प्रश्न अभ्य
कविता से
प्रश्न 1.
‘बंसीवारे ललना’, ‘मोरे प्यारे’, ‘लाल जी’ कहते हुए यशोदा किसे जगाने का प्रयास करती हैं और वे कौन-कौन सी बातें कहती हैं?
उत्तर:
‘बंसीवारे ललना’, ‘मोरे प्यारे’,, ‘लाल जी’ कहते हुए यशोदा कृष्ण को जगाने का प्रयास करती है। वे निम्नलिखित बातें भी कहती हैं
- रात बीत गई है और अन्य घरों के दरवाजे खुल गए हैं।
- दही मथ रही हैं और उनके कंगन की आवाज़ आ रही है।
- ग्वाल-बाल शोर करते हुए जय-जयकार कर रहे हैं।
प्रश्न 2.
नीचे दी गई पंक्ति का आशय अपने शब्दों में लिखिए –
‘माखन-रोटी हाथ मँह लीनी, गउवन के रखवारे।’
उत्तर:
गायों के रखवाले अर्थात् ग्वाल-बाल कब के उठ (जाग) गए हैं। वे सब माखन-रोटी लेकर खाने जा रहे हैं।
प्रश्न 3.
पढ़े हुए पद के आधार पर ब्रज की भोर का वर्णन कीजिए।
उत्तर:
ब्रज में सुबह की गतिविधियाँ वातावरण को अत्यंत सजीव बना देती हैं। प्रातः काल ही बछड़े गायों का दुग्धपान करने के लिए बेचैन रहते हैं। ग्वाले इन गायों के चारे-पानी की व्यवस्था कर दूध निकालते हैं। ग्वालिन और अन्य बालाएँ दूध को घर ले जाती हैं। शाम के जमाए दूध (दही) को मथकर मक्खन निकालती हैं। दही बिलोते समय उनके कंगनों की आवाज़ सुनाई देती है।
प्रश्न 4.
मीरा को सावन मनभाव क्यों लगने लगा?
उत्तर:
मीरा को सावन मन-भावन लगने लगा क्योंकि सावन के महीने में आसमान काले-काले बादलों से ढक गया। सूर्यदेव भी छिप गए। शीतल हवा बहने लगी। बादलों से गिरती पानी की बूंदें, आसमान में चमकती बिजली, गरजते बादलों का शोर वातावरण को अत्यंत मनोरम बना देते हैं।
प्रश्न 5.
पाठ के आधार पर सावन की विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर:
पाठ के आधार पर सावन की विशेषताएँ –
- सावन के महीने में गर्मी कुछ कम हो जाती है।
- काले बादल छाते ही ठंडी हवाएं बहने लगती हैं।
- पानी बरसने लगता है बिजली चमकती है और बादल गर्जन करते हैं।
- धरती पर हरियाली छा जाती है। मनुष्य तथा पशुपक्षी सभी प्रसन्न हो जाते हैं।
कविता से आगे
प्रश्न 1.
मीरा भक्तिकाल की प्रसिद्ध कवयित्री थीं। इस काल के दूसरे कवियों के नामों की सूची बनाइए तथा उनकी एक-एक रचना का नाम लिखिए।
उत्तर:
प्रश्न 2.
सावन वर्षा ऋतु का महीना है, वर्षा ऋतु से संबंधित दो अन्य महीनों के नाम लिखिए।
उत्तर:
वर्षा ऋतु से संबंधित दो अन्य महीनों के नामआषाढ़, भादों।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1.
सुबह जगने के समय आपको क्या अच्छा लगता है?
उत्तर:
सुबह जगने के समय पक्षियों का कलरव, मंदिर से आती भजनों और बजते घंटे की आवाज़, रसोई से आती परांठों की खुशबू, बच्चों का कोलाहल तथा खिले हुए फूलों को देखना अच्छा लगता है।
प्रश्न 2.
यदि आपको अपने छोटे भाई-बहन को जगाना पड़े, तो कैसे जगाएँगे?
उत्तर:
छोटे भाई या बहन को प्यार से जगाते हुए उससे कहेंगे कि देखो, माँ ने परांठे बना लिए हैं। तुम्हें स्कूल भी तो जाना है। तुम्हारा मित्र बुलाने आने वाला है। अरे! थोड़ी ही देर में स्कूल बस का ड्राइवर हार्न बजाकर बुलाना शुरू कर देगा।
प्रश्न 3.
वर्षा में भीगना और खेलना आपको कैसा लगता है?
उत्तर:
वर्षा में भीगना और खेलना मुझे बहुत ही अच्छा लगता है। वर्षा की ठंडी बूंदें शरीर को शीतलता प्रदान करती है। वर्षा में एक-दूसरे पर गंदा पानी उछालकर भिगोना और खेलते हुए गिरकर कीचड़ में सराबोर होने तथा नहाने का-अपना अलग ही मज़ा है।
प्रश्न 4.
मीरा बाई ने सुबह का चित्र खींचा है। अपनी कल्पना और अनुमान से लिखिए कि नीचे दिए गए स्थानों की सुबह कैसी होती है
(क) गाँव, गली या मुहल्ले में
(ख) रेलवे प्लेटफॉर्म पर।
(ग) नदी या समुद्र के किनारे
(घ) पहाड़ों पर
उत्तर:
(क) गाँव, गली या मुहल्ले में – हमारी गली या मुहल्ले में प्रतिदिन प्रातः चार बजे से ही मंदिर से भजन की आवाज आने लगती है। पाँच बजे से ही दूध वाले हार्न बजाकर लोगों को दूध लेने के लिए जगाते हैं। कुछ बचचे पढ़ने तो कुछ खेलने के लिए उठ जाते हैं। जल्दी काम पर जाने वाले लोग मंडी या अन्य स्थानों पर जाते हैं। चारों ओर से बच्चों की आवाजें आने लगती हैं।
(ख) रेलवे प्लेटफॉर्म पर – सुबह होते ही चाय वाले, अख़बार वाले तथा कुछ अन्य फेरी लगाकर अपने सामान बेचने वालों का शोर सुनाई देता है। आने वाली गाड़ियों का समय निकट जानकर कुली प्लेटफार्म की ओर भागते हैं। यात्री भी प्लेटफॉर्म की ओर भागे जा रहे होते हैं।
(ग) नदी या समद्र किनारे – यहाँ प्रात:काल का दृश्य अत्यंत मनोहर होता है। नदी या सागर का पानी दूर-दूर तक पृथ्वी पर फैली नीली चादर जैसा दिखता है। चारों ओर शांतिपूर्ण वातावरण होता है। ठंडी शीतल हवा तन-मन को प्रसन्न कर देती है। नदी किनारे क्रीडारत पक्षियों की आवाजें नीरवता को भंग कर देती हैं।
(घ) पहाड़ों पर – प्रात:काल पहाड़ों की चोटियों से उठता धुआँ-सा वातावरण को धूमिल बनाता है। धूप निकल आने पर पहाड़ों की बर्फ चाँदी-सी चमकती प्रतीत होती है। ऐसा लगता है कि ये फिर प्रात:काल ईश्वर की आराधना में लीन हैं। दूर से आता पक्षियों का स्वर इनकी आराधना में बाधक नहीं बन पाता है।
भाषा की बात .
प्रश्न 1.
कृष्ण को ‘गउवन के रखवारे’ कहा गया है जिसका अर्थ है गौओं का पालन करनेवाले। इसके लिए एक शब्द दें।
उत्तर:
गउवन के रखवारे-‘ग्वाल’
प्रश्न 2.
नीचे दो पंक्तियाँ दी गई हैं। इनमें से पहली पंक्ति में रेखांकित शब्द दो बार आए हैं, और दूसरी पंक्ति में भी दो बार। इन्हें पुनरुक्ति (पुनः उक्ति) कहते हैं। पहली पंक्ति में रेखांकित शब्द विशेषण हैं और दूसरी पंक्ति में संज्ञा।
‘नन्ही-नन्ही बूंदन मंदा बरसै’
‘घर-घर खुले किंवारे’
इस प्रकार के दो-दो उदाहरण खोजकर वाक्य में प्रयोग कीजिए और देखिए कि विशेषण तथा संज्ञा की पुनरुक्ति के अर्थ में क्या अंतर है? जैसे-मीठी-मीठी बातें, फूल-फूल महके।
उत्तर:
संज्ञा और विशेषण की पुनरुक्ति में अंतर यह है कि संज्ञा शब्द के दोनों अर्थों में कुछ बदलाव आ जाता है, परंतु विशेषण शब्द का अर्थ ज्यों का त्यों रहता है।
कुछ करने को
प्रश्न 1.
कृष्ण को “गिरधर’ क्यों कहा जाता है? इसके पीछे कौन-सी कथा है? पता कीजिए और कक्षा में बताइए।
उत्तर:
कृष्ण को गिरधर इसलिए कहा जाता है क्योंकि ब्रज के लोग इंद्रदेव की पूजा करते थे। श्रीकृष्ण ने उन्हें गोवर्ध की पूजा करने के लिए कहा। लोगों ने गोवर्धन की पूजा की। इससे इंद्र कुपित हो गए। ब्रजवासियों को उनकी करनी का फल चखाने के उद्देश्य से इंद्र ने मूसलाधार बारिश शुरू कर दी। देखते ही देखते ब्रज के लोग और उनके मकान, पशु व सामान सब कुछ पानी में डूबने लगे। लोग भागे-भागे श्रीकृष्ण के पास गए। तब श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी उँगली पर उठा लिया और छाते जैसा बना लिया। लोग उसके नीचे आ गए। आखिर इंद्र को अपनी भूल स्वीकार करनी पड़ी, तबसे उन्हें गिरधर कहा जाता है।
