क्या स्त्री का रक्त पुरुष को चढ़ाया जा सकता
उत्तर:
(क) ब्लू बेबी-ब्लू बेबी को ब्लू बेबी सिंड्रोम भी कहा जाता है। इसका प्रयोग नवजात शिशु की उस दशा के लिए किया जाता है जब उसके शरीर का रंग नीला पड़ जाता है। शिशु के शरीर का रंग नीला पड़ने का कारण यह है कि उसका हृदय असमान्य रूप से कार्य करता है और अशुद्ध रक्त को ऑक्सीजन उचित रूप में नहीं मिल पाती है। इसका निराकरण सर्वप्रथम 24 नवम्बर 1944 में जान हॉकिंस अस्पताल में आपरेशन द्वारा किया गया।
(ख) रक्तवाहिनी नलियाँ जब चोट लगने पर फट जाती है उस फटे स्थान को भरने के लिए कोशिकाओं का एक अत्यंत महीन सा जाल बन जाता है और प्लेटलैट्स अर्थात् बिंवाणु इसी जाल पर चिपक जाते हैं। कुछ समय उपरांत रक्त का बहाव रुक जाता है।
(ग) रक्तदान के लिए उम्र कम से कम अठारह साल होनी चाहिए।
(घ) सामान्यतः तीन महीने बाद दुबारा रक्तदान किया जा सकता है।
(ङ) यदि स्त्री या पुरुष के रक्त का समूह (group) एक समान है तो स्त्री का रक्त पुरुष को चढ़ाया जा सकता है।

प्रश्न 4.
शरीर के किसी अंग में अचानक रक्त-संचार रुक जाने से क्या-क्या परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं?
उत्तर:
शरीर के किसी अंग में अचानक रक्त संचार रुक जाने से निम्न परिस्थितियाँ उत्पन्न हो सकती हैं
1. सिर जैसे अति संवेदनशील अंग में रक्त संचार रुक जाने पर भयानक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं।
2. हाथ या पैर में अचानक रक्त-संचार रुकने पर
(क) उस स्थान पर काला धब्बा जैसा बन जाता है।
(ख) दर्द उत्पन्न हो सकता है।
(ग) कुछ दिनों में मवाद बन सकती हैं।
(घ) थोड़े समय के लिए उस स्थान या अंग विशेष में संज्ञा शून्यता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।


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