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Question 1.
‘नौकर’ पाठ के लेखक कौन हैं?
(a) महात्मा गांधी जी
(b) अनु बंद्योपाध्याय
(c) विष्णु प्रभाकर
(d) गुणाकर मुले
Answer: (b) अनु बंद्योपाध्याय
Question 2.
गांधी जी पैदल क्यों चलते थे?
(a) पैसा बचाने के लिए
(b) स्वस्थ रहने के लिए
(c) उनको डॉक्टर ने सलाह दी थी
(d) इनमें से कोई नहीं
Answer: (b) स्वस्थ रहने के लिए
Question 3.
साबरमती आश्रम किस राज्य में है?
(a) बिहार
(b) बंगाल
(c) गुजरात
(d) ओडिशा
Answer: (c) गुजरात
Question 4.
गांधी जी सवेरे की प्रार्थना के बाद कौन-सा कार्य करते थे?
(a) सब्जियों का लाना
(b) सब्जियों का छीलना
(c) सब्जियाँ काटना
(d) सब्जियाँ पकाना
Answer: (c) सब्जियाँ काटना
Question 5.
गांधी जी के साथ दक्षिण अफ्रीका में कौन ठहरा था?
(a) रामकृष्ण गोखले
(b) गोपाल कृष्ण गोखले
(c) सरदार बल्लभ भाई पटेल
(d) नेताजी सुभाष चंद्र बोस
Answer: (b) गोपाल कृष्ण गोखले
(1)
आश्रम में गांधी कई ऐसे काम भी करते थे जिन्हें आमतौर पर नौकर-चाकर करते हैं। जिस ज़माने में वे बैरिस्टरी से हज़ारों रुपये कमाते थे, उस समय भी वे प्रतिदिन सुबह अपने हाथ से चक्की पर आटा पीसा करते थे। चक्की चलाने में कस्तूरबा और उनके लड़के भी हाथ बँटाते थे। इस प्रकार घर में रोटी बनाने के लिए महीन या मोटा आटा वे खुद पीस लेते थे। साबरमती आश्रम में भी गांधी ने पिसाई का काम जारी रखा। वह चक्की को ठीक करने में भी कभी-कभी घंटों मेहनत करते थे।
Question 1.
इस गद्यांश में किस व्यवसाय का उल्लेख हुआ है?
(a) इंजीनियरिंग का
(b) डॉक्टरी का
(c) बैरिस्टरी का
(d) अन्य
Answer: (c) बैरिस्टरी का
Question 2.
बैरिस्टर रहते हुए भी गांधी जी कौन-सा काम किया करते थे?
(a) आश्रम का काम
(b) सफ़ाई का काम
(c) बरतन धोने का काम
(d) आटा पीसने का काम
Answer: (d) आटा पीसने का काम
Question 3.
चक्की चलाने में गांधी जी का हाथ कौन बँटाता था?
(a) कस्तूरबा गांधी
(b) लड़के
(c) दोनों
(d) इनमें कोई नहीं
Answer: (c) दोनों
(2)
कुछ वर्षों तक गांधी ने आश्रम के भंडार का काम सँभालने में मदद दी। सवेरे की प्रार्थना के बाद वे रसोईघर में जाकर सब्जियाँ छीलते थे। रसोईघर या भंडारे में अगर वे कहीं गंदगी या मकड़ी का जाला देख पाते थे तो अपने साथियों को आड़े हाथों लेते। उन्हें सब्जी, फल और अनाज के पौष्टिक गुणों का ज्ञान था। एक बार एक आश्रमवासी ने बिना धोए आलू काट दिए। गांधी ने उसे समझाया कि आलू और नींबू को बिना धोए नहीं काटना चाहिए।
Question 1.
गांधी जी रसोईघर में जाकर क्या करते थे?
(a) सब्ज़ियाँ बनाते थे।
(b) सब्जियाँ काटते थे।
(c) सब्जियाँ खाते थे।
(d) सब्जियाँ छीलते थे।
Answer: (d) सब्जियाँ छीलते थे।
Question 2.
गांधी जी अपने साथियों को किस बात पर आड़े हाथों लेते थे?
(a) गांधी जी का कहना न मानने पर
(b) काम न करने पर
(c) रसोईघर की सफ़ाई न करने पर
(d) देर तक सोने पर
Answer: (c) रसोईघर की सफ़ाई न करने पर
Question 3.
गांधी जी को किसके पौष्टिक गुणों का ज्ञान था?
(a) फलों के
(b) सब्जियों के
(c) अनाजों के
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (d) उपर्युक्त सभी
(3)
शरीर से जब तक बिलकुल लाचारी न हो तब तक गांधी को यह बात बिलकुल पसंद नहीं थी कि महात्मा या बूढ़े होने के कारण उनको अपने हिस्से का दैनिक शारीरिक श्रम न करना पड़े। उनमें हर प्रकार का काम करने की अद्भुत क्षमता और शक्ति थी। वह थकान का नाम भी नहीं जानते थे। दक्षिण अफ्रीका में बोअर-युद्ध के दौरान उन्होंने घायलों को स्ट्रेचर पर लादकर एक-एक दिन में पच्चीस-पच्चीस मील तक ढोया था। वह मीलों पैदल चल सकते थे। दक्षिण अफ्रीका में जब वे टॉलस्टॉय बाड़ी में रहते थे, तब पास के शहर में कोई काम होने पर दिन में अकसर बयालीस मील तक पैदल चलते थे। इसके लिए वे घर में बना कुछ नाश्ता साथ लेकर सुबह दो बजे ही निकल पढ़ते थे, शहर में खरीददारी करते और शाम होते-होते वापस फार्म पर लौट आते थे। उनके अन्य साथी भी उनके इस उदाहरण का खुशी-खुशी अनुकरण करते थे।
Question 1.
गांधी जी कब अपने हिस्से का कार्य नहीं करते थे?
(a) जब उनसे कोई मिलने आता था।
(b) जब उनके पास नौकर होता था।
(c) जब वे शरीर से बिलकुल लाचार होते थे।
(d) जब उन्हें कोई मिलने आता था।
Answer: (c) जब वे शरीर से बिलकुल लाचार होते थे।
Question 2.
बोअर-युद्ध के समय गांधी ने क्या किया?
(a) रोगियों को भोजन दिया
(b) रसोई घर का काम संभाला
(c) अनाथों की देखभाल की
(d) घायलों को स्ट्रेचर पर ढोया
Answer: (d) घायलों को स्ट्रेचर पर ढोया
Question 3.
गांधी जी कहाँ दिन में अकसर बयालीस मील चलते थे?
(a) टॉलस्टॉय बाड़ी में रहते हुए
(b) केप टाउन में रहते हुए
(c) डरबन में रहते हुए
(d) लुसाका में रहते हुए
Answer: (a) टॉलस्टॉय बाड़ी में रहते हुए
(4)
गांधी अपने से बड़ों का बड़ा आदर करते थे। दक्षिण अफ्रीका में गोखले गांधी के साथ ठहरे हुए थे। उस समय गांधी ने उनके दुपट्टे पर इस्त्री की। वह उनका बिस्तर ठीक करते थे, उनको भोजन परोसते थे और उसके पैर दबाने को भी तैयार रहते थे। गोखले बहुत मना करते थे, लेकिन गांधी नहीं मानते थे। महात्मा कहलाने से बहुत पहले एक बार दक्षिण अफ्रीका से भारत आने पर गांधी कांग्रेस के अधिवेशन में गए। वहाँ उन्होंने गंदे पाखाने साफ़ किए और बाद में उन्होंने एक बड़े कांग्रेसी नेता से पूछा, “मैं आपकी क्या सेवा कर सकता हूँ?” नेता ने कहा, “मेरे पास बहुत से पत्र इकट्ठे हो गए हैं जिनका जवाब देना है? मेरे पास कोई कारकुन नहीं है जिसे यह काम दूं।”
Question 1.
गांधी जी दक्षिण अफ्रीका में किसके साथ ठहरे हुए थे?
(a) नेहरू जी के साथ
(b) गोखले के साथ
(c) बाल गंगाधर तिलक के साथ
(d) विपिन चंद्र पाल के साथ
Answer: (b) गोखले के साथ
Question 2.
गांधी जी ने गोखले जी के लिए क्या-क्या किया?
(a) कपड़े इस्त्री किया
(b) बिस्तर ठीक किया
(c) भोजन परोस कर दिया
(d) उपर्युक्त सभी
Answer: (d) उपर्युक्त सभी
(5)
जब कभी आश्रम में किसी सहायक को रखने की आवश्यकता होती थी, तब गांधी किसी हरिजन को रखने का आग्रह करते थे। उनका कहना था, “नौकरों को हमें वेतन भोगी मज़दूर नहीं, अपने भाई के समान मानना चाहिए। इसमें कुछ कठिनाई हो सकती है, कुछ चोरियाँ हो सकती हैं। फिर भी हमारी कोशिश सर्वथा निष्फल नहीं जाएगी।”
Question 1.
गांधी जी किस बात का आग्रह करते थे?
(a) आपस में मिल-जुलकर रहने की
(b) अंग्रेज़ों का मुकाबला डटकर करने की
(c) स्वदेशी अपनाने की
(d) आश्रम में नौकर हरिजन को रखने की
Answer: (d) आश्रम में नौकर हरिजन को रखने की
Question 2.
गांधी जी हरिजन को रखने के पक्ष में क्यों थे?
(a) क्योंकि वे धन कमा सके
(b) ताकि उन्हें समाज में ऊँचा स्थान मिल जाए
(c) ताकि समाज ऊँच-नीच वर्गों में न बँटे
(d) अपना प्रभुत्व कायम करने के लिए
Answer: (c) ताकि समाज ऊँच-नीच वर्गों में न बँटे
Question 3.
गांधी जी के अनुसार हमारा नौकरों के साथ व्यवहार कैसा होना चाहिए?
(a) मैत्रीपूर्ण
(b) भाई जैसा
(c) मालिक नौकर की भाँति
(d) उनसे संबंध नहीं रखना चाहिए
Answer: (a) मैत्रीपूर्ण
(6)
आश्रम में गांधी कई ऐसे काम करते थे जिन्हें आमतौर पर नौकर-चाकर करते हैं। जिस ज़माने में वे बैरिस्टरी से हजारों रुपये कमाते थे, उस समय भी वे प्रतिदिन सुबह अपने हाथ से चक्की पर आटा पीसा करते थे। चक्की चलाने में कस्तूरबा और उनके लड़के भी हाथ बँटाते थे। इस प्रकार घर में रोटी बनाने के लिए महीन या मोटा आटा वे खुद पीस लेते थे। साबरमती आश्रम में भी गांधी ने पिसाई का काम जारी रखा। चक्की को ठीक करने में कभी-कभी घंटों मेहनत करते थे।
Question 1.
गद्यांश के पाठ और लेखिका का नाम लिखिए।
Answer:
पाठ का नाम-नौकर
लेखिका का नाम-अनु बंद्योपाध्याय
Question 2.
आश्रम में गांधी जी किस तरह के काम करते थे?
Answer: आश्रम में गांधी जी अनेक काम करते थे जिन्हें आमतौर पर नौकर-चाकर करते थे।
Question 3.
गांधी जी सुबह क्या काम किया करते थे?
Answer: गांधी जी आश्रम में प्रतिदिन सुबह अपने हाथ से चक्की पर आटा पीसने का काम करते थे।
(7)
कुछ वर्षों तक गांधी ने आश्रम के भंडार का काम सँभालने में मदद दी। सवेरे की प्रार्थना के बाद वे रसोईघर जाकर सब्जियाँ छीलते थे। रसोईघर या भंडारे में अगर वे कहीं गंदगी या मकड़ी का जाला देख पाते थे तो अपने साथियों को आड़े हाथों लेते। उन्हें सब्जी, फल और अनाज के पौष्टिक गुणों का ज्ञान था। एक बार एक आश्रमवासी ने बिना धोए आलू काट दिए। गांधी ने उसे समझाया कि आलू और नींबू को बिना धोए नहीं काटना चाहिए।
Question 1.
गांधी जी सवेरे की प्रार्थना के बाद क्या काम करते थे?
Answer: गांधी जी सवेरे की प्रार्थना के बाद आश्रम के रसोई घर में जाकर सब्जियाँ छीलते थे।
Question 2.
कुछ वर्षों तक गांधी ने क्या काम किया?
Answer: कुछ वर्षों तक गांधी जी ने आश्रम के भंडार को सँभालने का काम किया।
Question 3.
वे कब अपने सहयोगियों को आड़े हाथों लेते थे?
Answer: जब वे कहीं गंदगी या मकड़ी का जाला देखते थे तब वे अपने साथियों को आड़े हाथों लेते थे।
(8)
एक बार किसी तालाब की भराई का काम चल रहा था, जिसमें गांधी के साथी लगे हुए थे। एक सुबह काम खत्म करके वे लोग फावड़े, कुदाल और टोकरियाँ लिए जब वापस लौटे तो देखते हैं कि गांधी ने उनके लिए तश्तरियों में नाश्ते के लिए फल आदि तैयार करके रखे हैं। एक साथी ने पूछा, “आपने हम लोगों के लिए यह सब कष्ट क्यों किया? क्या यह उचित है कि हम आपसे सेवा कराएँ?” गांधी ने मुसकराकर उत्तर दिया, “क्यों नहीं। मैं जानता था कि तुम लोग थके-माँदे लौटोगे। तुम्हारा नाश्ता तैयार करने के लिए मेरे पास खाली समय था।”
Question 1.
साथियों के नाश्ते के लिए गांधी जी ने तश्तरियों में क्या तैयार करके रखा था?
Answer: गांधी जी ने नाश्ते के लिए फल आदि तैयार करके तश्तरियों में रखे थे।
Question 2.
गांधी जी के साथी किस काम में लगे थे?
Answer: गांधी जी के साथी एक तलाब की भराई के काम में लगे थे।
Question 3.
काम करने वालों ने क्या देखा?
Answer: काम करने वालों ने काम से वापस आने पर देखा कि गांधी जी में उनके नाश्ते की व्यवस्था करके बैठे हैं।
(9)
एक बार दक्षिण अफ्रीका में जेल से छूटने के बाद घर लौटने पर उन्होंने देखा कि उनके मित्र की पत्नी श्रीमती पोलक बहुत ही दुबली और कमज़ोर हो गई हैं। उनका बच्चा उनका दूध पीना छोड़ता नहीं था और वह उसका दूध छुड़ाने की कोशिश कर रही थीं। बच्चा उन्हें चैन नहीं लेने देता था और रो-रोकर उन्हें जगाए रहता था। गांधी जिस दिन लौटे, उसी रात से उन्होंने बच्चे की देखभाल का काम अपने हाथों में ले लिया।
Question 1.
श्रीमती पोलक का बच्चा उनको किस तरह से परेशान करता था?
Answer: बच्चा अपनी माँ को चैन नहीं लेने देता था और रो-रोकर उन्हें जगाए रखता था।
Question 2.
दक्षिण अफ्रीका की जेल से छूटने पर गांधी जी ने क्या देखा?
Answer: दक्षिण अफ्रीका की जेल से छूटने पर गांधी ने देखा कि उनके मित्र की पत्नी श्रीमती पोलक बहुत दुबली और कमज़ोर हो गई हैं?
Question 3.
श्रीमती पोलक कमज़ोर क्यों हो गई थी?
Answer: श्रीमती पोलक का बच्चा उनका दूध पीना नहीं छोड़ रहा था। इसलिए वह कमज़ोर हो गई थीं।
(10)
जब कभी आश्रम में किसी सहायक को रखने की आवश्यकता होती थी, तब गांधी किसी हरिजन को रखने का आग्रह करते थे। उनका कहना था, “नौकरों को हमें वेतन भोगी, मज़दूर नहीं, अपने भाई के समान मानना चाहिए। इससे कुछ कठिनाई हो सकती है, कुछ चोरियाँ हो सकती हैं, फिर भी हमारी कोशिश सर्वथा निष्फल नहीं जाएगी।”
Question 1.
गांधी जी किस बात का आग्रह करते थे?
Answer: गांधी जी आश्रम में सहायक हरिजन को रखने का आग्रह करते थे।
Question 2.
गांधी जी हरिजन को रखने के पक्ष में क्यों थे?
Answer: गांधी जी हरिजन को इसलिए रखने के पक्ष में थे ताकि समाज में ऊँच-नीच वर्गों में न बँटे।
Question 3.
गांधी जी के अनुसार नौकर के प्रति हमारा व्यवहार कैसा होना चाहिए?
Answer: गांधी जी के अनुसार नौकरों के प्रति हमारा व्यवहार भाई जैसा होना चाहिए।
पाठ्यपुस्तक के प्रश्न-अभ्यास
निबंध से
प्रश्न 1.
आश्रम में कॉलेज के छात्रों से गांधी जी ने कौन सा काम करवाया और क्यों?
उत्तर-
आश्रम में गांधी जी ने कॉलेज के छात्रों से गेहूँ बीनने का काम करवाया। उन छात्रों को अंग्रेजी भाषा के ज्ञान पर बड़ा गर्व था। गांधी जी उनके इस अहंकार को तोड़ना चाहते थे। वे यह शिक्षा देना चाहते थे कि अधिक पढ़ लेने पर भी हमें छोटे कार्य में संकोच नहीं करना चाहिए।
प्रश्न 2.
‘आश्रम में गांधी कई ऐसे काम भी करते थे, जिन्हें आमतौर पर नौकर-चाकर करते हैं।’ पाठ से तीन ऐसे प्रसंगों को अपने शब्दों में लिखो जो इस बात का प्रमाण हों।
उत्तर-
आश्रम में गांधी जी कई ऐसे कार्य करते थे, जिन्हें आमतौर पर नौकर-चाकर करते हैं। ये कार्य हैं-
प्रश्न 3.
लंदन में भोज पर बुलाए जाने पर गांधी जी ने क्या किया?
उत्तर-
जब लंदन में गांधी जी को वहाँ के छात्रों ने भोज पर बुलाया तो गांधी जी समय से पहले पहुँचकर तश्तरियाँ धोने, सब्जी साफ़ करने तथा अन्य छोटे-मोटे काम करने में सहायता करने लगे।
प्रश्न 4.
गांधी जी ने श्रीमती पोलक के बच्चे को दूध कैसे छुड़वाया?
उत्तर-
श्रीमती पोलक का बच्चा रात को दूध पीने के लिए अपनी माँ को सारी रात जगाए रखता था। इससे वे काफ़ी कमज़ोर हो गई थीं। गांधी जी ने बच्चे की देखभाल का काम अपने हाथों में ले लिया। रात को देर रात को घर देर से पहुँचने पर भी श्रीमती पोलक के बिस्तर से बच्चे को उठाकर अपने बिस्तर पर लिटा देते थे। उसे पानी पिलाने के लिए एक बरतन में। पानी भरकर भी रख लेते थे। बच्चे को पंद्रह दिन तक उन्होंने अपने साथ बिस्तर पर सुलाया। अपनी माँ से पंद्रह दिन तक अलग सोने पर बच्चे ने माँ का दूध छोड़ दिया।
प्रश्न 5.
आश्रम में काम करने या करवाने का कौन सा तरीका गांधी जी अपनाते थे? इसे पाठ पढ़कर लिखो।
उत्तर-
आश्रम में गांधी जी स्वयं काम करते थे तथा दूसरों से काम करवाने में सख्ती बरतते थे, पर वे अपना काम किसी और से करवाना पसंद नहीं करते थे। वे किसी के पूछने पर उसे तुरंत कामे बता देते थे। गांधी जी को स्वयं काम करते देखकर कोई भी मना नहीं कर पाता था। वे काम करने वालों को कभी नौकर नहीं समझते थे, वरन उन्हें भाई या बहन मानते थे। इससे काम न करने की सोचने वाला भी काम करने को प्रेरित हो जाता था।
निबंध से आगे
प्रश्न 1.
गांधी जी इतना पैदल क्यों चलते थे? पैदल चलने से क्या लाभ हैं? लिखो।
उत्तर-
पैदल चलना स्वास्थ्य के लिए लाभप्रद है। गांधीजी यह बात जानते थे, इसलिए वह मीलों पैदल चला करते थे। पैदल चलना एक व्यायाम है। इससे पैर की हड्डियों और माँसपेशियों को मजबूती मिलती है। पैरों में ताकत आती है। शरीर की चुस्ती और फुर्ती बनी रहती है। पैदल चलने की आदत स्वस्थ रहने में मददगार है।
प्रश्न 2.
अपने घर के किन्हीं दस कामों की सूची बनाकर लिखो और यह भी कि उन कामों को घर के कौन-कौन से सदस्य अकसर करते हैं? तुम तालिका की सहायता ले सकते हो-
अब यह देखो कि कौन सबसे ज़्यादा काम करता है और कौन सबसे कम? कामों का बराबर बँटवारा हो सके, इसके लिए तुम क्या कर सकते हो? सोचकर कक्षा में बताओ।
उत्तर-
सबसे ज्यादा काम माँ करती है और सबसे कम काम मैं, पिता, भाई और चाचा करते हैं। कामों के बराबर बँटवारे के लिए सबको बराबर कामों की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए।
अनुमान और कल्पना
प्रश्न 1.
गांधी जी अपने साथियों की जरूरत के मुताबिक हर काम कर देते थे, लेकिन उनका खुद का काम कोई और करे, ये उन्हें पसंद नहीं था। क्यों? सोचो और अपनी कक्षा में सुनाओ।
उत्तर-
गाँजी जी अपने साथियों की जरूरत के मुताबिक हर काम कर देते थे, लेकिन अपना खुद का काम दूसरों से करवाना उन्हें पसंद नहीं था। जब तक शरीर बिलकुल लाचार न हो, वह किसी की मदद लेना नहीं चाहते थे। उन्हें यह पसंद नहीं था कि केवल महात्मा या बूढ़े होने की वजह से कोई उनकी सहायता करे। वह किसी पर भार नहीं बनना चाहते थे। अपनी जरूरत के लिए दूसरों को परेशान करना भी उन्हें ठीक नहीं लगता था।
प्रश्न 2.
“नौकरों को हमें वेतनभोगी मज़दूर नहीं, अपने भाई के समान मानना चाहिए। इसमें कुछ कठिनाई हो सकती है, फिर भी हमारी कोशिश सर्वथा निष्फल नहीं जाएगी।” गांधी जी ऐसा क्यों कहते होंगे? तर्क के साथ समझाओ।
उत्तर-
नौकरों को हमें वेतनभोगी मजदूर नहीं, अपने भाई के समान मानना चाहिए। इससे हमें कुछ कठिनाई हो सकती है, फिर भी हमारी कोशिश सर्वथा निष्फल नहीं जाएगी। गांधी जी ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि हमारे समाज में नौकरों को परिवार के सदस्य की तरह मानने की लोगों की मानसिकता नहीं रही है। नौकर भी मनुष्य होते हैं। उन्हें भी हमारी ही तरह प्यार और सहानुभूति की आवश्यकता होती है। हमारा प्यार एवं सहानुभूति पाकर वे खुश होंगे तथा कार्म में अधिक मन लगाएँगे। हमारा इस तरह का व्यवहार उन्हें संतुष्टि प्रदान करेगा।
प्रश्न 3.
गांधी जी की कही-लिखी बातें लगभग सौ से अधिक किताबों में दर्ज हैं। घर के काम, बीमारों की सेवा, आगंतुकों से बातचीत आदि ढेरों काम करने के बाद गांधी जी को लिखने का समय कब मिलता होगा? गांधी जी का एक दिन कैसे गुजरता होगा, इस पर अपनी कल्पना से लिखो।
उत्तर-
घर के काम, बीमारों की सेवा, आगंतुकों से बातचीत आदि ढेरों काम करने के बाद गांधी जी रात के समय बैठकर लिखते होंगे। गांधी जी में काम करने की अद्भुत क्षमता और शक्ति थी। उनका पूरा दिन व्यस्त गुजरता था। खाली बैठना वह नहीं जानते थे और थकान उन्हें कभी नहीं होती थी। सुबह उठकर वह निश्चय ही टहलने जाते होंगे। वहाँ से लौटकर नित्यक्रिया से निवृत्त होकर प्रार्थना सभा में शामिल होते होंगे। उसके बाद वह चक्की से आटा पीसने और रसोई में जाकर सब्जियाँ छीलने का काम करते होंगे। इस बीच वह साथियों के कार्य की छानबीन भी करते होंगे। फिर वह कुएँ से पानी खींचते होंगे। इसके बाद आगंतुकों से मिलना और साथ में गेहूं बीनने का कार्य चलता रहता होगा। दोपहर का खाना वह कभी-कभी स्वयं ही सबको परोसते होंगे। शाम को राजनीतिक सम्मेलनों और सभाओं का कार्य देखते होंगे और रात में गांधी जी लिखने का कार्य करते होंगे। इस प्रकार उनकी व्यस्त दिनचर्या समाप्त होती होगी।
प्रश्न 4.
पाठ में बताया गया है कि गांधी जी और उनके साथी आश्रम में रहते थे। घर और स्कूल के छात्रावास से गांधी जी का आश्रम किस तरह अलग था? कुछ वाक्यों में लिखो।
उत्तर-
स्कूल के छात्रावास में छात्रों के रहने का उद्देश्य केवल ज्ञानार्जन होता है, उन्हें अन्य किसी कार्य की फिक्र नहीं रहती है। घर में परिवार के कुछ सीमित सदस्य साथ रहे केर जीवन-यापन करते हैं। परंतु गांधीजी के आश्रम में स्वतंत्रता सेनानी, देश तथा समाज के सेवक और उनके परिवार के कुछ सदस्य रह टे थे। आश्रम में ही उनका जीवन-यापन था और आटा पीसने से लेकर सब्जियाँ उगाने तक का काम वे आश्रम में किया करते थे। साथ ही आश्रम में रहकर वह देश की राजनीतिक हलचल पर अपनी निगाह रखते थे और स्वतंत्रता आंदोलन की योजना बनाकर उसकी दिशा तय करते थे।
प्रश्न 5.
ऐसे कामों की सूची बनाओ जिन्हें तुम हर रोज़ खुद कर सकते हो।
उत्तर-
ऐसे कई काम हैं जो प्रतिदिन स्वयं किए जा सकते हैं
भाषा की बात
प्रश्न 1.
(क) “पिसाई’ संज्ञा है। पीसना शब्द से ‘ना’ निकाल देने पर ‘पीस’ धातु रह जाती है। पीस धातु से ‘आई’ प्रत्यय जोड़ने पर ‘पिसाई’ शब्द बनता है। किसी-किसी क्रिया में प्रत्यय जोड़कर उसे संज्ञा बनाने के बाद उसके रूप में बदलाव आ जाता है; जैस-ढोना से ढुलाई, बोना से बुआई।
मूल शब्द के अंत में जुड़कर नया शब्द बनाने वाले शब्दांश को प्रत्यय कहते हैं।
नीचे कुछ संज्ञाएँ दी गई हैं। बताओ ये किन क्रियाओं से बनी हैं?
उत्तर
(ख) हर काम-धंधे के क्षेत्र की अपनी कुछ अलग भाषा और शब्द-भंडार भी होते हैं। ऊपर लिखे शब्दों का संबंध दो अलग-अलग कामों से है। पहचानो कि दिए गए शब्दों के संबंध किन-किन कामों से है?
उत्तर
रोपाई, सिंचाई, कटाई कृषि क्षेत्र के काम हैं।
कताई, सिलाई, रंगाई वस्त्र निर्माण क्षेत्र के काम हैं।
प्रश्न 2.
(क) तुमने कपड़ों को सिलते हुए देखा होगा। नीचे इस काम से जुड़े हुए कुछ शब्द दिए गए हैं। आसपास के बड़ों से या दरजी से इन शब्दों के बारे में पूछो और इन शब्दों को कुछ वाक्यों में समझाओ।
(ख) नीचे लिखे गए शब्द पाठ से लिए गए हैं। इन्हें पाठ में खोजकर बताओ कि ये स्त्रीलिंग हैं या पुल्लिंग।
उत्तर
(ख) कालिख, भराई, सेवा, चक्की, रोशनी स्त्रीलिंग है, जबकि पतीला-पुल्लिंग शब्द है।
कुछ और करने के लिए
प्रश्न 1. ‘श्रम के महत्त्व’ पर एक अनुच्छेद लिखो।
प्रश्न 2. अपने घर के कार्यों में माँ का हाथ बँटाओ।
प्रश्न 3. एक चार्ट तैयार करो, हल जोतता किसान तथा खेतों में काम करते श्रमिक का चित्र बनाओ।
अन्य पाठेतर हल प्रश्न
बहुविकल्पी प्रश्नोत्तर
(क) नौकर’ पाठ के लेखक कौन हैं?
(i) महात्मा गांधी जी
(ii) अनु बंद्योपाध्याय
(iii) विष्णु प्रभाकर
(iv) गुणाकर मुले
(ख) गांधी जी पैदल क्यों चलते थे?
(i) पैसा बचाने के लिए
(ii) स्वस्थ रहने के लिए
(iii) उनको डॉक्टर ने सलाह दी थी
(iv) इनमें से कोई नहीं
(ग) साबरमती आश्रम किस राज्य में है?
(i) बिहार
(ii) बंगाल
(iii) गुजरात
(iv) ओडिशा
(घ) गांधी जी सवेरे की प्रार्थना के बाद कौन-सा कार्य करते थे?
(i) सब्जियों का लाना
(ii) सब्ज़ियों का छीलना
(iii) सब्ज़ियाँ काटना
(iv) सब्ज़ियाँ पकाना
(ङ) गांधी जी के साथ दक्षिण अफ्रीका में कौन ठहरा था?
(i) रामकृष्ण गोखले
(ii) गोपाल कृष्ण गोखले
(iii) सरदार बल्लभ भाई पटेल
(iv) नेताजी सुभाष चंद्र बोस
उत्तर
(क) (ii)
(ख) (ii)
(ग) (iii)
(घ) (ii)
(ङ) (ii)
अतिलघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
गांधी जी आश्रम में किस प्रकार के काम करते थे? उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर-
आश्रम में गांधी जी कई ऐसे काम करते थे, जिन्हें आमतौर पर नौकर-चाकर करते हैं। वे अपने हाथ से चक्की पर आटा पीसा करते थे। गेहूँ पीसने से पहले वे उसे बीनते भी थे। कई वर्ष तक उन्होंने आश्रम का भंडार सँभालने के काम में भी सहायता की। वे रसोईघर में जाकर सब्ज़ियाँ भी छीलते थे।
प्रश्न 2.
गांधी जी घर के लिए आटा कैसे तैयार करते थे?
उत्तर-
गांधी जी ज़रूरत का महीन या मोटा आटा सुबह-शाम चक्की से पीसकर तैयार कर लेते थे।
प्रश्न 3.
गांधी द्वारा भोजन परोसने के कारण आश्रमवासियों को क्या सहना पड़ता था?
उत्तर-
उनको बेस्वाद भोजन खाकर ही रहना पड़ता था।
प्रश्न 4.
बोअर-युद्ध के दौरान गांधी जी ने क्या किया?
उत्तर-
बोअर-युद्ध के दौरान गांधी जी ने घायलों को स्ट्रेचर पर ढोया था।
प्रश्न 5.
गांधी जी लिखते समय किस बात का ध्यान रखते थे?
उत्तर-
गांधी जी रात को लालटेन की रोशनी में पत्र लिखते थे। जब तेल खत्म हो जाता तब वे चंद्रमा की रोशनी में पत्र पूरा करते थे।
लघु उत्तरीय प्रश्नोत्तर
प्रश्न 1.
आश्रम के निर्माण के समय कौन-सी घटना घटित हुई?
उत्तर-
आश्रम के निर्माण के समय वहाँ आने वाले मेहमानों को तंबुओं में सोना पड़ता था। एक नवागत को पता नहीं था कि अपना बिस्तर कहाँ रखना चाहिए, इसलिए उसने बिस्तर को लपेटकर रख दिया और यह पता लगाने गया कि उसे कहाँ रखना है। लौटते समय उसने देखा कि गांधी जी खुद उसका बिस्तर कंधे पर उठाए रखने चले जा रहे हैं।
प्रश्न 2.
गांधी जी को अपने काम के लिए दूसरों को परेशान करना पसंद नहीं था। इसका उदाहरण देकर लिखो।
उत्तर-
गांधी जी जब गाँवों का दौरा कर रहे होते तो कई बार रात को लिखते समय लालटेन का तेल खत्म हो जाने पर वह अपने थके हुए साथियों को नींद से जगाने के बदले चंद्रमा की रोशनी में पत्र पूरा करना उचित समझते थे। इस बात से सिद्ध होता है कि वे अपने व्यक्तिगत कामों के लिए किसी को तकलीफ़ देना ठीक नहीं समझते थे।
प्रश्न 3.
नौकरों के बारे में गांधी जी के क्या विचार थे?
उत्तर-
गांधी जी नौकरों को भी अपने भाइयों के समान मानते थे। उनका विचार था कि नौकर वेतन लेने वाले मजदूर नहीं। हमें उनके साथ सदैव भाई जैसा व्यवहार करना चाहिए।
प्रश्न 4.
आश्रम में किसी सहायक को रखते समय गांधी जी का क्या-क्या आग्रह रहता था? क्यों?
उत्तर-
आश्रम में किसी सहायक को रखते समय गांधी जी इस बात का आग्रह करते थे कि हरिजन को रखा जाए। उनका कहना था कि ‘नौकरों को हमें वेतनभोगी मज़दूर नहीं, अपने भाई के समान समझना चाहिए। इससे कुछ कठिनाई हो सकती, कुछ चोरियाँ हो सकती हैं। फिर भी हमारी कोशिश सर्वथा निष्फल नहीं जाएगी।’
प्रश्न 5.
आश्रम में काम करवाने का कौन-सा तरीका गांधी जी अपनाते थे? इसे पाठ पढ़कर लिखो।
उत्तर-
आश्रम में काम करवाने के लिए परस्पर सहयोग पर बल दिया जाता था। सभी व्यक्तियों को कार्य करना पड़ता था। आश्रम में सभी लोग अपने खाने के बरतन स्वयं साफ़ करते थे। रसोई के बरतन सभी बारी-बारी से साफ़ किया करते थे।