डिजिभारतम् – युगपरिवर्तनम्
नवदेहली स्थित प्रधानमन्त्रि-सङ्ग्रहालय की यात्रा के माध्यम से इस पाठ में डिजिटल भारत अभियान (Digital India) — हॉलोग्राम, AR/VR, कृत्रिम-बुद्धि, UPI, फ़ास्टैग, डिजी-लॉकर आदि तकनीकों — का सरल संस्कृत में परिचय दिया गया है। यहाँ संवाद-सार, शब्दार्थ, व्याकरण-सूत्र, क्षेत्रवार डिजिटल योजनाएँ तथा समग्र प्रश्नोत्तर प्रस्तुत हैं।
पाठ-परिचयः
अस्माकं देशः भारतं न केवलं सांस्कृतिकक्षेत्रे समृद्धम्, अपि तु नित्यम् आविष्कारैः कीर्तिं लभते। अद्य सम्पूर्णविश्वे ‘डिजिटल्-भारतम्’ इत्यस्य चर्चा श्रूयते। एकस्यैव पिञ्जस्य (बटन के) नोदनेन (दबाने से) सर्वं नागरिक-सौविध्यं लभ्यते। अनेन भारतीयानां जीवनम् अधिकं सरलं जायमानम् अस्ति। डिजिटल्-पटले सम्पूर्णा वसुधा कुटुम्बवत् अस्ति। एकदा कक्षा के छात्र-छात्राएँ नवदेहली स्थित प्रधानमन्त्रि-सङ्ग्रहालय की यात्रा पर गए, जहाँ विविध डिजिटल-प्रौद्योगिकियाँ प्रदर्शित थीं। सभी उत्सुकतापूर्वक वहाँ प्रदर्शित वस्तुओं को देखने लगे।
पाठ्यांश (संवाद) — सङ्ग्रहालय-भ्रमणम् एवं कक्षा-चर्चा
प्र.अध्यापकः छात्रान् प्रधानमन्त्रि-सङ्ग्रहालये किम् उक्तवान्?
प्र.हॉलोग्राम् दृष्ट्वा छात्राः किम् अनुभूतवन्तः?
प्र.अथर्वः ‘वर्धिता-वास्तविकता’ (AR) एवं ‘आभासीया-वास्तविकता’ (VR) इत्यनयोः विषये किम् अकथयत्?
प्र.भास्करः कृत्रिमबुद्धि-आधारितं यन्त्रं दृष्ट्वा किम् अवदत्?
प्र.वेदिका डिजिटल्-प्रक्षेपण-चलच्चित्रं दृष्ट्वा किम् अनुभवत्?
प्र.यशिका व अथर्वः स्व-अनुभवात् किं किं कथयतः?
प्र.भास्करः ‘यूपीआय्’ (UPI) इत्यस्य विषये किम् अवदत्?
प्र.अध्यापकः डिजिटल्-योजनायाः लक्ष्यं कथं स्पष्टीकरोति?
प्र.यशिका ग्राम्य-क्षेत्रे अन्तर्जालस्य समस्या विषये कां शङ्कां प्रकटयति, तस्याः समाधानं कथम् उक्तम्?
प्र.अध्यापकः साङ्गणिक-सुरक्षा (Cyber Security) विषये किं सचेतयति?
वयं शब्दार्थान् जानीमः
| शब्दः | संस्कृत अर्थः | हिन्दी | English |
|---|---|---|---|
| सङ्ग्रहालयः | वस्तुसङ्ग्रहगृहम् | संग्रहालय | Museum |
| हॉलोग्राम् | त्रिवैम-प्रतिमूर्तिः | होलोग्राम | Hologram |
| वर्धिता वास्तविकता | संवर्धिता वास्तविकता | संवर्धित वास्तविकता | Augmented Reality (AR) |
| आभासीया वास्तविकता | आभासीया वास्तविकता | आभासी वास्तविकता | Virtual Reality (VR) |
| कृत्रिमबुद्धिः | यान्त्रिकी बुद्धिः | कृत्रिम-बुद्धिमत्ता | Artificial Intelligence (AI) |
| डिजिटल्-प्रक्षेपणम् | सङ्गणक-चित्रप्रदर्शनम् | डिजिटल प्रक्षेपण | Digital Projection |
| संवादः | वार्तालापः | संवाद | Conversation |
| प्रौद्योगिकी | तन्त्रज्ञानम् | प्रौद्योगिकी | Technology |
| उत्सुकता | जिज्ञासा | उत्सुकता | Curiosity |
| भाषणम् | प्रवचनम् | भाषण | Speech |
| उपकरणानि | यन्त्राणि | उपकरण | Devices |
| अन्तर्जालम् | अन्तर्जालम् | संचार | Internet |
| योगदानम् | सहयोगः | योगदान | Contribution |
| आशुप्रतिक्रियाकूटः | झटिति प्रतिक्रियायाः कूटः | आशु प्रतिक्रिया कोड | Quick Response Code |
| विस्तृतम् | विस्तारपूर्वकम् | विस्तृत | Detailed |
| उपलब्धिः | सिद्धिः | उपलब्धि | Achievement |
| दैनन्दिनजीवनम् | दैनिक-जीवनम् | दैनिक जीवन | Daily Life |
| शासनम् | प्रशासनम् | शासन | Governance |
| शिक्षणम् | विद्याप्रदानम् | शिक्षण | Teaching |
| वित्तीयसमावेशनम् | धनविषयकः समावेशः | वित्तीय समावेशन | Financial Inclusion |
| आधारपत्रम् | आधारः (परिचयपत्रम्) | आधार-पत्र | Aadhar Card |
| प्रमाणपत्रम् | साक्ष्यपत्रम् | प्रमाण-पत्र | Certificate |
| शुल्कम् | करः | शुल्क | Fee |
| त्वरया | शीघ्रम् | जल्दी | Quickly |
| जनधनयोजना | एका वित्तीय-समावेशनयोजना | जनधन योजना | Jandhan Financial Scheme |
| अनुदानम् | दानम् | अनुदान | Grant |
| शिक्षायाः माध्यमेन | शिक्षणोपायेन | शिक्षा के माध्यम से | Through Education |
| प्रचारणीयः | प्रचारयोग्यः | प्रचार-योग्य | Worth propagating |
| कृषिः | कृषि-कार्यम् | खेती | Agriculture |
| वाणिज्यम् | व्यापारः | व्यापार | Trade |
| आजीविका | व्यवसायः / वृत्तिः | व्यवसाय | Employment / Occupation |
| साङ्गणिक-सुरक्षा | जालसुरक्षा | साइबर सुरक्षा | Cyber Security |
| डिजिटल्-बन्धनम् | डिजिटल्-बन्धनम् | डिजिटल्-बन्धन | Digital Arrest |
| डिजिटल्-साक्षरता | डिजिटल्-शिक्षा | डिजिटल्-साक्षरता | Digital Literacy |
अभ्यासात् जायते सिद्धिः — सम्पूर्ण उत्तराणि
पाठस्य आधारेण अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि एकपदेन लिखत
पाठस्य आधारेण अधोलिखितानां प्रश्नानाम् उत्तराणि पूर्णवाक्येन लिखत
कप्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालये काः डिजिटल्-प्रौद्योगिक्यः प्रदर्शिताः सन्ति?
खजनाः किमर्थं साङ्गणिक-अपराधेन पीडिताः भवन्ति?
गयशिका ‘डिजि-लॉकर्’ इत्यस्य उपयोगं कथं करोति?
घडिजिटल्-भारतस्य वित्तीयसमावेशने काः योजनाः सन्ति?
ङडिजिटल्-भारते शिक्षायाः क्षेत्रे केषां पटलानाम् उपयोगः करणीयः?
चग्राम्य-क्षेत्रेषु डिजिटल्-सेवानां समस्या कथं निराकर्तुं शक्यते?
अधः दत्तान् शब्दान् सम्यक् संयोजयत
अधः प्रदत्तमञ्जूषातः शब्दान् चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत
वर्गचित्र-जालम् — शब्दजाले छिपे शब्दों को पहचानिए
| मा | रा | डि | जी | लॉ | क | र् | सं | पी | सै |
| य् | ज | जि | आ | व | हॉ | त | वा | ए | ब |
| ग | मा | ट | भा | र्धि | लो | ब्लॉ | द | म् | र् |
| व् | र्गः | ल् | सी | ता | ग्रा | क् | य | कि | क्रै |
| यू | पी | आ | य् | ना | म् | चे | न्त्र | सा | म् |
| वा | म | जे | शा | वि | ज्ञा | न् | म् | न् | ना |
| णि | ज | म | स | नि | अ | र्थ | व्य | व | स्था |
| ज्य | को | वे | न् | म | कृ | त्रि | म | बु | द्धिः |
| म् | ज | क | स्व | य | म् | प्र | भा | शि | नि |
| प्रौ | द्यो | गि | की | फ़ा | स्टॅ | ग् | छ | क्षा | ष्ठा |
उर्ध्वाधर (vertical): डिजिटल् (स्तम्भ ३, पंक्ति १–४)।
अधोलिखितान् शब्दान् वर्गद्वये विभजत — सङ्गणकसम्बद्धाः, असङ्गणकसम्बद्धाः च
| सङ्गणकसम्बद्धाः | असङ्गणकसम्बद्धाः |
|---|---|
| अन्तर्जालम् | शिक्षिका |
| सङ्गणकः | विद्यालयः |
| ई-पत्रम् | पाठ्यपुस्तकम् |
| डिजिटल् | लेखनी |
अधोलिखितानि वाक्यानि पठित्वा शुद्धं (✓) अशुद्धं (✗) वा इति चिह्नीकुरुत
अव्यवस्थितान् वर्णान् शब्ददृष्ट्या व्यवस्थितरूपेण लिखत
अधोलिखितं परिच्छेदं पठित्वा प्रश्नानाम् उत्तराणि लिखत
कअद्यतनं युगं कीदृशम् अस्ति?
खमानवाः केषां साहाय्येन कार्याणि शीघ्रं कुर्वन्ति?
गई-अधिगम-प्रणाल्याः प्रयोगं के कुर्वन्ति?
परियोजनाकार्यम्
१आशुप्रतिक्रियाकूट (QR Code) अथवा सम्पर्कचिह्न (Link) द्वारा प्रधानमन्त्रिसङ्ग्रहालय का आभासीय भ्रमण करके भारत के डिजिटल-विकास का वर्णन कीजिए।
२छात्राः समूहेषु विभक्ताः भवेयुः, प्रत्येकं समूहः डिजिटल्-भारतस्य कस्याश्चिदपि योजनायाः प्रस्तुतिं करोतु।
अत्र इदम् अवधेयम्
१. क्त-प्रत्ययः
‘क्त’-प्रत्ययस्य प्रयोगः भूतकालार्थे कर्मवाच्ये भाववाच्ये च भवति। धातवः द्वि-विधा भवन्ति — अकर्मकाः, सकर्मकाः। यथा — रामः पाठम् अपठत्। अत्र कर्ता — रामः, कर्म — पाठम्, क्रिया — अपठत्।
यदा ‘क्त’ प्रत्ययः युज्यते तर्हि वाक्यं कर्मवाच्ये परिवर्तनीयम्। यथा — रामेण रावणः मारितः। यदा ‘क्त’ प्रत्ययस्य प्रयोगः क्रियते तदा कर्त्तरि तृतीया कर्मणि च प्रथमा भवति। यथा — बालकः पाठं पठति (कर्तृवाच्यम्) = बालकेन पाठः पठितः (कर्मवाच्यम्)। क्त-प्रत्ययस्य प्रयोगः त्रिषु लिङ्गेषु भवति।
| मूलधातुः | क्त-प्रत्ययः | पुंलिङ्गम् | स्त्रीलिङ्गम् | नपुंसकलिङ्गम् |
|---|---|---|---|---|
| युज् | युक्त | युक्तः | युक्ता | युक्तम् |
| भू | भूत | भूतः | भूता | भूतम् |
| विश् | विष्ट | विष्टः | विष्टा | विष्टम् |
| दा | दत्त | दत्तः | दत्ता | दत्तम् |
| रक्ष् | रक्षित | रक्षितः | रक्षिता | रक्षितम् |
२. शतृ-प्रत्ययः
‘शतृ’-प्रत्ययस्य प्रयोगः वर्तमानकाले कार्यं कुर्वन्तं जनं पदार्थं वा बोधयति। अस्य प्रयोगः केवलं परस्मैपदिभिः धातुभिः सह भवति। अस्य प्रयोगः त्रिषु लिङ्गेषु भवति। रूपनिर्माणम् — धातुः + शतृ-प्रत्ययः = पठ् + शतृ = पठन्।
| मूलधातुः | लट्-लकारः | शतृ-प्रत्ययान्तं पदम् |
|---|---|---|
| दृश् | पश्यति | पश्यन् |
| कृ | करोति | कुर्वन् |
| ज्ञा | जानाति | जानन् |
| इष् | इच्छति | इच्छन् |
| गम् | गच्छति | गच्छन् |
क्षेत्रानुसारं भारते डिजिटल्-प्रगतिः
- दीक्षामञ्चः (DIKSHA)
- राष्ट्रिय-अकेॅडमिक्-निक्षेपगृहः
- ई-पाठशाला (ePathshala)
- सर्वेभ्यः कृत्रिम-बुद्धि-अभियानम् (AI for All)
- एकीकृत-विनिमय-पटलम् (UPI)
- भीम-अनुप्रयोगः (BHIM App)
- आधार-सक्षम-वित्तीय-पद्धतिः (AEPS)
- रुपे-कार्ड्, ई-रूपी, जनधन-आधार-दूरवाणी-त्रयी
- आयुष्मान्-भारत-डिजिटल्-अभियानम् (ABDM)
- कोविन्-टीकाकरण-पञ्जीकरणम् (CoWIN)
- ई-संजीवनी दूरस्वास्थ्य-सेवा (eSanjeevani)
- डिजि-लॉकर् (Digi-Locker)
- मम शासनम् (MyGov)
- ई-जनपदसेवा (eDistrict)
- CPGRAMS
- ई-राष्ट्रिय-कृषि-आपणः (eNAM)
- PM-KISAN
- mKisan
- Kisan Suvidha
- राष्ट्रिय-आजीविका-सेवा
- Skill India Digital
- ASEEM Portal
- eSkill India
- ई-न्यायालयः (eCourts)
- NJDG
- CCTNS (अपराध-प्रत्यक्षाभिज्ञान-जाल-प्रणाली)
- GST Portal
- GeM Portal
- Udyam Portal
- डिजिटल्-भारताभियानम् (Digital India)
भारतीयज्ञानपरम्परा: छन्दःशास्त्रम् (पिङ्गलाचार्यः) — पिङ्गलस्य छन्दःशास्त्रे द्व्यधिक-सङ्ख्या-व्यवस्था (Binary Number System) निरूपिता अस्ति। आर्यभटीयम् (आर्यभटः) — आर्यभटेन प्रतिपादितः दशमलव-सङ्ख्या-विधिः (Decimal System) एवञ्च स्थानिमूलक-गणना-विधिः (Place-Value Notation) आधुनिक-सङ्गणकगणनायाः मूलाधारौ स्तः।
