MCQ Questions for Class 10 Hindi: Ch 5 पर्वत प्रदेश में पावस स्पर्श

1. ‘मद में नस-नस उत्तेजित कर’ से क्या तात्पर्य है?

(क) झरने मस्ती में उत्तेजित होकर गा रहे हों

(ख) झरनों की नस-नस में मस्ती भरी है

(ग) झरने ऊँची-ऊँची आवाज़ में पर्वत का गुणगान कर रहे हैं

(घ) झरने के स्वर को सुनकर दर्शकों की नस-नस में उत्तेजना व मस्ती भर जाती है।

► (घ) झरने के स्वर को सुनकर दर्शकों की नस-नस में उत्तेजना व मस्ती भर जाती है।

2. ‘उच्चाकांक्षाओं से तरुवर’ में कौन-सा अलंकार है?

(क) अनुप्रास अलंकार

(ख) उपमा अलंकार

(ग) रूपक अलंकार

(घ) उत्प्रेक्षा अलंकार

► (ख) उपमा अलंकार

3. ‘झरने के झर-झर स्वर’ में कवि ने क्या कल्पना की है?

(क) मानो ये झरने पर्वत की महानता का गुणगान कर रहे हैं

(ख) मानो झरने तालियाँ बज रहे हों

(ग) मानो ये झरने पर्वत को स्नान करा रहे हों

(घ) इनमें से कोई नहीं

► (क) मानो ये झरने पर्वत की महानता का गुणगान कर रहे हैं

4. पहाड़ों पर उगे वृक्ष कैसे लग रहे हैं?

(क) मन में उठने वाली उच्च आकांक्षाओं के समान

(ख) मोती की लड़ियों के समान

(ग) नदी में उठने वाली लहरों के समान

(घ) उपर्युक्त सभी

► (क) मन में उठने वाली उच्च आकांक्षाओं के समान

5. पहाड़ों की छाती पर झरने कैसे प्रतीत हो रहे हैं?

(क) वृक्षों के समान सुंदर प्रतीत हो रहे हैं

(ख) विशाल नदियों के समान प्रतीत हो रहे हैं

(ग) मोती की लड़ियों के समान सुंदर प्रतीत हो रहे हैं

(घ) इनमें से कोई नहीं

► (ग) मोती की लड़ियों के समान सुंदर प्रतीत हो रहे हैं

6. पर्वत की आँखें किसे कहा गया है?

(क) पर्वत की चोटी को पर्वत की आँखें कहा गया है

(ख) पर्वत पर उगे पौधों को पर्वत की आँखें कहा गया है

(ग) पर्वत पर खिले हज़ारों फूलों को पर्वत की आँखें कहा गया है

(घ) पर्वत के पत्थरों को पर्वत की आँखें कहा गया है

► (ग) पर्वत पर खिले हज़ारों फूलों को पर्वत की आँखें कहा गया है

7. ‘पल-पल परिवर्तित प्रकृति-वेश’ से क्या तात्पर्य है?

(क) वर्षा ऋतु में पर्वत का सौंदर्य क्षण-क्षण में बदलता रहता है

(ख) वर्षा ऋतु में नदी का सौंदर्य पल-पल बदल रहा है

(ग) वर्षा ऋतु में फूल मुरझा गए थे

(घ) इनमें से कोई नहीं

► (क) वर्षा ऋतु में पर्वत का सौंदर्य क्षण-क्षण में बदलता रहता है

8. ‘मेखलाकार पर्वत अपार’ में पर्वत के किस भाग का वर्णन किया गया है?

(क) पर्वत की चोटियों का वर्णन किया गया है

(ख) पर्वत के ऊपरी भाग का वर्णन किया गया है

(ग) पर्वत की तलहटी का वर्णन किया गया है

(घ) पर्वत के विशाल ढालदार भाग का वर्णन किया गया है

► (घ) पर्वत के विशाल ढालदार भाग का वर्णन किया गया है

9. ‘दर्पण-सा फैला है विशाल’ में अलंकार है

(क) उपमा अलंकार

(ख) यमक अलंकार

(ग) पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार

(घ) उत्प्रेक्षा अलंकार

► (क) उपमा अलंकार

10. ‘अवलोक रहा है बार-बार, नीचे जल में महाकार’ से क्या तात्पर्य है?

(क) कवि नीचे जल में बार-बार देख रहा था

(ख) परमात्मा नीचे जल में बार-बार देख रहा था

(ग) पर्वत नीचे फैले जल में अपने विशाल आकार को निहार रहा था

(घ) उपरोक्त सभी

► (ग) पर्वत नीचे फैले जल में अपने विशाल आकार को निहार रहा था

11. ‘धँसकर धरा में सभय शाल’ का आशय स्पष्ट कीजिए।

(क) शाल के वृक्ष अत्यधिक बारिश के कारण धरती में धंस गए

(ख) शाल के वृक्ष टूट गए और धरती पर पड़े हैं

(ग) शाल के वृक्ष दिखाई नहीं देते क्योंकि आकाश में धूल छा गई है

(घ) शाल के पेड़ बादलों के झुंड में फँसे ऐसे लगते हैं मानो भयभीत होकर धरा में धंस गए हों

► (घ) शाल के पेड़ बादलों के झुंड में फँसे ऐसे लगते हैं मानो भयभीत होकर धरा में धंस गए हों

12. भू पर अंबर टूट पड़ने का क्या आशय है?

(क) आकाश धरती पर आ गिरा

(ख) आकाश धरती पर टूट पड़ा

(ग) तेज वर्षा होने लगी

(घ) अत्यधिक शोर होने लगा

► (ग) तेज वर्षा होने लगी

13. ‘उड़ गया अचानक लो, भूधर फड़का अपार पारद के पर’ का आशय स्पष्ट कीजिए

(क) श्वेत और चमकीले बादल आकाश में छा गए

(ख) अचानक पर्वत उड़ गया

(ग) काले-काले बादल बरसने लगे

(घ) पर्वत के टूटने को पर्वत का उड़ना कहा है

► (क) श्वेत और चमकीले बादल आकाश में छा गए

14. ‘इंद्र खेलता इंद्रजाल’ में इंद्रजाल किसे कहा है?

(क) वर्षा ऋतु में बदलते प्राकृतिक दृश्यों को इंद्रजाल कहा है

(ख) इंद्र आपको जादू का खेल दिखा रहा है

(ग) बादलों को कवि ने इंद्र कहा है

(घ) इनमें से कोई नहीं

► (क) वर्षा ऋतु में बदलते प्राकृतिक दृश्यों को इंद्रजाल कहा है

15. ‘रव शेष रह गए हैं निर्झर’ का क्या अर्थ है?

(क) केवल झरना शेष रह गया है

(ख) झरने ने आवाज करनी बंद कर दी है

(ग) झरने दिखाई देने बंद हो गए; उनकी आवाज गूंजती शेष रह गई

(घ) झरनों के अवशेष दिखाई देते हैं

► (ग) झरने दिखाई देने बंद हो गए; उनकी आवाज गूंजती शेष रह गई


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