MCQs
Question 1.
कठपुतली कविता के रचयिता हैं
(a) मैथलीशरण गुप्त
(b) भवानी प्रसाद मिश्र
(c) सुमित्रानंदन पंत
(d) सुभद्रा कुमारी चौहान
Answer: (b) भवानी प्रसाद मिश्र
Question 2.
कठपुतली को किस बात का दुख था?
(a) हरदम हँसने का
(b) दूसरों के इशारे पर नाचने का
(c) हरदम खेलने का
(d) हरदम धागा खींचने का
Answer: (b) दूसरों के इशारे पर नाचने का
Question 3.
कठपुतली के मन में कौन-सी इच्छा जागी?
(a) मस्ती करने की
(b) खेलने की
(c) आज़ाद होने की
(d) नाचने की
Answer: (c) आज़ाद होने की
Question 4.
पहली कठपुतली ने दूसरी कठपुतली से क्या कहा?
(a) स्वतंत्र होने के लिए
(b) अपने पैरों पर खड़े होने के लिए
(c) बंधन से मुक्त होने के लिए
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (d) उपर्युक्त सभी
Question 5.
कठपुतलियों को किनसे परेशानी थी?
(a) गुस्से से
(b) पाँवों से
(c) धागों से
(d) उपर्युक्त सभी से
Answer: (c) धागों से
Question 6.
कठपुतली ने अपनी इच्छा प्रकट की
(a) हर्षपूर्वक
(b) विनम्रतापूर्वक
(c) क्रोधपूर्वक
(d) व्यथापूर्वक
Answer: (c) क्रोधपूर्वक
Question 7.
कठपुतली गुस्से से क्यों उबल पड़ी-
(a) वह आज़ाद होना चाहती थी
(b) वह खेलना चाहती थी
(c) वह पराधीनता से परेशान थी
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (c) वह पराधीनता से परेशान थी
Question 8.
‘पाँवों को छोड़ देने का’ का अर्थ है
(a) सहारा देना
(b) स्वतंत्र कर देना
(c) आश्रयहीन कर देना
(d) पैरों से सहारा हटा देना
Answer: (b) स्वतंत्र कर देना
(1)
कठपुतली
गुस्से से उबली
बोली-ये धागे
क्यों हैं मेरे पीछे-आगे?
इन्हें तोड़ दो।
मुझे मेरे पाँवों पर छोड़ दो।
Question 1.
इस कविता के रचयिता कौन हैं?
(b) मीरा बाई
(a) रहीम
(c) भवानीप्रसाद मिश्र
(d) प्रयाग शुक्ल
Answer: (c) भवानीप्रसाद मिश्र
Question 2.
‘कठपुतली’ का जीवन कैसा था?
(a) कैदी
(b) धागों से बँधा
(c) दूसरों के हाथों में
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (b) धागों से बँधा
Question 3.
कठपुतली को किनसे परेशानी थी?
(a) धागों से
(b) गुस्से से
(c) पाँवों से
(d) इनमें कोई नहीं
Answer: (c) पाँवों से
Question 4.
कठपुतली गुस्से से क्यों उबल पड़ी?
(a) वह स्वतंत्र होना चाहती थी
(b) वह अकेले रहना चाहती थी
(c) पराधीनता से परेशान थी
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (a) वह स्वतंत्र होना चाहती थी
Question 5.
‘कठपुतली’ शब्द का अर्थ है-
(a) काठ की पुतली
(b) काठ की गुड़ियाँ
(c) गाँवों की पुतली
(d) प्लास्टिक की गुड़िया
Answer: (a) काठ की पुतली
Question 6.
कठपुतली गुस्से से क्यों उबल पड़ी?
Answer: कठपुतली स्वयं को धागों में बँधे-बँधे तथा दूसरे के इशारों पर नाचते देखकर गुस्से से उबल पड़ी।
Question 7.
कठपुतली ने क्या कहा?
Answer: कठपुतली ने कहा कि मेरे आगे-पीछे धागे क्यों हैं? इसे तोड़कर हमें आज़ाद कर दिया जाय और मुझे अपने हालात पर छोड़ दिया जाय।
Question 8.
कठपुतली धागे तोड़ने का आग्रह क्यों करती है?
Answer: कठपुतली धागे को तोड़ने का आग्रह इसलिए कर रही है ताकि वह आत्मनिर्भर हो सके।
Question 9.
कठपुतली के आगे-पीछे धागे क्यों होते हैं ?
Answer: कठपुतली आगे-पीछे धागे इसलिए होते हैं, ताकि उन्हें अपनी मनमर्जी से नचाया जा सके।
Question 10.
कठपुतली को किस बात का दुख था?
Answer: कठपुतली को इस बात का दुख था कि उसे दूसरों के इशारे पर नाचना पड़ता है।
(2)
मगर…
पहली कठपुतली सोचने लगी-
ये कैसी इच्छा
मेरे मन में जगी?
Question 1.
दूसरी कठपुतलियाँ क्या बोलीं?
(a) हमें आजादी चाहिए
(b) हमें आत्मनिर्भर होना चाहिए
(c) स्वतंत्र होने के लिए
(d) उपर्युक्त सभी कथन
Answer: (d) उपर्युक्त सभी कथन
Question 2.
कविता में कठपुतली किसकी प्रतीक है?
(a) खिलौने की
(b) आम लोगों की
(c) स्वतंत्रता की
(d) उड़ने की
Answer: (b) आम लोगों की
Question 3.
‘हमें अपने मन के छंद हुए’ का क्या अर्थ है-
(a) अपने मन का काम
(b) अपने लिए जीना
(c) अपने मन की बात सुनना
(d) नया जीवन जीना
Answer: (c) अपने मन की बात सुनना
Question 4.
‘पहली कठपुतली’ रेखांकित शब्द है-
(a) संज्ञा
(b) सर्वनाम
(c) क्रिया
(d) विशेषण
Answer: (d) विशेषण
Question 5.
क्या कठपुतलियाँ स्वतंत्र हो गईं ? यदि हो गई तो कौन-सी?
(a) हाँ
(b) सबसे छोटी वाली
(c) नहीं, कोई भी नहीं
(d) पता नहीं
Answer: (c) नहीं, कोई भी नहीं
Question 6.
पहली कठपुतली की बात किसने सुनी?
Answer: पहली कठपुतली की बात इसके साथ रहने वाली दूसरी कठपुतलियाँ सुन रही थीं।
Question 7.
पहली कठपुतली मन में क्या सोचने लगी?
Answer: पहली कठपुतली सोचने लगी कि उसके मन में यह स्वतंत्रता की कैसी इच्छा जग गई है? इसका क्या परिणाम होगा?
Question 8.
पहली कठपुतली के मन में क्या इच्छा जगी थी, वह कितनी स्वाभाविक थी?
Answer: पहली कठपुतली सोचने लगी कि उसके कारण सभी विद्रोह के लिए तैयार हो गई हैं, अत: अब उसके कंधों पर स्वतंत्रता की जिम्मेदारी बढ़ गई है।
Question 9.
मन के छंद छूने का अर्थ क्या है?
Answer: मन के छंद छूने का अर्थ है-अपनी मन मर्जी से काम करना।
Question 10.
‘इच्छा’ शब्द के दो पर्यायवाची लिखिए।
Answer: ‘इच्छा’ शब्द का पर्यायवाची शब्द है-लालसा, कामना, चाहत, आकांक्षा ।
कविता से
प्रश्न 1.
कठपुतली को गुस्सा क्यों आया?
उत्तर:
कठपुतली के आगे-पीछे धागे ही धागे थे। वह पराधीन रहकर जीवन बिता रही थी। ऐसा जीवन उसे लम्बे समय से जीना पड़ रहा था। अपनी स्वतंत्रता की चेतना जागृत होने पर कठपुतली को गुस्सा आया।
प्रश्न 2.
कठपुतली को अपने पाँवों पर खड़ी होने की – इच्छा है, लेकिन वह क्यों नहीं खड़ी होती?
उत्तर:
कठपुतली को अपने पाँवों पर खडी होने की इच्छा है लेकिन वह खड़ी नहीं हो पाती है क्योंकि उस पर बाकी कठपुतलियों की स्वतंत्रता की ज़िम्मेदारी आती है। अकेले उसी के स्वतंत्र होने से कोई बात नहीं बनने वाली है। आवश्यकता है सभी कठपुतलियों के स्वतंत्र होने की।
प्रश्न 3.
पहली कठपुतली की बात दूसरी कठपुतलियों को क्यों अच्छी लगी।
उत्तर:
पहली कठपुतली की बात सभी कठपुतलियों को अच्छी लगी। क्योंकि अन्य कठपुतलियाँ भी इस बंधनयुक्त जीवन से मुक्त होना चाहती थीं। आख़िर स्वतंत्रता सबको अच्छी लगती है, और वे स्वतंत्र होना चाहती हैं।
प्रश्न 4.
पहली कठपुतली ने स्वयं कहा कि-‘ये धागे / क्यों हैं मेरे पीछे-आगे? / इन्हें तोड़ दो / मुझे मेरे पाँवों पर छोड़ दो।’-तो फिर वह चिंतित क्यों हुई कि- ‘ये कैसी इच्छा / मेरे मन में जगी?’ नीचे दिए वाक्यों की सहायता से अपने विचार व्यक्त कीजिए
उत्तर:
उसे दूसरी कठपुतलियों की ज़िम्मेदारी महसूस होने लगी।
कविता से आगे
प्रश्न. 1.
‘बहुत दिन हुए / हमें अपने मन के छंद छुए।’-इस पंक्ति का अर्थ और क्या हो सकता है? – नीचे दिए हुए वाक्यों की सहायता से सोचिए और अर्थ लिखिए-.
(क) बहुत दिन हो गए, मन में उमंग नहीं आई।
(ख) बहुत दिन हो गए, मन के भीतर कविता-सी कोई बात नहीं उठी, जिसमें छंद हो, लय हो।
(ग) बहुत दिन हो गए, गाने-गुनगुनाने का मन नहीं हुआ।
(घ) बहुत दिन हो गए, मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।
उत्तर:
(घ) बहुत दिन हो गए मन का दुख दूर नहीं हुआ और न मन में खुशी आई।
प्रश्न. 2.
नीचे दो स्वतंत्रता आंदोलनों के वर्ष दिए गए हैं। इन दोनों आंदोलनों के दो-दो स्वतंत्रता सेनानियों .. के नाम लिखिए
(क) सन् 1857………….
(ख) सन् 1942 ……………
उत्तर:
(क) सन् 1857-मंगल पाँडे, रानी लक्ष्मीबाई।
(ख) सन् 1942-महात्मा गाँधी, सरदार वल्लभभाई पटेल।
अनुमान और कल्पना
स्वतंत्र होने की लड़ाई कठपुतलियों ने कैसे लड़ी होगी और स्वतंत्र होने के बाद उन्होंने स्वावलंबी होने के लिए क्या-क्या प्रयत्न किए होंगे? यदि उन्हें फिर से धागे | में बाँधकर नचाने के प्रयास हुए होंगे तब उन्होंने अपनी रक्षा किस तरह के उपायों से की होगी?
उत्तर:
स्वतंत्रता की बात धीरे-धीरे सभी कठपुतलियों में घर कर गई होगी उन्होंने स्वतंत्र रहने का निर्णय लिया होगा। उन सबने एक साथ संगठित विद्रोह कर दिया होगा और अपनी स्वतंत्रता के लिए लड़ते हुए विजय पाई होगी। कुछ ने नृत्य को अपने पेशे के रूप में अपनाया होगा, बाकी ने आने वाली पीढी को शिक्षा के प्रति जागरूकता उत्पन्न कर, शिक्षित बनाकर, स्वावलंबी बनाने का प्रयास किया होगा। शिक्षित और स्वावलंबी बन चुकी होने के कारण ऐसा करना अब आसान न था। वे अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए सक्षम हो चुकी थी, इसलिए अपनी स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उन्होंने जी-जान से प्रयास किया होगा।
भाषा की बात
प्रश्न 1.
कई बार जब दो शब्द आपस में जुड़ते हैं तो उनके मूल रूप में परिवर्तन हो जाता है। कठपुतली शब्द में भी इस प्रकार का सामान्य परिवर्तन हुआ है। जब काठ और पुतली दो शब्द एक साथ हुए कठपुतली शब्द बन गया और इससे बोलने में सरलता आ गई। इस प्रकार के कुछ शब्द बनाइए
जैसे-काठ (कठ) से बना-कठगुलाब, कठफोड़ा
हाथ-हथ
सोना-सोन
मिट्टी-मठ
उत्तर:
हाथ (हथ) से बने शब्द – हथकंडा, हथकड़ी, हथगोला, हथकरघा, हथ छुट।
सोना (सोन) से बने शब्द – सोनजुही, सोनहला, सोनकेला।
मिट्टी (मठ) से बने शब्द – मठाधीश, मठधारी, मठपति।
प्रश्न 2.
कविता की भाषा में लय या तालमेल बनाने के लिए प्रचलित शब्दों और वाक्यों में बदलाव होता है। जैसे-आगे-पीछे अधिक प्रचलित शब्दों की जोड़ी है, लेकिन कविता में “पीछे-आगे’ का प्रयोग हुआ है। यहाँ ‘आगे’ का ‘ बोली ये धागे’ से ध्वनि का तालमेल है। इस प्रकार के शब्दों की जोड़ियों में आप भी परिवर्तन कीजिए-दुबला-पतला, इधर-उधर, ऊपर-नीचे, दाएँ-बाएँ, गोरा-काला, लाल-पीला आदि।
उत्तर:
शब्द