पाठ 3: फूल और काँटा (Phool Aur Kaanta) Class 7th Hindi (Malhar) NCERT Solution

फूल और काँटा — संपूर्ण हल | EduGrown
कक्षा 5 · हिंदी · मल्हार · पाठ 3

🌸 फूल और काँटा — संपूर्ण हल

कविता के सभी अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत, सरल व सीधे उत्तर — चरण दर चरण समझाइश के साथ

📖 कविता ✍️ पाठ से + पाठ से आगे 🌿 अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’
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कवि से परिचय

About the poet
अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध' का चित्र

‘उठो लाल, अब आँखें खोलो। पानी लाई हूँ, मुँह धो लो’ — बचपन में पढ़ी यह प्यारी कविता भी इन्हीं की रचना है। अयोध्यासिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’ (1865–1947) ही ‘फूल और काँटा’ के कवि हैं।

इनका जन्म आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। इनकी चर्चित काव्य-कृति प्रियप्रवास को खड़ी बोली का पहला महाकाव्य माना जाता है। बच्चों के लिए इनके चंद्र-खिलौना और खेल-तमाशा जैसे कविता-संकलन भी उल्लेखनीय हैं।

माँ और बच्चे — फूल और काँटा कविता का दृश्य
कविता के साथ दिया गया चित्र — माँ अपने बच्चों के साथ

📘 पाठ से (In-text Questions)

1

मेरी समझ से

Comprehension — MCQs
1कविता में काँटे के बारे में कौन-सा वाक्य सत्य है?
  • काँटा अपने आस-पास की सुगंध को नष्ट करता है।
  • काँटा तितलियों और भौंरों को आकर्षित करता है।
  • काँटा उँगलियों को छेदता है और वस्त्र फाड़ देता है।
  • काँटा पौधे को हानि पहुँचाता है।
✅ स्पष्टीकरण
कविता की पंक्ति “छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ, फाड़ देता है किसी का वर बसन” से स्पष्ट होता है कि काँटा उँगलियों को चुभकर घायल करता है और वस्त्र फाड़ देता है। यही उसका कठोर स्वभाव है।
2कविता में फूल और काँटे में समानताओं और विभिन्नताओं का उल्लेख किया गया है। निम्नलिखित में से कौन-सा वाक्य इन्हें सही रूप में व्यक्त करता है?
  • फूल सुंदरता का प्रतीक है और काँटा कठोरता का।
  • फूल और काँटे के बारे में लोगों के विचार समान होते हैं।
  • फूल और काँटे एक ही पौधे पर उगते हैं, लेकिन उनके स्वभाव भिन्न होते हैं।
  • फूल और काँटे को समान देखभाल मिलती है फिर भी उनके रंग-ढंग अलग होते हैं।
✅ स्पष्टीकरण
कवि कहते हैं कि फूल और काँटा एक ही जगह जन्म लेते हैं, एक ही पौधा उन्हें पालता है, एक ही चाँदनी, वर्षा और हवा दोनों पर बरसती है — अर्थात दोनों को समान ‘देखभाल’ मिलती है। परंतु “पर सदा ही यह दिखाता है हमें, ढंग उनके एक से होते नहीं” — यानी दोनों का स्वभाव व व्यवहार बिलकुल अलग होता है। इसलिए इस प्रश्न के दो सही उत्तर हैं।
3कविता के आधार पर कौन-सा निष्कर्ष उपयुक्त है?
  • व्यक्ति का कुल ही उसके सम्मान का आधार होता है।
  • व्यक्ति के कार्यों के कारण ही लोग उसका सम्मान करते हैं।
  • कुल की प्रतिष्ठा हमेशा व्यक्ति के गुणों से बड़ी होती है।
  • यदि व्यक्ति अच्छे कार्य करता है तो उसके कुल को प्रसिद्धि मिलती है।
✅ स्पष्टीकरण
पंक्ति “किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर” स्पष्ट करती है कि यदि व्यक्ति में स्वयं के गुण व अच्छे कर्म नहीं हैं, तो केवल कुल (परिवार/वंश) की बड़ाई से कोई लाभ नहीं होता। अर्थात व्यक्ति के अपने कार्य ही उसका असली सम्मान तय करते हैं।
4कविता के अनुसार निम्नलिखित में से कौन-सा कथन ‘बड़प्पन’ के लिए सर्वाधिक उपयुक्त है?
  • धन-दौलत और ताकत से व्यक्ति के बड़प्पन का पता चलता है।
  • कुल के बड़प्पन की प्रशंसा व्यक्ति की कमियों को ढक देती है।
  • बड़प्पन व्यक्ति के गुणों, स्वभाव और कर्मों से पहचाना जाता है।
  • कुल का नाम व्यक्ति में बड़प्पन की पहचान का मुख्य आधार है।
✅ स्पष्टीकरण
पूरी कविता इसी भाव पर केंद्रित है कि फूल और काँटा एक ही पौधे पर उगते हुए भी अपने-अपने गुण-स्वभाव से पहचाने जाते हैं — इसी प्रकार व्यक्ति का असली ‘बड़प्पन’ उसके कुल-वंश से नहीं, बल्कि उसके अपने गुणों, स्वभाव और कर्मों से ही तय होता है।
हो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने अलग-अलग या एक से अधिक उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें?
💬 यह एक समूह-चर्चा गतिविधि है, इसका कोई निश्चित लिखित उत्तर नहीं है। ऊपर दी गई प्रत्येक प्रश्न की व्याख्या (★ चिह्नित उत्तर) को आधार बनाकर आप अपने चुनाव का कारण अपने सहपाठियों के साथ साझा कर सकते हैं।
2

पंक्तियों पर चर्चा

Discussing key lines
“मेह उन पर है बरसता एक सा, एक सी उन पर हवायें हैं बही। पर सदा ही यह दिखाता है हमें, ढंग उनके एक से होते नहीं।”
✅ अर्थ
फूल और काँटे पर एक ही जैसी वर्षा होती है और एक ही जैसी हवा बहती है — अर्थात दोनों को प्रकृति से समान परिस्थितियाँ व अवसर मिलते हैं। फिर भी दोनों का व्यवहार और स्वभाव एक-दूसरे से पूरी तरह अलग होता है। इसी तरह समान परिस्थितियों में पले-बढ़े दो व्यक्तियों के स्वभाव भी भिन्न-भिन्न हो सकते हैं।
“किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।”
✅ अर्थ
यदि किसी व्यक्ति में स्वयं गुण, अच्छे स्वभाव और सच्चे बड़प्पन की कमी है, तो केवल उसके परिवार या वंश (कुल) की प्रसिद्धि व बड़ाई उसके किसी काम नहीं आती। असली सम्मान व्यक्ति के अपने आचरण से ही मिलता है, विरासत में मिले नाम से नहीं।
3

मिलकर करें मिलान

Match flower & thorn to their symbols

इस कविता में ‘फूल’ और ‘काँटा’ प्रतीक के रूप में प्रयोग किए गए हैं। नीचे दिए गए शब्दों को सही प्रतीक (फूल/काँटा) से जोड़िए—

✅ उत्तर
दया
अच्छाई
सुख
सुंदरता
कोमलता
आनंद
परोपकार
प्रेम
प्रसन्नता
फूल
फूल
काँटा
काँटा
स्वार्थ
बुराई
दुख
कठोरता
पीड़ा
4

सोच-विचार के लिए

Think & answer
कविता में ऐसी कौन-कौन सी समानताओं का उल्लेख किया गया है जो सभी पौधों पर समान रूप से लागू होती हैं?
✅ उत्तर
कविता के अनुसार निम्न समानताएँ फूल और काँटे दोनों पर लागू होती हैं—
  • दोनों एक ही जगह जन्म लेते हैं और एक ही पौधा उन्हें पालता है।
  • रात में उन पर एक ही जैसा चाँद चमकता है और एक जैसी चाँदनी पड़ती है।
  • दोनों पर एक जैसी वर्षा (मेह) बरसती है।
  • दोनों पर एक जैसी हवा बहती है।
आपको फूल और काँटे के स्वभाव में मुख्य रूप से कौन-सा अंतर दिखाई दिया?
✅ उत्तर
फूल कोमल, सुंदर और उपकारी स्वभाव का है — वह अपनी सुगंध और मिठास से तितलियों व भौंरों को प्रसन्नता देता है और कली को भी खिलने में सहायता करता है। इसके विपरीत काँटा कठोर और हानिकारक स्वभाव का है — वह उँगलियाँ छेदता है, वस्त्र फाड़ देता है और तितलियों-भौंरों को घायल कर देता है। एक ही पौधे पर होते हुए भी दोनों का व्यवहार बिलकुल विपरीत है।
कविता में मुख्य रूप से कौन-सी बात कही गई है? उसे पहचानिए, समझिए और अपने शब्दों में लिखिए।
✅ उत्तर
कविता का मुख्य भाव यह है कि एक ही परिस्थिति, वातावरण और परवरिश में पले हुए दो प्राणी या व्यक्ति भी अपने स्वभाव व कर्मों में पूरी तरह भिन्न हो सकते हैं। फूल और काँटा इसके प्रतीक हैं — फूल भलाई व सुंदरता का, काँटा कठोरता व पीड़ा का। कवि यह भी संदेश देते हैं कि व्यक्ति की सच्ची पहचान उसके कुल या वंश से नहीं, बल्कि उसके अपने गुण, स्वभाव और कर्मों से होती है।
“किस तरह कुल की बड़ाई काम दे, जो किसी में हो बड़प्पन की कसर।” उदाहरण देकर समझाइए।
✅ उत्तर
इसका अर्थ है कि यदि किसी व्यक्ति में स्वयं अच्छे गुण नहीं हैं तो उसके परिवार या वंश की प्रतिष्ठा उसके किसी काम नहीं आती।

उदाहरण: मान लीजिए किसी बड़े और सम्मानित परिवार का कोई सदस्य बेईमानी करता है या दूसरों से बुरा व्यवहार करता है — तो केवल परिवार का बड़ा नाम होने से लोग उसका सम्मान नहीं करेंगे, बल्कि उसके अपने बुरे व्यवहार के कारण ही उसकी आलोचना होगी। इसी तरह एक सामान्य परिवार का व्यक्ति भी अपने अच्छे गुणों और कर्मों से खूब सम्मान पा सकता है।
“है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर।” लोग कैसे स्वभाव के व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं और कैसे स्वभाव वाले व्यक्तियों से दूर रहना पसंद करते हैं?
✅ उत्तर
यह पंक्ति काँटे और फूल के प्रति लोगों के भिन्न व्यवहार को दर्शाती है — काँटा सबकी आँखों में खटकता (चुभता/अखरता) है क्योंकि वह पीड़ा देता है, जबकि फूल देवताओं के सिर पर भी सुशोभित होता है क्योंकि वह सुंदरता व सुख देता है।

इसी तरह, लोग विनम्र, दयालु, सहायक और मधुर स्वभाव वाले व्यक्तियों की प्रशंसा करते हैं और उनके साथ रहना पसंद करते हैं, जबकि कठोर, स्वार्थी, क्रोधी और कष्टदायक स्वभाव वाले व्यक्तियों से दूर रहना पसंद करते हैं।
5

अनुमान और कल्पना से

Guess & imagine
कल्पना कीजिए कि चाँदनी, हवा और मेघ केवल एक पौधे पर बरसते हैं। बाकी पौधे इन सबके बिना कैसे दिखेंगे और उनके जीवन पर इसका क्या प्रभाव होगा?
✅ उत्तर
यदि चाँदनी, हवा और वर्षा केवल एक ही पौधे को मिलें, तो बाकी पौधे मुरझाए, सूखे और कमज़ोर दिखेंगे। बिना पानी, हवा और प्रकाश के उनका विकास रुक जाएगा, वे बीमार पड़ सकते हैं और धीरे-धीरे नष्ट भी हो सकते हैं। इससे यह भी पता चलता है कि प्रकृति के संसाधन सबके लिए समान रूप से उपलब्ध होने चाहिए।
यदि सभी पौधे एक जैसे होते तो दुनिया कैसी लगती?
✅ उत्तर
यदि सभी पौधे एक जैसे होते, तो दुनिया बहुत नीरस और नीरंग लगती। हमें अलग-अलग रंग, सुगंध, आकार और स्वाद वाले फल-फूल देखने को नहीं मिलते। प्रकृति की विविधता ही उसे सुंदर और रोचक बनाती है, इसलिए विभिन्नता ज़रूरी है।
यदि काँटे न होते और हर पौधा केवल फूलों से भरा होता तो क्या होता?
✅ उत्तर
यदि काँटे बिलकुल न होते, तो पौधों के पास स्वयं की रक्षा करने का एक महत्वपूर्ण साधन न होता। जानवर और कीट आसानी से फूल-पत्तियाँ खा जाते, जिससे पौधों को बहुत हानि होती। काँटे वास्तव में पौधे की सुरक्षा में भी सहायक होते हैं, इसलिए उनका भी अपना महत्व है।
कल्पना कीजिए कि एक तितली काँटे से मित्रता करना चाहती है, उनके बीच कैसा संवाद होगा?
✅ नमूना उत्तर

तितली: काँटे भैया, तुम इतने नुकीले क्यों हो? मुझे तुमसे डर लगता है।

काँटा: मैं नुकीला इसलिए हूँ ताकि अपने पौधे की रक्षा कर सकूँ। मेरा इरादा किसी को चोट पहुँचाने का नहीं होता, बस मैं सतर्क रहता हूँ।

तितली: तो क्या हम फिर भी मित्र बन सकते हैं?

काँटा: ज़रूर! तुम बस मुझसे थोड़ी दूरी बनाकर उड़ना, हम दोनों एक ही पौधे के हिस्से हैं और साथ रह सकते हैं।

कल्पना कीजिए कि आपको किसी काँटे, फूल या दोनों के गुणों के साथ जीवन जीने का अवसर मिलता है। आप किसके गुणों को अपनाना चाहेंगे? कारण सहित बताइए।
✅ नमूना उत्तर व्यक्तिगत विचार
मैं फूल के गुणों को अपनाना चाहूँगा/चाहूँगी — जैसे कोमलता, मधुरता और दूसरों को खुशी देने का स्वभाव — क्योंकि इससे मैं अपने आस-पास के लोगों के जीवन में सुख और सकारात्मकता ला सकता/सकती हूँ। हालाँकि मैं काँटे से भी यह सीखना चाहूँगा/चाहूँगी कि आवश्यकता पड़ने पर स्वयं की और अपनों की रक्षा के लिए दृढ़ और सतर्क भी रहा जा सकता है।
6

शब्द से जुड़े शब्द

Word web — words related to ‘बड़प्पन’
नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘बड़प्पन’ से जुड़े शब्द लिखिए—
✅ उत्तर
संतोष
उदारता
विनम्रता
त्याग
बड़प्पन
परोपकार
सहनशीलता
सम्मान
निष्ठा
‘बड़प्पन’ शब्द ‘बड़ा’ और ‘पन’ से मिलकर बना है — इसका अर्थ है बड़ाई, श्रेष्ठ या बड़ा होने का भाव। नीचे दिए शब्दों में से जो ‘बड़प्पन’ का भाव व्यक्त करते हैं उन्हें गोल घेरे में, और जो नहीं करते उन्हें रेखांकित किया गया है—
✅ उत्तर
सहनशीलता
दया
अहंकार
विश्वास
घमंड
ईर्ष्या
द्वेष
प्रतिशोध
क्रूरता
उदारता
विनम्रता
त्याग
संतोष
समर्पण
आदर
सम्मान
निष्ठा
परोपकार
सद्भावना
स्वार्थ
अपमान
अविश्वास
झूठ
अधीरता
लालच
झगड़ालूपन
🟢 गोल घेरे वाले शब्द = ‘बड़प्पन’ का भाव व्यक्त करते हैं  |  🔴 रेखांकित शब्द = ‘बड़प्पन’ का भाव व्यक्त नहीं करते
7

कविता की रचना

Poetic craft — features of the poem

(क) यह एक समूह-गतिविधि है — कविता की भाषा-विशेषताओं (जैसे तुकांत, अनुप्रास, मुहावरे आदि) की सूची अपने सहपाठियों के साथ मिलकर बनाएँ और कक्षा में साझा करें।

नीचे कविता की विशेषताएँ और उनसे मेल खाती पंक्तियाँ दी गई हैं — इनका मिलान कीजिए (एक पंक्ति में एक से अधिक विशेषताएँ भी हो सकती हैं)—
✅ उत्तर
विशेषतामेल खाती पंक्ति
1. एक ही वर्ण से शुरू होने वाले दो शब्द एक ही पंक्ति में साथ-साथ (अनुप्रास)“किस तरह कुल की बड़ाई काम दे” — ‘कुल’ और ‘काम’ दोनों ‘क’ वर्ण से शुरू होते हैं।
2. मुहावरे का प्रयोग किया गया है“है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर” — ‘आँखों में खटकना’ एक प्रचलित मुहावरा है।
3. प्रश्न पूछा गया है“किस तरह कुल की बड़ाई काम दे” — यह एक आलंकारिक (rhetorical) प्रश्न है।
4. प्राकृतिक वस्तुओं (पेड़-पौधों) में मानवीय कार्यों और भावनाओं का वर्णन (मानवीकरण)“भौंर को अपना अनूठा रस पिला”, “है सदा देता कली का जी खिला” और “फूल लेकर तितलियों को गोद में” — फूल के मानवीय कार्य (पिलाना, गोद में लेना) दर्शाए गए हैं।
5. एक-दूसरे के विपरीत अर्थ वाले शब्दों का प्रयोग“है खटकता एक सब की आँख में, दूसरा है सोहता सुर शीश पर” — ‘एक’ और ‘दूसरा’, ‘खटकना’ और ‘सोहना’ विपरीतार्थक भाव दर्शाते हैं।
8

कविता का सौंदर्य

Fill the blanks with the best-fitting word
दिए गए मिलते-जुलते अर्थ वाले शब्दों में से वह शब्द चुनिए जो पंक्ति में सही बैठता (जँचता) है—
✅ उत्तर (मूल कविता के अनुसार)

हैं जनम लेते जगह में एक ही, एक ही पौधा उन्हें है पालता।
रात में उन पर चमकता चाँद भी, एक ही सी चाँदनी है डालता।

मेह उन पर है बरसता एक सा, एक सी उन पर हवायें हैं बही।
पर सदा ही यह दिखाता है हमें, ढंग उनके एक से होते नहीं।

🔤 दिए गए विकल्पों में से (रात, रात्रि, रजनी, निशा) में से ‘रात’; (शशि, चंद्रमा, चाँद, राकेश, इंदु) में से ‘चाँद’; (मेह, बादल, मेघ, जलद) में से ‘मेह’; और (वायु, पवन, समीर, मारुत, बयारें, हवायें) में से ‘हवायें’ — मूल कविता में यही शब्द प्रयोग किए गए हैं, क्योंकि ये कविता की लय और तुकांत (‘बही’) से सबसे अच्छी तरह मेल खाते हैं।
अपने समूह में चर्चा करके पता लगाइए कि कौन-सा शब्द रिक्त स्थानों में सबसे अधिक साथियों को जँच रहा है और क्यों?
💬 यह एक समूह-चर्चा गतिविधि है। सामान्यतः ‘रात’, ‘चाँद’, ‘मेह’ और ‘हवायें’ शब्द ही सबसे उपयुक्त लगते हैं क्योंकि ये सरल, प्रचलित और कविता की तुकांत-लय के अनुरूप हैं।
9

विशेषण

Adjective & the noun it describes

“भौंर का है बेध देता श्याम तन।” — यहाँ ‘श्याम’ (काला) शब्द ‘तन’ (शरीर) की विशेषता बताता है, अतः ‘श्याम’ विशेषण है और ‘तन’ विशेष्य है।

नीचे दी गई पंक्तियों में विशेषण और विशेष्य शब्दों की पहचान करके लिखिए—
✅ उत्तर
पंक्तिविशेषणविशेष्य
भौंर का है बेध देता श्याम तनश्यामतन
फाड़ देता है किसी का वर बसनवरबसन
भौंर को अपना अनूठा रस पिलाअनूठारस
निज सुगंधों औ निराले ढंग सेनिज, निरालेसुगंधों, ढंग
नीचे दिए गए विशेष्यों के लिए अपने मन से विशेषण सोचकर लिखिए—
✅ नमूना उत्तर
विशेष्यविशेषण (नमूना)
1. फूलसुंदर, कोमल, सुगंधित
2. काँटानुकीला, कठोर, तीखा
3. मेहरिमझिम, घनघोर, शीतल
4. चाँदचमकीला, शीतल, गोल
5. रातअंधेरी, शांत, सुहानी

📗 पाठ से आगे (Exercise Questions)

10

आपकी बात

Your take — personal reflection questions
यदि आपको फूल और काँटे में से किसी एक को चुनना हो तो आप किसे चुनेंगे और क्यों?
✅ नमूना उत्तर व्यक्तिगत विचार
मैं फूल को चुनूँगा/चुनूँगी, क्योंकि फूल अपनी सुंदरता, सुगंध और मधुरता से सबको प्रसन्नता व सुख देता है। मैं चाहता/चाहती हूँ कि मैं भी दूसरों के जीवन में खुशियाँ फैलाऊँ, जैसे फूल करता है।
कविता में बताया गया है कि फूल अपनी सुगंध और व्यवहार से चारों ओर प्रसन्नता और आनंद फैला देता है। आप अपने मित्रों या परिवार के जीवन में प्रसन्नता और आनंद लाने के लिए क्या-क्या करते हैं और क्या-क्या कर सकते हैं?
माँ-बेटी स्कूल के रास्ते में खुशी मनाते हुए
छोटी-छोटी खुशियाँ साझा करना जीवन में आनंद फैलाता है
✅ नमूना उत्तर
मैं अपने दोस्तों की मदद करता/करती हूँ, उनके साथ हँसी-मज़ाक साझा करता/करती हूँ, परिवार के सदस्यों की छोटी-छोटी ज़रूरतों में सहायता करता/करती हूँ और उनकी उपलब्धियों पर उन्हें बधाई व प्रोत्साहन देता/देती हूँ। आगे मैं और अधिक धैर्य और उदारता से पेश आकर सबके जीवन में और खुशियाँ ला सकता/सकती हूँ।
‘फूल’ और ‘काँटे’ एक-दूसरे से बिलकुल भिन्न हैं फिर भी साथ-साथ पाए जाते हैं। अपने आस-पास से ऐसे अन्य उदाहरण दीजिए। (संकेत — वस्तुएँ, जैसे नमक-चीनी; स्वभाव, जैसे शांत-क्रोधी; स्वाद, जैसे खट्टा-मीठा; रंग, जैसे काला-सफेद; अनुभव, जैसे सुख-दुख आदि)
✅ नमूना उत्तर
  • वस्तुएँ: नमक और चीनी — दोनों देखने में एक जैसे सफेद दाने, पर स्वाद बिलकुल विपरीत।
  • स्वभाव: एक ही परिवार में एक भाई शांत और दूसरा क्रोधी स्वभाव का हो सकता है।
  • स्वाद: खट्टा नींबू और मीठा आम एक ही बगीचे में उग सकते हैं।
  • रंग: काला और सफेद रंग एक साथ किसी वस्त्र में इस्तेमाल होते हैं, फिर भी दोनों बिलकुल विपरीत हैं।
  • अनुभव: जीवन में सुख और दुख दोनों साथ-साथ आते रहते हैं।
“छेद कर काँटा किसी की उँगलियाँ, फाड़ देता है किसी का वर बसन।” आप अपने आस-पास की किसी समस्या का वर्णन कीजिए जिसे आप ‘काँटे’ के समान महसूस करते हैं। उस समस्या का समाधान भी सुझाइए।
✅ नमूना उत्तर
मुझे अपने आस-पास यातायात-जाम की समस्या ‘काँटे’ के समान लगती है — यह हर किसी के समय और शांति को ‘चुभती’ है। इसका समाधान यह हो सकता है कि अधिक-से-अधिक लोग सार्वजनिक परिवहन या साइकिल का प्रयोग करें, यातायात नियमों का पालन करें, और सड़कों व सिग्नलों का बेहतर प्रबंधन किया जाए।
11

सृजन

Creative response
इस कविता के बारे में एक चित्र बनाइए। आप चित्र में जहाँ चाहें, अपने मनोनीत रंग भर सकते हैं।
🎨 यहाँ अपनी कल्पना अनुसार फूल और काँटे का चित्र बनाइए
(यह एक रचनात्मक ड्राइंग गतिविधि है — मौलिकता की चिंता किए बिना अपने मन से चित्र बनाइए)
मान लीजिए कि फूल और काँटे के बीच बातचीत हो रही है। उनकी बातचीत या संवाद अपनी कल्पना से लिखिए।
✅ नमूना उत्तर

फूल: मैं दूसरों के जीवन में सुगंध और सुख फैलाने आया हूँ।

काँटा: और मैं संघर्ष की याद दिलाने और सुरक्षा देने के लिए हूँ।

फूल: तुम इतने कठोर क्यों हो, काँटे भैया?

काँटा: क्योंकि मुझे हमारे पौधे की रखवाली करनी होती है। यदि मैं न होता, तो जानवर हमारा पौधा नष्ट कर देते।

फूल: सच में! तो हम दोनों अपने-अपने ढंग से पौधे के लिए ज़रूरी हैं — मैं सुंदरता देता हूँ और तुम सुरक्षा।

काँटा: बिलकुल सही! हम दोनों अलग होकर भी एक-दूसरे के पूरक हैं।

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वाद-विवाद

Class debate activity

विषय — ‘जीवन में फूल और काँटे, दोनों की आवश्यकता होती है’।

  1. कक्षा में सात-आठ समूह बनेंगे — आधे ‘फूल’ के पक्ष में और आधे ‘काँटे’ के पक्ष में तर्क देंगे।
  2. एक समूह निर्णायक मंडल की भूमिका निभाएगा, जो तर्कों को सुनकर अंक देगा।
  3. प्रत्येक समूह को तैयारी के लिए 15 मिनट मिलेंगे।
  4. प्रत्येक समूह को बोलने के लिए 3–4 मिनट, और उत्तर/प्रश्न के लिए 1–2 मिनट मिलेंगे।
  5. क्रम: समूह 1 (फूल) → समूह 2 (काँटा) → समूह 3 (फूल) → समूह 4 (काँटा) … इसी क्रम में आगे।
  6. निर्णायक मंडल तर्क, भाषा-कौशल और प्रस्तुति शैली के आधार पर अंक देकर विजेता समूह घोषित करेगा।
🎤 यह एक कक्षा-गतिविधि है। नमूना तर्क — फूल पक्ष: “फूल हमें सुंदरता, सुगंध और खुशी देता है, इसलिए जीवन में उसका होना ज़रूरी है।” काँटा पक्ष: “काँटा पौधे की रक्षा करता है; बिना संघर्ष और सुरक्षा के जीवन अधूरा है।”
13

आज की पहेली

Match the plant to its description

नीचे कुछ ऐसे पेड़-पौधों का वर्णन दिया गया है जिनमें फूल और काँटे साथ-साथ पाए जाते हैं—

✅ उत्तर — सही जानकारी सहित पहचान

🌼 बबूल

फूल: पीले या सफेद, छोटे गुच्छेदार
काँटे: लंबे और नुकीले
विशेषता: ईंधन, चारा और औषधियों में उपयोगी

🌹 गुलाब

फूल: लाल, सफेद, गुलाबी आदि रंगों में
काँटे: तने पर छोटे और तीखे
विशेषता: सजावटी पौधा और इत्र बनाने में प्रसिद्ध

🌵 नागफनी

फूल: रंग-बिरंगे — पीले, नारंगी या गुलाबी
काँटे: पूरी सतह पर छोटे या लंबे
विशेषता: सूखे क्षेत्रों में पाया जाता है

🍃 बेर

फूल: छोटे और हल्के पीले
काँटे: शाखाओं पर छोटे-छोटे
विशेषता: फल खाद्य व औषधीय दोनों होते हैं

🤍 करौंदा

फूल: छोटे, सफेद व सुगंधित
काँटे: शाखाओं पर छोटे व तीखे
विशेषता: फल से अचार, जैम व जेली बनती है

🍋 नीबू

फूल: छोटे, सफेद, हल्की गुलाबी छाया लिए
काँटे: शाखाओं पर छोटे व तीखे
विशेषता: फल खट्टे व विटामिन C से भरपूर
फूलों और काँटों से भरी झाड़ी
एक ही पौधे पर साथ-साथ खिलते फूल और काँटे
📚 यह हल-पत्रक “फूल और काँटा” (कक्षा 5, हिंदी — मल्हार, पाठ 3) पर आधारित है, केवल अध्ययन-सहायता हेतु तैयार किया गया है।

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