पाठ 9: चिड़िया (Chidiya) Class 8th Hindi (Malhar) NCERT Solution

चिड़िया — संपूर्ण हल | EduGrown
कक्षा 5 · हिंदी · मल्हार · पाठ 9

🐦 चिड़िया — संपूर्ण हल

कविता के सभी अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत, सरल व सीधे उत्तर — चरण दर चरण समझाइश के साथ

📖 कविता ✍️ पाठ से + पाठ से आगे 🕊️ आरसी प्रसाद सिंह
🖋️

कवि से परिचय

About the poet
आरसी प्रसाद सिंह का चित्र

आरसी प्रसाद सिंह (1911–1996) प्रकृति और जीवन-संघर्षों को अपनी रचनाओं में प्रमुखता से चित्रित करने वाले कवि हैं। वे अपनी रचनाओं में प्रेम, करुणा, त्याग-बलिदान, मुक्ति और मिल-जुलकर एक सुंदर संसार रचने की कल्पना करते रहे हैं।

जैसा कि ‘चिड़िया’ कविता में भी हमने पढ़ा — “चिड़िया बैठी प्रेम-प्रीति की रीति हमें सिखलाती है! वह जग के बंदी मानव को मुक्ति-मंत्र बतलाती है!” कलापी और आरसी उनके चर्चित कविता-संग्रह हैं।

पीपल के पेड़ पर बैठी चिड़िया
पीपल की ऊँची डाली पर बैठी चिड़िया — कविता का मुख्य दृश्य

📘 पाठ से (In-text Questions)

1

मेरी समझ से

Comprehension — MCQs
1कविता के आधार पर बताइए कि इनमें से कौन-सा गुण पक्षियों के जीवन में नहीं पाया जाता है?
  • प्रेम-प्रीति
  • मिल-जुलकर रहना
  • लोभ और पाप
  • निर्भय विचरण
✅ स्पष्टीकरण
कविता में स्पष्ट कहा गया है — “उनके मन में लोभ नहीं है, पाप नहीं, परवाह नहीं।” पक्षी न तो लालच करते हैं, न ग़लत काम — इसलिए ‘लोभ और पाप’ ही वह गुण है जो पक्षियों के जीवन में नहीं पाया जाता।
2“सब मिल-जुलकर रहते हैं वे, सब मिल-जुलकर खाते हैं” कविता की यह पंक्ति किन भावों की ओर संकेत करती है?
  • असमानता और विभाजन
  • प्रतिस्पर्धा और संघर्ष
  • समानता और एकता
  • स्वार्थ और ईर्ष्या
✅ स्पष्टीकरण
यह पंक्ति दिखाती है कि सभी पक्षी बिना किसी भेदभाव के एक साथ रहते और खाते हैं — कोई किसी से बड़ा-छोटा नहीं है। यह भावना पूर्णतः समानता और एकता को दर्शाती है।
3“वे कहते हैं, मानव! सीखो तुम हमसे जीना जग में” कविता में पक्षी मनुष्य से कैसा जीवन जीने के लिए कहते हैं?
  • आकाश में उड़ते रहना
  • बंधन में रहना
  • स्वच्छंद रहना
  • संचय करना
✅ स्पष्टीकरण
पक्षी कहते हैं — “हम स्वच्छंद और क्यों तुमने, डाली है बेड़ी पग में?” वे मनुष्य को बंधनों (सोने की कड़ियों) से मुक्त होकर स्वतंत्र व स्वच्छंद जीवन जीने की सीख देते हैं।
अब अपने मित्रों के साथ मिलकर चर्चा कीजिए और कारण बताइए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुने?
💬 यह एक चर्चा-गतिविधि है, इसका कोई निश्चित लिखित उत्तर नहीं है। ऊपर दी गई व्याख्याओं (★ चिह्नित उत्तर) के आधार पर अपने सहपाठियों के साथ चर्चा कर सकते हैं।
2

मिलकर करें मिलान

Match reference to meaning
संदर्भभाव
1. चिड़िया की बोली5. प्रेम और स्वतंत्रता का संदेश
2. सोने की कड़ियाँ1. बंधन और लालच
3. निर्भय विचरण4. स्वतंत्रता और निर्बाध जीवन
4. मुक्ति-मंत्र3. बंधन से मुक्ति
5. दिनभर काम2. श्रम और संतोष
3

पंक्तियों पर चर्चा

Discussing key lines
“चिड़िया बैठी प्रेम-प्रीति की रीति हमें सिखलाती है!”
✅ अर्थ
चिड़िया अपने व्यवहार से यह सिखाती है कि प्रेम और आपसी स्नेह से जीवन जीना चाहिए। पक्षी जिस तरह एक-दूसरे से प्रेमपूर्वक रहते हैं, वह मनुष्य के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
“उनके मन में लोभ नहीं है, पाप नहीं, परवाह नहीं”
✅ अर्थ
पक्षियों का जीवन निश्छल और निष्कपट होता है — उनमें न धन-संपत्ति का लालच है, न किसी के प्रति द्वेष या पाप-भावना, न सांसारिक चिंता। यह पंक्ति पक्षियों की निर्मल और संतोषी प्रवृत्ति को दर्शाती है, जो मनुष्य के लोभी स्वभाव से बिलकुल अलग है।
“सीमा-हीन गगन में उड़ते, निर्भय विचरण करते हैं”
✅ अर्थ
पक्षी असीम आकाश में बिना किसी सीमा या रोक-टोक के, बिना किसी डर के स्वतंत्र रूप से उड़ते और विचरण करते हैं। यह उनकी पूर्ण स्वतंत्रता और निर्भयता को दर्शाता है, जो बंधनों में जकड़े मनुष्य के जीवन के ठीक विपरीत है।
4

सोच-विचार के लिए

Think & answer
“सब मिल-जुलकर रहते हैं वे, सब मिल-जुलकर खाते हैं” पक्षियों के आपसी सहयोग की यह भावना हमारे लिए किस प्रकार उपयोगी है?
✅ उत्तर
यह भावना हमें सिखाती है कि मिल-जुलकर रहने और बाँटकर खाने से समाज में समानता, एकता और भाईचारा बना रहता है। यदि मनुष्य भी पक्षियों की तरह सहयोग व साझेदारी की भावना अपनाए, तो आपसी झगड़े कम होंगे, संसाधनों का उचित बँटवारा होगा और समाज अधिक सुखी व शांतिपूर्ण बनेगा।
“जो मिलता है, अपने श्रम से उतना भर ले लेते हैं” पक्षी अपनी आवश्यकता भर ही संचय करते हैं। मनुष्य का स्वभाव इससे भिन्न कैसे है?
✅ उत्तर
पक्षी केवल उतना ही लेते हैं जितनी उन्हें आवश्यकता होती है, और बचा हुआ हिस्सा दूसरों के लिए छोड़ देते हैं। इसके विपरीत, मनुष्य का स्वभाव अक्सर लालची होता है — वह ज़रूरत से कहीं अधिक धन-संपत्ति इकट्ठा करने की कोशिश करता है, चाहे इससे दूसरों को नुकसान ही क्यों न हो। यही असंतोष और लालच मनुष्य को पक्षियों से अलग करता है।
“हम स्वच्छंद और क्यों तुमने, डाली है बेड़ी पग में?” पक्षी को स्वच्छंद और मनुष्य को बेड़ियों में क्यों बताया गया है?
✅ उत्तर
पक्षी प्रकृति में स्वतंत्र रूप से बिना किसी बंधन के जीते हैं — वे जहाँ चाहें उड़ सकते हैं, जो चाहें कर सकते हैं। इसके विपरीत, मनुष्य ने स्वयं ही धन, लालच, सामाजिक बंधनों और भौतिक इच्छाओं की ‘सोने की कड़ियों’ में स्वयं को जकड़ लिया है। इसीलिए कवि कहते हैं कि पक्षी स्वच्छंद हैं जबकि मनुष्य स्वयं द्वारा बनाई गई बेड़ियों में बंधा हुआ है।
5

अनुमान और कल्पना से

Guess & imagine
1चिड़िया मनुष्य को स्वतंत्रता का संदेश देती है, आपके अनुसार मनुष्य के पास किन कार्यों को करने की स्वतंत्रता है और किन कार्यों को करने की स्वतंत्रता नहीं है?
✅ उत्तर
मनुष्य को अपनी पसंद की शिक्षा चुनने, अपने विचार व्यक्त करने, अपना पेशा चुनने और घूमने-फिरने जैसी स्वतंत्रताएँ प्राप्त हैं। परंतु सामाजिक नियमों, कानूनों, पारिवारिक ज़िम्मेदारियों और आर्थिक सीमाओं के कारण वह हर जगह मनचाहा कार्य करने, कहीं भी बस जाने या पूर्णतः निश्चिंत रहने की स्वतंत्रता नहीं रखता।
2चिड़िया और मनुष्य का जीवन एक-दूसरे से कैसे भिन्न है?
✅ उत्तर
चिड़िया का जीवन सरल, स्वतंत्र और संतोषी है — वह बिना लालच या भविष्य की चिंता किए, प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर जीती है। मनुष्य का जीवन इसके विपरीत जटिल, महत्वाकांक्षी और अक्सर चिंताओं व बंधनों से घिरा होता है — वह भविष्य के लिए संचय करता है, प्रतिस्पर्धा करता है और सामाजिक बंधनों में बँधा रहता है।
3चिड़िया कहीं भी अपना घर बना सकती है, यदि आपके पास चिड़िया जैसी सुविधा हो तो आप अपना घर कहाँ बनाना चाहेंगे और क्यों?
✅ नमूना उत्तर व्यक्तिगत विचार
मैं अपना घर किसी पहाड़ी क्षेत्र में, हरे-भरे जंगल के बीच बनाना चाहूँगा/चाहूँगी, क्योंकि वहाँ स्वच्छ हवा, शांत वातावरण और प्रकृति का सुंदर सामीप्य मिलेगा, जो शहर के शोर-शराबे से बिलकुल अलग और सुकूनदायक होगा।
4यदि आप चिड़िया की भाषा समझ सकते तो आप चिड़िया से क्या बातें करते?
✅ नमूना उत्तर
मैं चिड़िया से पूछता/पूछती कि आकाश में उड़ते समय दुनिया कैसी दिखती है, वह अपना घोंसला कैसे बनाती है, और वह इतने लंबे प्रवास की यात्राएँ कैसे तय करती है। मैं उससे यह भी जानना चाहूँगा/चाहूँगी कि वह बिना किसी नक़्शे के अपना रास्ता कैसे खोज लेती है।
6

कविता की रचना

Extend the poem — matching rhythmic style

“सब मिल-जुलकर रहते हैं वे, सब मिल-जुलकर खाते हैं” — रेखांकित शब्द लिखने-बोलने में एक जैसे हैं। अब आप भी इसी शैली में कविता को आगे बढ़ाइए—

संकेत — सब मिल-जुलकर हँसते हैं वे
सब मिल-जुलकर गाते हैं……
✅ नमूना उत्तर (रचनात्मक)
सब मिल-जुलकर हँसते हैं वे
सब मिल-जुलकर गाते हैं;
सब मिल-जुलकर उड़ते हैं वे
सब मिल-जुलकर आते हैं!

सब मिल-जुलकर बैठे रहते,
सब मिल-जुलकर सोते हैं;
सब मिल-जुलकर सुख-दुख में भी,
साथ एक-दूजे के होते हैं!
7

भाषा की बात

Identifying verbs (क्रिया)

‘गाती’ और ‘सुनाती’ रेखांकित शब्दों से चिड़िया के गाने और सुनाने के कार्य का बोध होता है। ऐसे शब्द जिनसे कार्य करने या होने का बोध हो, उन्हें क्रिया कहते हैं। कविता में से क्रिया शब्द ढूँढ़कर लिखिए और उनसे नए वाक्य बनाइए—

✅ उत्तर
क्रिया शब्दनया वाक्य
गाती हैमेरी बहन बहुत मधुर गाती है
सिखलाती हैमाँ हमें हर रोज़ कुछ नया सिखलाती है
रहते हैंहम सब मिल-जुलकर एक साथ रहते हैं
उड़ते हैंपक्षी आकाश में स्वतंत्र रूप से उड़ते हैं
ले लेते हैंवे केवल आवश्यकता भर वस्तु ले लेते हैं
तोड़ोअपने मन के डर को आज ही तोड़ो
सो जाते हैंपक्षी रात होते ही पेड़ों पर सो जाते हैं

📗 पाठ से आगे (Exercise Questions)

8

भावों की बात

Identify the emotion
नीचे दिए गए दृश्यों को पढ़कर उपयुक्त भाव चुनिए (एक से अधिक भाव भी हो सकते हैं)—
✅ नमूना उत्तर
दृश्यभाव
1. पक्षी के चहचहाने की आवाज़ सुनाई देनाआनंद, शांति
2. शाम को अनगिनत पक्षी एक साथ चहचहानाआनंद, आश्चर्य
3. गाय अपने बच्चे को दूध पिलानाममता, प्रेम
4. वाहन की खिड़की से कूड़ा फेंकनाक्रोध, घृणा
5. बच्चे का कागज़ कूड़ेदान में डालनागर्व, आभार
6. बिना हेलमेट तेज़ बाइक चलानाडर, चिंता
7. दो प्राणियों का लड़नाडर, दुख
8. दिव्यांग व्यक्ति का तिपहिया गाड़ी से यात्रा करनासहानुभूति, आदर
9. नेत्रहीनों के लिए ब्रेल लिपि बोर्ड लगनाआभार, संतोष
10. किसी को अपशब्द कहनाक्रोध, दुख
11. किसी भूखे को भोजन देनाकरुणा, संतोष
12. भाई का बहन को भोजन खिलानाप्रेम, आनंद
उपर्युक्त भावों में से आप कौन-से भाव कब-कब अनुभव करते हैं? भावों के नाम लिखकर उन स्थितियों के लिए एक-एक वाक्य लिखिए।
✅ नमूना उत्तर
  • आत्मविश्वास — जब मैं अकेले पड़ोस की दुकान से कुछ खरीदकर ले आता/आती हूँ।
  • आनंद — जब मैं अपने दोस्तों के साथ खेलता/खेलती हूँ।
  • चिंता — जब परीक्षा का परिणाम आने वाला होता है।
  • गर्व — जब मैं किसी प्रतियोगिता में पुरस्कार जीतता/जीतती हूँ।
  • करुणा — जब मैं किसी घायल पशु को तड़पते देखता/देखती हूँ।
9

आज की पहेली

Bird riddles

पक्षियों को पहचानकर सही चित्रों के साथ जोड़िए—

विभिन्न पक्षियों के चित्र — कबूतर, मैना, कौआ, हंस, तोता आदि
पहेलियों में वर्णित पक्षी
दिखने में हूँ हरा-हरा कहता हूँ सब खरा-खरा खाता हूँ मैं मिर्ची लाल कहते सब मुझे मिट्ठूलाल
उत्तर: तोता 🦜
रहता है घर के आस-पास रंग है उसका काला खास जो भी दोगे खाता है वो झुंड में आ जाता है वो
उत्तर: कौआ 🐦‍⬛
सुंदर काले मेरे नैन श्वेत श्याम है मेरे डैन उड़ता रहता हूँ दिन-रैन खेलूँ पानी में तो आए चैन
उत्तर: मैना
कूहू कूहू मधुर आवाज सुनाती घर अपना मैं कहाँ बनाती काली हूँ पर काक नहीं बतलाओ मैं क्या कहलाती
उत्तर: कोयल
संदेश पहुँचाना मेरा काम देता हूँ शांति का पैगाम करता हूँ मैं गुटर-गूँ आओगे पास तो हो जाऊँगा छू
उत्तर: कबूतर
पीता हूँ बारिश की बूँदें रखता हूँ फिर आँखें मूँदे देखो चकोर है मेरी साथी बिन उसके घूमूँ ऊँघें ऊँघें
उत्तर: चातक (पपीहा)
तन मेरा सफेद गर्दन मेरी लंबी नाम बताओ सच्ची-सच्ची कहलाता हूँ मैं जलपक्षी
उत्तर: हंस 🦢
10

चित्र की बात

Where should birds be seen?

इन तीनों चित्रों को ध्यान से देखिए और बताइए — आप पक्षियों को इनमें से कहाँ देखना पसंद करेंगे और क्यों?

शहर की इमारतें, पिंजरा और जंगल — तीन दृश्य
बायें से दाएँ: शहर की भीड़भरी इमारतों में फँसे पक्षी, पिंजरे में बंद पक्षी, खुले जंगल में स्वतंत्र पक्षी
✅ उत्तर
मैं पक्षियों को खुले जंगल में पेड़ों पर स्वतंत्र रूप से रहते हुए देखना पसंद करूँगा/करूँगी, क्योंकि यही उनका प्राकृतिक वातावरण है। कविता में भी पक्षियों को ‘सीमा-हीन गगन में उड़ते, निर्भय विचरण करते हुए’ दिखाया गया है — पिंजरे या भीड़भरे शहर में पक्षी न तो स्वतंत्र रह पाते हैं और न ही अपना प्राकृतिक जीवन जी पाते हैं।
11

निर्भय विचरण

Fearless wandering?

“सीमा-हीन गगन में उड़ते, निर्भय विचरण करते हैं” — इन पंक्तियों को पढ़िए और इन चित्रों को देखिए। इन्हें देखकर आपके मन में क्या विचार आ रहे हैं?

पिंजरेनुमा गाड़ी में बैठे पर्यटक और खुले जंगल में घूमता शेर
सफारी में पिंजरेनुमा गाड़ी में मनुष्य बंद हैं, जबकि शेर खुले जंगल में स्वतंत्र घूम रहा है
चिड़ियाघर में पिंजरों में बंद बंदर और शेर, बाहर घूमते दर्शक
चिड़ियाघर में बंद पशु और खुलेआम घूमते दर्शक
✅ उत्तर
इन चित्रों में यह विडंबना (irony) दिखाई गई है कि सफारी गाड़ी में मनुष्य पिंजरे जैसी संरचना में बंद हैं जबकि शेर खुले जंगल में स्वतंत्र घूम रहा है — यहाँ असल में पशु ही निर्भय विचरण कर रहा है, मनुष्य नहीं। वहीं चिड़ियाघर के चित्र में स्थिति उलट है — वहाँ पशु पिंजरों में बंद हैं और मनुष्य स्वतंत्र घूम रहे हैं। इन दोनों चित्रों की तुलना से यह विचार आता है कि स्वतंत्रता और बंधन की स्थिति परिस्थिति के अनुसार बदलती रहती है, और हर प्राणी को अपने प्राकृतिक वातावरण में स्वतंत्र रहने का अधिकार होना चाहिए।
12

साथ-साथ

Living together

“वन में जितने पंछी हैं, खंजन, कपोत, चातक, कोकिल; काक, हंस, शुक आदि वास करते सब आपस में हिलमिल!”

1वन में सारे पक्षी एक साथ रह रहे हैं, हमारे परिवेश में भी पशु-पक्षी साथ रहते हैं। हमारे परिवेश में उनका रहना क्यों आवश्यक है?
✅ उत्तर
पशु-पक्षी हमारे पारिस्थितिकी तंत्र (ecosystem) का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं — पक्षी बीज फैलाकर और कीट खाकर वनस्पतियों की रक्षा करते हैं, परागण (pollination) में सहायक होते हैं और प्रकृति का संतुलन बनाए रखते हैं। इनके बिना पर्यावरण असंतुलित हो सकता है।
2हम अपने आस-पास रहने वाले पशु-पक्षियों की सहायता कैसे कर सकते हैं?
✅ उत्तर
गर्मियों में उनके लिए पानी और दाने की व्यवस्था करके, पेड़ों की कटाई रोककर, उन्हें परेशान या घायल न करके, घोंसले बनाने के लिए सुरक्षित जगह छोड़कर, और उनके प्राकृतिक आवास को बचाकर हम पशु-पक्षियों की सहायता कर सकते हैं।
13

शब्द एक अर्थ अनेक

One word, many meanings

“उनके मन में लोभ नहीं है” में ‘मन’ का अर्थ ‘चित्त’ (बुद्धि) है, किंतु ‘मन’ के अन्य अर्थ भी हो सकते हैं (जैसे भार-मापक इकाई)। नीचे दिए शब्दों का अलग-अलग अर्थों में वाक्य-प्रयोग कीजिए—

✅ उत्तर
कर 1. सरकार ने नया कर (टैक्स) लगाया।
2. उसने अपना कर (हाथ) बढ़ाकर मदद माँगी।
3. अपना काम खुद कर (करना)।
जल 1. नदी में साफ़ जल (पानी) बहता है।
2. दीपक की लौ रात भर जल (जलना) रही थी।
अर्थ 1. इस शब्द का अर्थ (मतलब) क्या है?
2. उसके पास बहुत अर्थ (धन) है।
फल 1. बाज़ार में ताज़े फल (फल) मिलते हैं।
2. मेहनत का फल (परिणाम) मीठा होता है।
आम 1. गर्मियों में आम (फल) खूब खाया जाता है।
2. यह एक आम (सामान्य) बात है।
14

रचनात्मकता

Creative activities
खुले आसमान में, पेड़ों की टहनियों, छतों और भवनों पर बैठे या उड़ते पक्षियों के दृश्यों का कोलाज बनाकर कक्षा में प्रदर्शित कीजिए।
🎨 यहाँ पक्षियों के मनमोहक दृश्यों का कोलाज बनाइए
“स्वतंत्रता और प्रेम” का संदेश देने वाला एक पोस्टर बनाइए। इसमें इस कविता की कोई पंक्ति या संदेश भी सम्मिलित कीजिए।
🎨 पोस्टर पर लिख सकते हैं:
“सीमा-हीन गगन में उड़ते, निर्भय विचरण करते हैं!”
— चिड़िया की तरह स्वतंत्र और प्रेमपूर्ण जीवन जिएँ
15

हमारा पर्यावरण

Our environment

मनुष्य द्वारा किए जा रहे ऐसे कार्यों की सूची बनाइए जिनसे पर्यावरण व पशु-पक्षियों के लिए संकट उत्पन्न हो रहा है, और उनके बचाव के उपाय भी लिखिए।

✅ नमूना उत्तर
संकट उत्पन्न करने वाले कार्यबचाव के उपाय
ऊँचे भवनों व मोबाइल टावरों का निर्माणपक्षी-अनुकूल डिज़ाइन व हरित क्षेत्र सुनिश्चित करना
पेड़ों की अंधाधुंध कटाईअधिक से अधिक वृक्षारोपण करना
प्लास्टिक व कचरे का फैलावकचरे का उचित निपटान और प्लास्टिक का कम प्रयोग
पतंग की डोर (मांझा) से पक्षियों का घायल होनासुरक्षित सूती डोर का प्रयोग
वाहनों व कारखानों से प्रदूषणसार्वजनिक परिवहन व स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना
16

परियोजना कार्य

Project work
अपने विद्यालय, आस-पास और घरों में देखिए कि किन-किन कार्यों में प्लास्टिक थैले का प्रयोग किया जाता है, और उनके विकल्पों पर विचार कीजिए।
✅ नमूना उत्तर
प्लास्टिक थैले का उपयोगसंभावित विकल्प
सब्ज़ी-फल खरीदनाकपड़े का थैला
किताबें/कॉपी ढोनाजूट या कपड़े का बैग
खाद्य पदार्थ पैक करनाकागज़ या पत्तों से बने पैकेट
कचरा इकट्ठा करनाबायोडिग्रेडेबल थैले
सभी विद्यार्थी ‘पर्यावरण बचाओ’ विषय पर एक नुक्कड़ नाटक तैयार करें और विद्यालय प्रांगण में प्रस्तुति करें।
🎭 यह एक समूह-प्रस्तुति गतिविधि है — विद्यार्थी मिलकर पर्यावरण-संरक्षण के संदेश पर आधारित संवाद व दृश्य तैयार कर सकते हैं, जिसमें वृक्षारोपण, जल-बचत और पशु-पक्षी संरक्षण जैसे विषय शामिल हों।
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झरोखे से — ‘पक्षियों की प्रवास यात्राएँ’

Migratory birds — reading
दो सारस पक्षी पानी में खड़े
सारस जैसे पक्षी हर वर्ष लंबी प्रवास यात्राएँ तय करते हैं

यह रोचक जानकारी पक्षियों की प्रवास यात्राओं (migration) के बारे में बताती है — कैसे हर साल शरद ऋतु और जाड़ों में अनेक पक्षी एशिया, यूरोप और अमेरिका के उत्तरी भागों से गरम देशों की ओर चलकर आते हैं, और वसंत-गर्मियों में पुनः उत्तर लौट जाते हैं।

✅ मुख्य तथ्य जो हमें जानने को मिले
  • पक्षी समय के इतने पक्के होते हैं कि उनके आने-जाने के दिन की सटीक गणना की जा सकती है।
  • ऊँचे पहाड़ों पर गर्मियाँ बिताने वाले पक्षी जाड़ों में निचली पहाड़ियों व मैदानों में चले आते हैं — भारत में यह हिमालय क्षेत्र में सबसे अधिक देखा जाता है।
  • प्रवास के दौरान पक्षियों को तूफ़ान, समुद्र पार करना, और रास्ता भटकने जैसी बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
  • कुछ पक्षी बीच में रुक-रुक कर यात्रा करते हैं, तो कुछ बिना रुके लगातार लंबी यात्राएँ पूरी कर लेते हैं।
  • पक्षी प्रायः दल बनाकर उड़ते हैं — सारस और हंस आकाश में ‘V’ आकृति बनाकर उड़ते हैं।
18

साझी समझ

Shared research
🔎 इंटरनेट या अन्य माध्यम की सहायता से अन्य प्रवासी पक्षियों (जैसे साइबेरियन क्रेन, अमूर फाल्कन) के बारे में रोचक जानकारी एकत्रित कीजिए और प्रवासी पक्षियों पर एक लेख लिखिए।
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खोजबीन के लिए

Explore further
🔎 दी गई इंटरनेट कड़ियों (हमारा पर्यावरण, वह चिड़िया जो) का प्रयोग करके आप जीव-जगत के बारे में और भी जान-समझ सकते हैं।
📚 यह हल-पत्रक “चिड़िया” (कक्षा 5, हिंदी — मल्हार, पाठ 9) पर आधारित है, केवल अध्ययन-सहायता हेतु तैयार किया गया है।

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