🌸 फूल और काँटा — संपूर्ण हल
कविता के सभी अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत, सरल व सीधे उत्तर — चरण दर चरण समझाइश के साथ
कवि से परिचय
About the poet‘उठो लाल, अब आँखें खोलो। पानी लाई हूँ, मुँह धो लो’ — बचपन में पढ़ी यह प्यारी कविता भी इन्हीं की रचना है। अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ (1865–1947) ही ‘फूल और काँटा’ के कवि हैं।
इनका जन्म आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। इनकी चर्चित काव्य-कृति प्रियप्रवास को खड़ी बोली का पहला महाकाव्य माना जाता है। बच्चों के लिए इनके चंद्र-खिलौना और खेल-तमाशा जैसे कविता-संकलन भी उल्लेखनीय हैं।
📘 पाठ से (In-text Questions)
मेरी समझ से
Comprehension — MCQs- ☆काँटा अपने आस-पास की सुगंध को नष्ट करता है।
- ☆काँटा तितलियों और भौंरों को आकर्षित करता है।
- ★काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है।
- ☆काँटा पौधे को हानि पहुँचाता है।
- ☆फूल सुंदरता का प्रतीक है और काँटा कठोरता का।
- ☆फूल और काँटे के बारे में लोगों के विचार समान होते हैं।
- ★फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं, लेकिन उनके स्वभाव भिन्न होते हैं।
- ★फूल और काँटे को समान देखभाल मिलती है फिर भी उनके रंग-ढंग अलग होते हैं।
- ☆व्यक्ति का कुल ही उसके सम्मान का आधार होता है।
- ★व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं।
- ☆कुल की प्रतिष्ठा हमेशा व्यक्ति के गुणों से बड़ी होती है।
- ☆यदि व्यक्ति अच्छे कार्य करता है तो उसके कुल को प्रसिद्धि मिलती है।
- ☆धन-दौलत और ताकत से व्यक्ति के बड़प्पन का पता चलता है।
- ☆कुल के बड़प्पन की प्रशंसा व्यक्ति की कमियों को ढक देती है।
- ★बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है।
- ☆कुल का नाम व्यक्ति में बड़प्पन की पहचान का मुख्य आधार है।
पंक्तियों पर चर्चा
Discussing key linesमिलकर करें मिलान
Match flower & thorn to their symbolsइस कविता में ‘फूल’ और ‘काँटा’ प्रतीक के रूप में प्रयोग किए गए हैं। नीचे दिए गए शब्दों को सही प्रतीक (फूल/काँटा) से जोड़िए—
सोच-विचार के लिए
Think & answer- दोनों एक ही जगह जन्म लेते हैं और एक ही पौधा उन्हें पालता है।
- रात में उन पर एक ही जैसा चाँद चमकता है और एक जैसी चाँदनी पड़ती है।
- दोनों पर एक जैसी वर्षा (मेह) बरसती है।
- दोनों पर एक जैसी हवा बहती है।
उदाहरण: मान लीजिए किसी बड़े और सम्मानित परिवार का कोई सदस्य बेईमानी करता है या दूसरों से बुरा व्यवहार करता है — तो केवल परिवार का बड़ा नाम होने से लोग उसका सम्मान नहीं करेंगे, बल्कि उसके अपने बुरे व्यवहार के कारण ही उसकी आलोचना होगी। इसी तरह एक सामान्य परिवार का व्यक्ति भी अपने अच्छे गुणों और कर्मों से खूब सम्मान पा सकता है।
इसी तरह, लोग विनम्र, दयालु, सहायक और मधुर स्वभाव वाले व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं और उनके साथ रहना पसंद करते हैं, जबकि कठोर, स्वार्थी, क्रोधी और कष्टदायक स्वभाव वाले व्यक्तियों से दूर रहना पसंद करते हैं।
अनुमान और कल्पना से
Guess & imagineतितली: काँटे भैया, तुम इतने नुकीले क्यों हो? मुझे तुमसे डर लगता है।
काँटा: मैं नुकीला इसलिए हूँ ताकि अपने पौधे की रक्षा कर सकूँ। मेरा इरादा किसी को चोट पहुँचाने का नहीं होता, बस मैं सतर्क रहता हूँ।
तितली: तो क्या हम फिर भी मित्र बन सकते हैं?
काँटा: ज़रूर! तुम बस मुझसे थोड़ी दूरी बनाकर उड़ना, हम दोनों एक ही पौधे के हिस्से हैं और साथ रह सकते हैं।
शब्द से जुड़े शब्द
Word web — words related to ‘बड़प्पन’कविता की रचना
Poetic craft — features of the poem(क) यह एक समूह-गतिविधि है — कविता की भाषा-विशेषताओं (जैसे तुकांत, अनुप्रास, मुहावरे आदि) की सूची अपने सहपाठियों के साथ मिलकर बनाएँ और कक्षा में साझा करें।
| विशेषता | मेल खाती पंक्ति |
|---|---|
| 1. एक ही वर्ण से शुरू होने वाले दो शब्द एक ही पंक्ति में साथ-साथ (अनुप्रास) | “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे” — ‘कुल’ और ‘काम’ दोनों ‘क’ वर्ण से शुरू होते हैं। |
| 2. मुहावरे का प्रयोग किया गया है | “है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर” — ‘आँखों में खटकना’ एक प्रचलित मुहावरा है। |
| 3. प्रश्न पूछा गया है | “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे” — यह एक आलंकारिक (rhetorical) प्रश्न है। |
| 4. प्राकृतिक वस्तुओं (पेड़-पौधों) में मानवीय कार्यों और भावनाओं का वर्णन (मानवीकरण) | “भौंर को अपना अनूठा रस पिला”, “है सदा देता कली का जी खिला” और “फूल लेकर तितलियों को गोद में” — फूल के मानवीय कार्य (पिलाना, गोद में लेना) दर्शाए गए हैं। |
| 5. एक-दूसरे के विपरीत अर्थ वाले शब्दों का प्रयोग | “है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर” — ‘एक’ और ‘दूसरा’, ‘खटकना’ और ‘सोहना’ विपरीतार्थक भाव दर्शाते हैं। |
कविता का सौंदर्य
Fill the blanks with the best-fitting wordहैं जनम लेते जगह में एक ही, एक ही पौधा उन्हें है पालता।
रात में उन पर चमकता चाँद भी, एक ही सी चाँदनी है डालता।
मेह उन पर है बरसता एक सा, एक सी उन पर हवायें हैं बही।
पर सदा ही यह दिखाता है हमें, ढंग उनके एक से होते नहीं।
विशेषण
Adjective & the noun it describes“भौंर का है बेध देता श्याम तन।” — यहाँ ‘श्याम’ (काला) शब्द ‘तन’ (शरीर) की विशेषता बताता है, अतः ‘श्याम’ विशेषण है और ‘तन’ विशेष्य है।
| पंक्ति | विशेषण | विशेष्य |
|---|---|---|
| भौंर का है बेध देता श्याम तन | श्याम | तन |
| फाड़ देता है किसी का वर बसन | वर | बसन |
| भौंर को अपना अनूठा रस पिला | अनूठा | रस |
| निज सुगंधों औ निराले ढंग से | निज, निराले | सुगंधों, ढंग |
| विशेष्य | विशेषण (नमूना) |
|---|---|
| 1. फूल | सुंदर, कोमल, सुगंधित |
| 2. काँटा | नुकीला, कठोर, तीखा |
| 3. मेह | रिमझिम, घनघोर, शीतल |
| 4. चाँद | चमकीला, शीतल, गोल |
| 5. रात | अंधेरी, शांत, सुहानी |
📗 पाठ से आगे (Exercise Questions)
आपकी बात
Your take — personal reflection questions- वस्तुएँ: नमक और चीनी — दोनों देखने में एक जैसे सफेद दाने, पर स्वाद बिलकुल विपरीत।
- स्वभाव: एक ही परिवार में एक भाई शांत और दूसरा क्रोधी स्वभाव का हो सकता है।
- स्वाद: खट्टा नींबू और मीठा आम एक ही बगीचे में उग सकते हैं।
- रंग: काला और सफेद रंग एक साथ किसी वस्त्र में इस्तेमाल होते हैं, फिर भी दोनों बिलकुल विपरीत हैं।
- अनुभव: जीवन में सुख और दुख दोनों साथ-साथ आते रहते हैं।
सृजन
Creative response(यह एक रचनात्मक ड्राइंग गतिविधि है — मौलिकता की चिंता किए बिना अपने मन से चित्र बनाइए)
फूल: मैं दूसरों के जीवन में सुगंध और सुख फैलाने आया हूँ।
काँटा: और मैं संघर्ष की याद दिलाने और सुरक्षा देने के लिए हूँ।
फूल: तुम इतने कठोर क्यों हो, काँटे भैया?
काँटा: क्योंकि मुझे हमारे पौधे की रखवाली करनी होती है। यदि मैं न होता, तो जानवर हमारा पौधा नष्ट कर देते।
फूल: सच में! तो हम दोनों अपने-अपने ढंग से पौधे के लिए ज़रूरी हैं — मैं सुंदरता देता हूँ और तुम सुरक्षा।
काँटा: बिलकुल सही! हम दोनों अलग होकर भी एक-दूसरे के पूरक हैं।
वाद-विवाद
Class debate activityविषय — ‘जीवन में फूल और काँटे, दोनों की आवश्यकता होती है’।
- कक्षा में सात-आठ समूह बनेंगे — आधे ‘फूल’ के पक्ष में और आधे ‘काँटे’ के पक्ष में तर्क देंगे।
- एक समूह निर्णायक मंडल की भूमिका निभाएगा, जो तर्कों को सुनकर अंक देगा।
- प्रत्येक समूह को तैयारी के लिए 15 मिनट मिलेंगे।
- प्रत्येक समूह को बोलने के लिए 3–4 मिनट, और उत्तर/प्रश्न के लिए 1–2 मिनट मिलेंगे।
- क्रम: समूह 1 (फूल) → समूह 2 (काँटा) → समूह 3 (फूल) → समूह 4 (काँटा) … इसी क्रम में आगे।
- निर्णायक मंडल तर्क, भाषा-कौशल और प्रस्तुति शैली के आधार पर अंक देकर विजेता समूह घोषित करेगा।
आज की पहेली
Match the plant to its descriptionनीचे कुछ ऐसे पेड़-पौधों का वर्णन दिया गया है जिनमें फूल और काँटे साथ-साथ पाए जाते हैं—
