Chapter - 12 कंचा

MCQs

Question 1.
इस कहानी के लेखक का नाम बताएँ-
(a) पी० रामास्वामी
(b) पी० गोपालस्वामी
(c) टी० सुब्रह्मण्यम
(d) टी० पद्मनाभन्

Answer

Answer: (d) टी० पद्मनाभन्


Question 2.
काँच के बड़े-बड़े ज़ार कहाँ रखे थे?
(a) दुकान में
(b) मेज़ पर 188
(c) अलमारी में
(d) काउंटर पर

Answer

Answer: (c) अलमारी में


Question 3.
रामन मल्लिका किसकी हँसी उड़ा रहे थे।
(a) जॉर्ज की
(b) अप्पू की
(c) कंचों की
(d) उपर्युक्त सभी

Answer

Answer: (b) अप्पू की


Question 4.
अप्पू के विद्यालय के रास्ते में किसके पेड़ों की घनी छाँव थी?
(a) पीपल के
(b) नीम के
(c) आम के
(d) शीशम के

Answer

Answer: (b) नीम के


Question 5.
अप्पू का ध्यान किसकी कहानी पर केंद्रित था?
(a) सियार और कौआ की
(b) लोमड़ी और कौए की
(c) लोमड़ी और सारस की
(d) सियार और ऊँट की

Answer

Answer: (a) सियार और कौआ की


Question 6.
अप्पू को कंचा आकार में किस प्रकार का लग रहा था?
(a) बाल की तरह
(b) आँवले की तरह
(c) अंगूर की तरह
(d) नींबू की तरह

Answer

Answer: (b) आँवले की तरह


(1)

कौए ने गाने के लिए मुँह खोला तो रोटी का टुकड़ा ज़मीन पर गिर पड़ा। सियार उसे उठाकर नौ दो ग्यारह हो गया।
वह ज़ोर से हँसा।
बुधु कौआ।
वह चलते-चलते दुकान के सामने पहुँचा। वहाँ अलमारी में काँच के बड़े-बड़े ज़ार कतार में रखे थे। उनमें चॉकलेट, पिपरमेंट और बिस्कुट थे। उसकी नज़र उनमें से किसी पर नहीं पड़ी। क्यों देखे? उसके पिता जी उसे ये चीजें बराबर ला देते हैं।
फिर भी एक नए ज़ार ने उसका ध्यान आकृष्ट किया। वह कंधे से लटकते बस्ते का फीता एक तरफ़ हटाकर, उस ज़ार के सामने खड़ा टुकर-टुकर ताकता रहा।

Question 1.
किसने मुँह खोला?
(a) सियार ने
(b) कौए ने
(c) अप्पू ने
(d) मल्लिका ने

Answer

Answer: (b) कौए ने


Question 2.
ज़ोर से कौन हँस पड़ा
(a) कौए
(b) सियार
(c) अप्पू
(d) जॉर्ज

Answer

Answer: (c) अप्पू


Question 3.
दुकान के पास कौन पहुँचा?
(a) रामन
(b) अप्पू
(c) सियार
(d) जॉर्ज

Answer

Answer: (b) अप्पू


Question 4.
काँच के बड़े-बड़े जार कहाँ रखे थे?
(a) दुकान में
(b) मेज़ पर
(c) अलमारी में
(d) काउंटर पर

Answer

Answer: (c) अलमारी में


Question 5.
लड़के की नज़र किस ज़ार पर थी?
(a) चॉकलेटवाली ज़ार पर
(b) बिस्कुटवाले ज़ार पर
(c) कंचे की जार पर
(d) खिलौनेवाली ज़ार पर

Answer

Answer: (c) कंचे की जार पर


(2)

सब अपनी-अपनी जगह पर हैं। रामन अगली बेंच पर है। वह रोज़ समय पर आता है। तीसरी बेंच के आखिर में मल्लिका के बाद अम्मु बैठी है।
जॉर्ज दिखाई नहीं पड़ता।
लड़कों के बीच जॉर्ज ही सबसे अच्छा कंचे का खिलाड़ी है। कितना भी बड़ा लड़का उसके साथ खेले, जॉर्ज से मात खाएगा। हारने पर यों ही विदा नहीं हो सकता। हारे हुए को अपनी बंद मुट्ठी ज़मीन पर रखनी होगी। तब जॉर्ज बंद मुट्ठी के जोड़ों की हड्डी पर कंचा चलाता था।

Question 1.
उपर्युक्त गद्यांश के पाठ और उसके लेखक के नामवाला विकल्प छाँटकर लिखिए।
(a) अप्पू और कंचे टी० सुब्रह्मण्यम
(b) अप्पू और कंचा-पी० स्वामी
(c) कंचा-टी पद्मनाभन
(d) कंचा-पी गोपाल स्वामी

Answer

Answer: (c) कंचा-टी पद्मनाभन


Question 2.
उस दिन आखिरी बेंच पर किसे बैठना पड़ा?
(a) अप्पू को
(b) जॉर्ज को
(c) रामन को
(d) उपर्युक्त सभी

Answer

Answer: (a) अप्पू को


Question 3.
अप्पू कक्षा में किसे ढूँढ़ रहा था?
(a) कंचे
(b) बस्ता
(c) जॉर्ज
(d) इनमें से कुछ नहीं

Answer

Answer: (c) जॉर्ज


Question 4.
कंचे देखकर अप्पू को जॉर्ज की याद क्यों आई?
(a) क्योंकि वह उसके साथ खेलना चाहता था
(b) क्योंकि जॉर्ज कंचों का अच्छा खिलाड़ी था
(c) क्योंकि जॉर्ज अप्पू का घनिष्ठ मित्र था
(d) क्योंकि जॉर्ज ने अप्पू को बुलाया था।

Answer

Answer: (b) क्योंकि जॉर्ज कंचों का अच्छा खिलाड़ी था


Question 5.
जॉर्ज जीतने के बाद हारे हुए बच्चे को क्या करता था?
(a) वह हारे हुए बच्चों को सज़ा देता था
(b) वह हारे हुए बच्चों पर जुर्माना देता था
(c) हारे हुए बच्चे को अपनी मुट्ठी बंद करके ज़मीन पर रखनी पड़ती थी। वह बंद मुट्ठी के जोड़ों की हड्डी पर कंचा चलाता था
(d) हारनेवाले बच्चों को दुबारा मौका नहीं देता था।

Answer

Answer: (c) हारे हुए बच्चे को अपनी मुट्ठी बंद करके ज़मीन पर रखनी पड़ती थी। वह बंद मुट्ठी के जोड़ों की हड्डी पर कंचा चलाता था


(3)

कर्मठ मास्टर जी उस लड़के का चेहरा देखकर समझ गए कि उसके मन में और कुछ है। शायद उसने पाठ पर ध्यान दिया भी हो। अगर दिया है तो उसका जवाब उसके मन से बाहर ले आना है। इसी में उनकी सफलता है।
“हाँ, हाँ, बता। डरना मत।”
मास्टर जी ने देखा, अप्पू की ज़बान पर जवाब था।
“हाँ, हाँ…।”
वह काँपते हुए बोला-“कंचा।”
“कंचा…!”
वे सकपका गए।
कक्षा में भूचाल आ गया

Question 1.
मास्टर जी ने लड़के के बारे में क्या अनुमान लगा लिया?
(a) मन लगाकर पढ़ाई न करने का
(b) उसके गरीबी का
(c) मन अन्यत्र होने का
(d) उसकी बौद्धिक क्षमता का

Answer

Answer: (c) मन अन्यत्र होने का


Question 2.
मास्टर जी अपनी सफलता किसमें मान रहे थे?
(a) गृह कार्य पूरा कराने में
(b) कक्षा का अच्छी तरह संचालन करने पर
(c) प्रश्न का उत्तर मन से निकलवाने में
(d) प्रश्न का उत्तर याद कराने में

Answer

Answer: (c) प्रश्न का उत्तर मन से निकलवाने में


Question 3.
मास्टर जी द्वारा पूछे गए प्रश्न का अप्पू सही जवाब न दे सका। क्यों?
(a) क्योंकि जवाब कठिन था
(b) क्योंकि वह प्रश्न न समझ सका
(c) क्योंकि पाठ पर उसका ध्यान नहीं था
(d) उपर्युक्त सभी

Answer

Answer: (c) क्योंकि पाठ पर उसका ध्यान नहीं था


Question 4.
कक्षा में भूचाल क्यों आ गया?
(a) बाहर भूचाल आने के कारण
(b) मास्टर जी को काफ़ी गुस्सा आ गया
(c) अप्पू द्वारा उदंडता करने के कारण
(d) जवाब में कंचा शब्द सुनकर

Answer

Answer: (d) जवाब में कंचा शब्द सुनकर


Question 5.
‘कर्मठ’ विशेषण का प्रयोग किसके लिए किया गया है?
(a) अप्पू के लिए
(b) जॉर्ज के लिए
(c) मास्टर जी के लिए
(d) पूरी कक्षा के लिए

Answer

Answer: (c) मास्टर जी के लिए


(4)

एकाएक उसे शक हुआ। क्या सब कंचों में लकीर होगी?
उसने पोटली खोलकर देखने का निश्चय किया। बस्ता नीचे रखकर वह धीरे से पोटली खोलने लगा। पोटली खुली और सारे कंचे बिखर गए। वे सड़क के बीचोंबीच पहुंच रहे हैं।
क्षणभर सकपकाने के बाद वह उन्हें चुनने लगा। हथेली भर गई। वह चुने हुए कंचे कहाँ रखे?

Question 1.
अप्पू को क्या शक हुआ?
(a) कंचे कम तो नहीं हैं
(b) क्या कंचे के खेल में जॉर्ज से जीत पाएँगे
(c) क्या सभी कंचों में लकीर है
(d) क्या कंचे को देखकर माँ नाराज़ होगी।

Answer

Answer: (c) क्या सभी कंचों में लकीर है


Question 2.
पोटली खोलने का निश्चय किसने किया?
(a) माँ ने
(b) मास्टर जी ने
(c) जॉर्ज ने
(d) अप्पू ने

Answer

Answer: (d) अप्पू ने


Question 3.
वह पोटली खोलने की कोशिश क्यों कर रहा था?
(a) कंचे गिनना चाहता था
(b) वह कंचे देखना चाहता था
(c) कंचे से खेलना चाहता था
(d) कंचे किसी को देना चाहता था।

Answer

Answer: (b) वह कंचे देखना चाहता था


Question 4.
पोटली खुलने के बाद क्या हुआ?
(a) कंचे इधर-उधर बिखर गए
(b) कंचे बच्चों ने लूटली
(c) कंचे गड्डे में गिए गए
(d) इनमें कोई नहीं

Answer

Answer: (a) कंचे इधर-उधर बिखर गए


Question 5.
कंचे कहाँ तक फैल गए थे?
(a) पूरे कक्षा में
(b) गड्ढे में
(c) पूरे घर में
(d) सड़क के बीचोंबीच

Answer

Answer: (d) सड़क के बीचोंबीच


(5)

पूरे ज़ार में कंचे हैं। हरी लकीरवाले बढ़िया सफ़ेद गोल कंचे। बड़े आँवले जैसे। कितने खूबसूरत हैं! अब तक ये कहाँ थे? शायद दुकान के अंदर। अब दुकानदार ने दिखाने के लिए बाहर रखा होगा।
उसके देखते-देखते ज़ार बड़ा होने लगा। वह आसमान-सा बड़ा हो गया तो वह भी उसके भीतर आ गया। वहाँ और कोई लड़का तो नहीं था। फिर भी उसे वही पसंद था। छोटी बहन के हमेशा के लिए चले जाने के बाद वह अकेले ही खेलता था।

Question 1.
ज़ार में कैसे कंचे थे?

Answer

Answer: ज़ार में आँवले के आकार के हरी लकीरवाले बढ़िया सफ़ेद गोल कंचे थे। कंचे इतने खूबसूरत थे कि अप्पू उन्हें देखते ही उनकी ओर आकर्षित हो गया।


Question 2.
‘उसके देखते-देखते ज़ार बड़ा हो गया’ का अभिप्राय क्या है?

Answer

Answer: ‘उसके देखते-देखते ज़ार बड़ा हो गया’ का अभिप्राय है अप्पू कल्पना की दुनिया में खो गया।


Question 3.
वह अकेला क्यों खेलता था?

Answer

Answer: उसकी छोटी बहन की मृत्यु हो गई थी, इसलिए वह अकेला खेलता था।


Question 4.
अप्पू किस दुनिया में खो गया?

Answer

Answer: अप्पू ने जब कंचों से भरे ज़ार को देखा तो उसी दुनिया में खो गया। उसे लगने लगा कि देखते-देखते ज़ार बड़ा हो गया इतना बड़ा कि वह भी ज़ार के अंदर आ गया और कोई खेलनेवाला भी उसके साथ नहीं था लेकिन फिर भी वह खुश था।


(6)

अरे हाँ! जॉर्ज को बुखार है न! उसे रामन ने यह सूचना दी थी। उसने मल्लिका को सब बताया था। जॉर्ज का घर रामन के घर के रास्ते में पड़ता है।
अप्पू कक्षा की तरफ़ ध्यान नहीं दे रहा है।
मास्टर जी!
उसने हड़बड़ी में पुस्तक खोलकर सामने रख ली। रेलगाड़ी का सबक था। रेलगाड़ी…रेलगाड़ी। पृष्ठ सैंतीस। घर पर उसने यह पाठ पढ़ लिया है।
मास्टर जी बीच-बीच में बेंत से मेज़ ठोकते हुए ऊँची आवाज़ में कह रहे थे-“बच्चो! तुममें से कई ने रेलगाड़ी देखी होगी। उसे भाप की गाड़ी भी कहते हैं क्योंकि उसका यंत्र भाप की शक्ति से ही चलता है। भाप का मतलब पानी से निकलती भाप से है। तुम लोगों के घरों के चूल्हे में भी…।”

Question 1.
जॉर्ज कौन है? वह स्कूल क्यों नहीं आया?

Answer

Answer: जॉर्ज अप्पू की कक्षा में पढ़ने वाला छात्र है, वह लड़कों के बीच सबसे अच्छा कंचे का खिलाड़ी है। उसे आज बुखार है इसलिए वह स्कूल नहीं आया।


Question 2.
मास्टर जी कौन-सा पाठ पढ़ा रहे थे?

Answer

Answer: मास्टर जी ‘रेलगाड़ी’ का पाठ पढ़ा रहे थे।


Question 3.
मास्टर जी किस मुद्रा में बच्चों को समझा रहे थे?

Answer

Answer: मास्टर जी के हाथ में बेंत थी। उस बेंत से वे मेज़ को ठोककर ऊँची आवाज़ में ज़ोर-ज़ोर से पढ़ा रहे थे। वे कह रहे थे बच्चो! तुममे से कइयों ने रेलगाड़ी देखी होगी। इसे भाप गाड़ी भी कहते हैं।


Question 4.
मास्टर जी रेलगाड़ी के बारे में क्या जानकारी दे रहे थे?

Answer

Answer: मास्टर जी रेलगाड़ी के बारे में बता रहे थे कि इसे भाप की गाड़ी भी कहते हैं, क्योंकि इसका इंजन भाप की शक्ति से चलता है। भाप पानी से निकलती है। यह घरों के चूल्हों पर भी निकलती है।


(7)

रोकने की पूरी कोशिश करने पर भी वह अपना दुख रोक नहीं सका। सुबकता रहा।
रोते-रोते उसका दुख बढ़ता ही गया। सब उसकी तरफ़ देख-देखकर उसकी हँसी उड़ा रहे हैं। रामन, मल्लिका…सब ।
बेंच पर खड़े-खड़े उसने सोचा, दिखा दूंगा सबको। जॉर्ज को आने दो। जॉर्ज जब आए…जॉर्ज के आने पर वह कंचे खरीदेगा। इनमें से किसी को वह खेलने नहीं बुलाएगा। कंचे को देख ये ललचाएँगे। इतना खूबसूरत कंचा है।
हरी लकीरवाले सफ़ेद गोल कंचे। बड़े आँवले जैसे।
तब…
शक हुआ। कंचा मिलें कैसे? क्या माँगने पर दुकानदार देगा? जॉर्ज को साथ लेकर पूछे तो, नहीं दे तो?
“किसी को शक हो तो पूछ लो।”
मास्टर जी ने उस घंटे का सबक समाप्त किया?

Question 1.
अप्पू क्यों सुबक रहा था?

Answer

Answer: अप्पू इसलिए सुबक रहा था क्योंकि कक्षा में पाठ पर ध्यान न देने के कारण मास्टर जी ने उसे डाँटकर बेंच पर खड़ा कर दिया था, इसलिए अप्पू सुबक रहा था।


Question 2.
कौन रो रहा था और उसका दुख क्यों बढ़ता जा रहा था?

Answer

Answer: अप्पू रो रहा था। उसका सहपाठी उसकी ओर देखते हुए मुंसकरा रहे थे और उसकी हँसी उड़ा रहे थे, इसलिए अप्पू का दुख बढ़ता जा रहा था।


Question 3.
बेंच पर खड़ा-खड़ा किसने, क्या सोचा?

Answer

Answer: बेंच पर खड़ा-खड़ा अप्पू सोच रहा था कि जॉर्ज के आने के बाद वह कंचा खरीदेगा। इनमें वह किसी को खेलने नहीं बुलाएगा। कंचे को देखकर ये सभी ललचाएँगे। यह इतना खूबसूरत कंचा है।


Question 4.
अप्पू के अनुसार कंचे किस प्रकार के थे?

Answer

Answer: अप्पू के अनुसार, कंचों को देख सभी ललचेंगे, क्योंकि वह जो कंचे खरीदने वाला था, वे बहुत खूबसूरत थे। आँवले जैसे थे। वे हरी लकीरवाले सफ़ेद कंचे थे।

Question 5.
मास्टर जी ने बच्चों से क्या पूछा?

Answer

Answer: ‘इतना खूबसूरत कंचा है’ में ‘इतना’ शब्द प्रविशेषण है।


(8)

उसका जी चाहता था-काश! पूरा ज़ार उसे मिल जाता। ज़ार मिलता तो उसके छूने से ही कंचे को छूने का अहसास होता। एकाएक उसे शक हुआ। क्या सब कंचों में लकीर होगी?
उसने पोटली खोलकर देखने का निश्चय किया। बस्ता नीचे रखकर वह धीरे से पोटली खोलने लगा। पोटली खुली और सारे कंचे बिखर गए। वे सड़क के बीचोंबीच पहुँच रहे हैं।

Question 1.
उसका जी क्या चाहता था?

Answer

Answer: अप्पू का जी चाह रहा था कि उसे कंचों का पूरा ज़ार मिल जाता तो कितना अच्छा होता। वह ज़ार को छूना चाहता था।


Question 2.
पोटली खुलने पर क्या हुआ?

Answer

Answer: पोटली खुलने पर सारे कंचे बिखर गए और सड़क के बीचोंबीच फैल गए।


Question 3.
पोटली खोलकर देखने की कोशिश कौन कर रहा था?

Answer

Answer: पोटली खोलकर देखने की कोशिश अप्पू कर रहा था।


Question 4.
अप्पू बार-बार कंचे को क्यों देख रहा था?

Answer

Answer: अप्पू बार-बार कंचे को इसलिए देख रहा था क्योंकि कंचे देखने की चाहत को वह छिपा नहीं पा रहा था।


Question 5.
कंचे कहाँ तक फैल गए?

Answer

Answer: कंचा सड़क के बीचोंबीच तक फैल गया था।

प्रश्न अभ्यास

कहानी से

प्रश्न 1.
कंचे जब जार से निकलकर अप्पू के मन की कल्पना में समा जाते हैं, तब क्या होता है?
उत्तर:
कंचे जब जार से निकलकर अप्पू के मन की कल्पना में समा जाते हैं, तो देखते ही देखते जार आसमान जैसा बड़ा होने लगता है। अप्पू भी उसी जार के अंदर आ जाता है। वहाँ कोई और नहीं है। वह कंचे चारों ओर बिखेरता हुआ मज़े से खेलने में व्यस्त हो जाता है।

प्रश्न 2.
दुकानदार और ड्राइवर के सामने अप्पू की क्या स्थिति है? वे दोनों उसको देखकर पहले परेशान होते हैं, फिर हँसते हैं। कारण बताइए।
उत्तर:
दुकानदार और ड्राइवर के सामने अप्पू की स्थिति बेवकूफ लड़के की है क्योंकि वह दुकानदार से उतने कंचे खरीदता है, जितने कभी किसी बच्चे ने एक साथ नहीं खरीदे थे और कार से बेखबर बीच सड़क पर अपनी जान की परवाह किए बिना कंचे समेट रहा है। वे (दुकानदार एवं ड्राइवर) कंचों के प्रति उसका समर्पण भाव देखकर हँसते हैं। वे सोचते हैं कि उसकी दृष्टि में कंचों से ज्यादा महत्त्वपूर्ण और कुछ नहीं है।

प्रश्न 3.
‘मास्टर जी की आवाज़ अब कम ऊँची थी। वे रेलगाड़ी के बारे में बता रहे थे।’ मास्टर जी की आवाज़ धीमी क्यों हो गई होगी? लिखिए।
उत्तर:
मास्टर जी की आवाज़ शुरू में तेज़ थी, ताकि बच्चों का ध्यान उस सवक की ओर केंद्रित हो जाए और बच्चों का शोर थम जाए। बच्चों का ध्यान केंद्रित हो गया था। इसलिए उनकी आवाज़ कम हो गई होगी।

कहानी से आगे

प्रश्न 1.
कंचे, गिल्ली-डंडा, गेंदतड़ी (पिठू) जैसे गली-मोहल्लों के कई खेल ऐसे हैं जो बच्चों में बहुत लोकप्रिय हैं। आपके इलाके में ऐसे कौन-कौन से खेल खेले जाते हैं? उनकी एक सूची बनाइए।
उत्तर:
हमारे इलाके में कबड्डी, गिल्ली-डंडा, कंचे, छिपम-छिपाई, लंगड़ी-दौड़, बैडमिंटन, पिठू, लूडो, कैरम, ताश आदि खेल खेले जाते हैं।

प्रश्न 2.
किसी एक खेल को खेले जाने की विधि को अपने शब्दों में लिखिए।
उत्तर:
कबड्डी खेले जाने की विधि इस खेल में बच्चों (खिलाड़ियों) को उपलब्ध संख्या के अनुसार दो वर्गों में बाँट दिया जाता है। प्रत्येक वर्ग में सात या नौ खिलाड़ी होते हैं। एक निर्णायक होता है, जिसका निर्णय दोनों पक्षों को मानना पड़ता है। इसमें खेल के मैदान के बीच में एक रेखा बनाई जाती है। इस रेखा के दोनों ओर खिलाड़ियों को निश्चित दूरी पर खड़ा किया जाता है। एक पक्ष का एक खिलाड़ी ‘कबड्डी-कबड्डी’ कहता हुआ दूसरी ओर जाता है। दूसरी ओर के खिलाड़ी उसे पकड़ने की कोशिश करते हैं।

यदि वह खिलाड़ी साँस टूटने से पहले, बीच की लाइन नहीं छू पाता है, तो उसे मरा हुआ मान लेते हैं और यदि ‘कबड्डी-कबड्डी’ कहता हुआ लाइन को छू लेता है, तो दूसरी ओर के खिलाड़ी को मरा मान लेते हैं। ऐसा ही दूसरी ओर का खिलाड़ी करता है। मरा खिलाड़ी बाहर बैठ जाता है। जिस पक्ष के ज़्यादा खिलाड़ी मैदान में बच जाते हैं, उसी समूह को विजयी घोषित कर दिया जाता है। कभी-कभी यह खेल मरे खिलाड़ी को बाहर न बिठाकर विपक्ष को अंक प्रदान करके खेला जाता है। निश्चित समय में ज्यादा अंक अर्जित करने वाले समूह को विजयी घोषित किया जाता है।

अनुमान और कल्पना

प्रश्न 1.
जब मास्टर जी अप्पू से सवाल पूछते हैं तो वह कौन-सी दुनिया में खोया हुआ था? क्या आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है कि आप किसी दिन क्लास में रहते हुए भी क्लास से गायब रहे हों? ऐसा क्यों हुआ और आप पर उस दिन क्या गुजरी? अपने अनुभव लिखिए। .
उत्तर:
जब मास्टर जी अप्पू से सवाल पूछते हैं तो वह कंचों की दुनिया में खोया था। मेरे साथ भी ऐसा हुआ है कि मास्टरजी कक्षा में गणित में त्रिभुज का क्षेत्रफल पढ़ा रहे थे और मैं ख्यालों में खोया मेट्रो की वातानुकूलित यात्रा का आनंद ले रहा था। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि मैं उससे एक दिन पहले ही पिताजी के साथ मेट्रो की यात्रा करके आया था। मेरा ध्यान अन्यत्र समझकर मास्टरजी मुझसे हीरोन का सूत्र पूछ बैठे। मैंने हड़बड़ाकर सोचा कि कौन-से हीरो के विषय में बताऊँ? पूछ बैठा, कौन-सा हीरो …? मेरा इतना कहना था कि सारी कक्षा हँस पड़ी और मास्टर जी ने सारी कक्षा के सामने डाँटा-फटकारा और पिताजी को फोन करके सब कुछ बता दिया।

प्रश्न 2.
आप कहानी को क्या शीर्षक देना चाहेंगे?
उत्तर:
‘अप्पू और कंचे’ या ‘जार में नई वस्तु’।

प्रश्न 3.
गुल्ली-डंडा और क्रिकेट में कुछ समानता है और कुछ अंतर। बताइए, कौन-सी समानताएँ हैं और क्या-क्या अंतर हैं?
उत्तर:
गुल्ली-डंडा और क्रिकेट में समानताएँ

  • दोनों ही खेल घर से दूर मैदान में खेले जाते हैं।
  • दोनों ही खेलों से शारीरिक व्यायाम भली-भाँति होता है।
  • दोनों के खेलने की विधि में यह समानता है कि गुल्ली और गेंद दोनों को ही डंडे तथा बल्ले से दूर रखने का प्रयास किया जाता है।

अंतर:

  • गुल्ली-डंडा अत्यंत सस्ता तथा गाँवों में खेला जाने वाला खेल है, जबकि क्रिकेट अत्यंत महँगा तथा लोकप्रिय खेल है।
  • गुल्ली-डंडा कम-से-कम दो लोगों में भी खेला जा सकता है जबकि क्रिकेट के लिए नियमतः बाइस खिलाड़ी तथा दो अम्पायर चाहिए।
  • क्रिकेट अंतर्राष्ट्रीय खेल है तथा हर चौथे साल इसका विश्वकप आयोजित किया जाता है, जबकि गिल्ली-डंडा में ऐसा नहीं है।

भाषा की बात

नीचे दिए गए वाक्यों में रेखांकित मुहावरे किन भावों को प्रकट करते हैं? इन भावों से जुड़े दो-दो मुहावरे बताइए और उनका वाक्य में प्रयोग कीजिए।
माँ ने दाँतों तले उँगली दबाई।
सारी कक्षा साँस रोके हुए उसी तरफ देख रही है।
उत्तर:
‘दाँतों तले उँगली दबाना’ एवं ‘साँस रोके देखना’ मुहावरों से आश्चर्य का भाव प्रकट हो रहा है।
इन भावों से जुड़े मुहावरे, अर्थ एवं प्रयोग
दंग रह जाना – आश्चर्य में पड़ जाना-सरकस में छोटी बच्ची का करतब देख दर्शक दंग रह गए।
पैरों तले जमीन खिसक जाना – होश उड़ जाना अपने जनाधार को खोता देखकर नेता जी के पैरों तले जमीन खिसक गई।
हक्का – बक्का रह जाना – हैरान रह जाना-अपने घर में चोरी होने की बात सुनकर दरोगा जी हक्के-बक्के रह गए।
दम साधे बैठना – चुपचाप बैठना-शिकार को अपनी ओर आता देख शिकारी दम साधे बैठ गया।

प्रश्न 2.
विशेषण कभी-कभी एक से अधिक शब्दों के भी होते हैं। नीचे लिखे वाक्यों में रेखांकित हिस्से क्रमशः रकम और कंचे के बारे में बताते हैं, इसलिए वे विशेषण हैं।
NCERT Solutions for Class 7 Hindi Vasant Chapter 12 कंचा image - 1


इसी प्रकार के कुछ विशेषण नीचे दिए गए हैं इनका प्रयोग कर वाक्य बनाएँ
NCERT Solutions for Class 7 Hindi Vasant Chapter 12 कंचा image - 2
उत्तर:
NCERT Solutions for Class 7 Hindi Vasant Chapter 12 कंचा image - 3

कुछ करने को
मुंशी प्रेमचंद की कहानी ‘ईदगाह’ खोजकर पढ़िए। ‘ईदगाह’ कहानी में हामिद चिमटा खरीदता है और ‘कंचा’ कहानी में अप्पू कंचे। इन दोनों बच्चों में से किसकी पसंद को आप महत्त्व देना चाहेंगे? हो सकता है, आपके कुछ साथी चिमटा खरीदनेवाले हामिद को पसंद करें और कुछ अप्पू को। अपनी कक्षा में इस विषय पर वाद-विवाद का आयोजन कीजिए।
उत्तर:
मैं हामिद की पसंद को महत्त्व देना चाहूँगा। इस विषय पर कक्षा के छात्र स्वयं वाद-विवाद का आयोजन करें।


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