You might think history is something which might look too difficult for young minds who are in class 6th? But no, history at the class 6th is amazing. You will read about so many different historical aspects that you will
Read Moreपाठ का सार लंका विजय के बाद विभीषण चाहते थे कि राम कुछ दिन लंका में ही रुक जाएं क्योंकि राम ने लंका देखी नहीं थी। परंतु राम वहां जरा सा भी समय नष्ट नहीं करना चाहते थे क्योंकि उनके
Read Moreलंका विजय सार NCERT Class 6th Hindi लंका पर आक्रमण करने के लिए वानरसेना किष्किंधा से दहाड़ती, गरजती किलकारियाँ भरती रवाना हुई। समुद्र के किनारे महेंद्र पर्वत पर आकर सेना ने डेरा डाला। सेना का नेतृत्त्व नल कर रहे थे। सुग्रीव के सेनापति जामवंत
Read Moreजैसा कि हम सब जानते हैं कि रामायण में सीता जी को जल करके रावण अपने लंका में ले गया था जहां पर ने स्थान में सीता जी दुष्ट, अहंकारी रावण से सिर्फ नफ़रत करती थी और थोड़ा सहम भी
Read Moreदोनों राजकुमार ऋष्यमूक पर्वत पहुंचे। सुग्रीव किष्किंधा वनराज के छोटे पुत्र थे। पिता की मृत्यु के बाद बड़े भाई बाली राजा बने। राजकाज की कोई बात पर लड़ाई होने से बाली सुग्रीव की हत्या पर आ गए। सुग्रीव ऋष्यमूक पर्वत
Read Moreसीता की खोज सार NCERT Class 6th Hindi मायाजाल से सोने का हिरण बने मारीच को मारने के बाद राम संदेह से भरे कुटिया की ओर भागे चले जा रहे थे कि कहीं लक्ष्मण सीता को कुटिया में अकेला छोड़कर
Read Moreसोने का हिरण सार NCERT Class 6th Hindi सोने का हिरण राम को कुटिया से बहुत दूर ले आया। राम ने उसे जीवित पकड़ने का विचार छोड़कर उसे बाण से मार दिया। राम ने उसका पीछा करते हुए उस पर
Read Moreभरत के अयोध्या लौट जाने के बाद चित्रकूट में शांति लौट आई थी। अयोध्या के पास होने से लोगों का आना–जाना बना रहता था। तीनों वनवासी दंडक वन की और चल पड़े। यहाँ अनेक आश्रम थे परंतु दानव मुनियों को
Read Moreअयोध्या की घटनाओं से वंचित, भरत अपने ननिहाल केकय राज्य में थे। उन्होंने एक विचित्र स्वप्न देखा जो अपने मित्रों को सुना रहे थे। तभी अयोध्या से घुड़सवार वहाँ पहुँचा । भरत को सौ रथों और सेना के साथ अयोध्या
Read Moreपाठ का सार कोपभवन के घटनाक्रम की जानकारी बाहर किसी को नहीं थी। कैकेयी अपनी जिद पर अड़ी थी। सारे नगर में राम के राज्याभिषेक का उत्साह था। गुरु वशिष्ठ, महामंत्री सुमंत्र सभी शुभ घड़ी की प्रतीक्षा कर रहे थे। महाराज के
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