NCERT · दीपकम् · कक्षा ६ · संस्कृतम्
पञ्चमः पाठः — संख्यागणना ननु सरला
संस्कृत में १ से ५० तक की गिनती, संख्या-श्लोक और संख्याप्रसिद्धि — पाठ्यगत प्रश्न, अभ्यास (१–७) एवं परियोजनाकार्यम्, सब उत्तर-सहित।
वयं संख्यां गणयामः (१ – ५०)
Sanskrit numbers 1 to 50
कोऽपि अङ्कं स्पृशन्तु — तस्य संस्कृत-संख्यापदं पश्यन्तु।
नीचे किसी भी अंक को दबाइए — उसका संस्कृत संख्यापद तुरन्त दिख जाएगा। यही शब्द प्रश्न ३, ४ और ७ में काम आएँगे।
पूर्ण-तालिका — १ तः ५० पर्यन्तम्
| १–१० | ११–२० | २१–३० | ३१–४० | ४१–५० |
|---|---|---|---|---|
| १ — एकम् | ११ — एकादश | २१ — एकविंशतिः | ३१ — एकत्रिंशत् | ४१ — एकचत्वारिंशत् |
| २ — द्वे | १२ — द्वादश | २२ — द्वाविंशतिः | ३२ — द्वात्रिंशत् | ४२ — द्विचत्वारिंशत् |
| ३ — त्रीणि | १३ — त्रयोदश | २३ — त्रयोविंशतिः | ३३ — त्रयस्त्रिंशत् | ४३ — त्रिचत्वारिंशत् |
| ४ — चत्वारि | १४ — चतुर्दश | २४ — चतुर्विंशतिः | ३४ — चतुस्त्रिंशत् | ४४ — चतुश्चत्वारिंशत् |
| ५ — पञ्च | १५ — पञ्चदश | २५ — पञ्चविंशतिः | ३५ — पञ्चत्रिंशत् | ४५ — पञ्चचत्वारिंशत् |
| ६ — षट् | १६ — षोडश | २६ — षड्विंशतिः | ३६ — षट्त्रिंशत् | ४६ — षट्चत्वारिंशत् |
| ७ — सप्त | १७ — सप्तदश | २७ — सप्तविंशतिः | ३७ — सप्तत्रिंशत् | ४७ — सप्तचत्वारिंशत् |
| ८ — अष्ट | १८ — अष्टादश | २८ — अष्टाविंशतिः | ३८ — अष्टात्रिंशत् | ४८ — अष्टचत्वारिंशत् |
| ९ — नव | १९ — नवदश | २९ — नवविंशतिः | ३९ — नवत्रिंशत् | ४९ — नवचत्वारिंशत् |
| १० — दश | २० — विंशतिः | ३० — त्रिंशत् | ४० — चत्वारिंशत् | ५० — पञ्चाशत् |
← तालिका को दायें-बायें खिसकाइए →
पहचानने का सरल तरीका: २१–२९ में विंशतिः, ३१–३९ में त्रिंशत्, तथा ४१–४९ में चत्वारिंशत् जुड़ता है। जैसे — २६ = षड् + विंशतिः = षड्विंशतिः, ३७ = सप्त + त्रिंशत् = सप्तत्रिंशत्, ४९ = नव + चत्वारिंशत् = नवचत्वारिंशत्।
पाठ्यगत प्रश्नाः (Intext)
पृष्ठ ६१–६४, ६८
कक्षायां कति जनाः सन्ति? कति छात्राः सन्ति?
पाठ के आरम्भ में शिक्षक पूछते हैं — “छात्राः! अत्र कक्षायां भवन्तः कति जनाः सन्ति?” छात्रा नाम गिनाती है, पर संस्कृत में गिनना नहीं जानती।
उत्तरम् — step-wise गणना
- छात्रा नामानि वदति — सुमितः, विश्वनाथः, वीणा, उदिता, कमला, प्रीतिः, निरुपमा, प्रशान्तः, देवेशः।
$$\text{namani} = 9$$
- अन्ते सा “अहं च” इति वदति — स्वयम् अपि गणयति।
$$9 + 1 = 10$$
- अतः — कक्षायां दश छात्राः सन्ति।
$$10 = \text{दश}$$
शिक्षकस्य उत्तरम्: “अहो! भवन्तः संस्कृतेन गणनां न जानन्ति। अस्तु, अधुना संख्यागणनां पठामः।” — इसी से पाठ आरम्भ होता है। छात्रा ‘एकम् एकम् एकम्…’ गिन रही थी, जबकि सही उत्तर एक ही शब्द में है — दश।
संख्या-श्लोकाः — एकतः दश पर्यन्तम्
पाठ के श्लोकों में १ से १० तक की संख्याएँ प्रसिद्ध उदाहरणों के साथ दी गई हैं।
सचित्र संख्या-सूची
श्लोकाः एवं भावार्थः
एकः सूर्यः चन्द्रोऽप्येकः मानवकुलमप्येकम्।
द्वे नयने ननु जीविनि सकले प्रभवति सर्वो द्रष्टुम्॥
लोकशङ्करस्त्रिनयनमूर्तिः नमाम्यहं तं प्रतिदिवसम्।
चतुर्मुखोऽयं जगतः स्रष्टा तेन हि सृष्टं जीवकुलम्॥
पञ्चाङ्गुलयो मम करकमले लोके विदधति गणनाम्।
सुरसेनानीः षण्मुखदेवः सततं पात्ययममरगणम्॥
सप्त वासराः सप्ताहे ननु स्वराः सुमधुराः सप्त।
ऊर्ध्वमधस्तात् लोकाः सप्त ख्याता ऋषयः सप्त॥
अष्ट दिग्गजा धरन्ति धरणीम् उपकृतिशीला अतुलबलाः।
नव ग्रहा ननु विपुले गगने चरन्ति सततं नियततया॥
पूर्वाद्या दश दिशः प्रसिद्धाः सङ्ख्यागणना ननु सरला।
गायामो वयममितामोदं कुर्मो बहुधा करतालम्॥
गृहस्य दश दिशाः काः?
उत्तरम्
| क्रमः | दिशा | हिन्दी | English |
|---|---|---|---|
| १ | पूर्वदिशा | पूर्व | East |
| २ | पश्चिमदिशा | पश्चिम | West |
| ३ | उत्तरदिशा | उत्तर | North |
| ४ | दक्षिणदिशा | दक्षिण | South |
| ५ | ईशानदिशा | उत्तर-पूर्व | North-East |
| ६ | आग्नेयदिशा | दक्षिण-पूर्व | South-East |
| ७ | नैर्ऋत्यदिशा | दक्षिण-पश्चिम | South-West |
| ८ | वायव्यदिशा | उत्तर-पश्चिम | North-West |
| ९ | ऊर्ध्वम् | ऊपर | Above |
| १० | अधः | नीचे | Below |
वयं शब्दार्थान् जानीमः — मातृभाषया अर्थं लिखन्तु।
शब्दार्थ-तालिका (अन्तिम स्तम्भ भरा हुआ)
| शब्दः | संस्कृत-अर्थः | English | मातृभाषया अर्थः (हिन्दी) |
|---|---|---|---|
| जीविनि | जीवे | In the living being | प्राणी में |
| स्रष्टा | सृष्टिकर्ता ब्रह्मा | Creator of universe | सृष्टि के रचयिता ब्रह्मा |
| करकमले | हस्तारविन्दे | In the lotus like hand | कमल जैसे हाथ में |
| विदधति | कुर्वन्ति | Facilitate | करते हैं |
| गणनाम् | गणनम् | Counting | गिनती |
| सुरसेनानीः | कार्तिकेयः | Commander-in-chief of Gods | देवों के सेनापति (कार्तिकेय) |
| पाति | रक्षति | Protects | रक्षा करता है |
| सप्ताहे | दिवससप्तके | In a week | सप्ताह में |
| ऋषयः | मुनयः | Sages | ऋषि-गण |
| ऊर्ध्वम् | उपरि | Above | ऊपर |
| अधः | निम्नभागे | Below | नीचे |
| उपकृतिशीलाः | उपकार-स्वभावाः | Those who are of helpful nature | उपकार के स्वभाव वाले |
| अतुलबलाः | अतुल्यशक्ति-सम्पन्नाः | Extraordinarily strong | अतुलनीय बल वाले |
| नियततया | नियमितरूपेण | Continuously | नियमित रूप से |
| दिशः | दिशाः | Directions | दिशाएँ |
| अमितामोदं | अत्यानन्दपूर्वकम् | With great delight | अत्यन्त आनन्दपूर्वक |
| करतालम् | करतलध्वनिः | Clap | ताली |
संख्याप्रसिद्धिः — कौन-सी संख्या किसके लिए प्रसिद्ध है?
उत्तरम्
| संख्या | प्रसिद्धिः | विवरणम् |
|---|---|---|
| एकम् | एकं ब्रह्म | ब्रह्म एक ही है |
| द्वे | द्वे अयने | उत्तरायणम्, दक्षिणायनम् |
| त्रीणि | त्रीणि वचनानि | एकवचनम्, द्विवचनम्, बहुवचनम् |
| चत्वारि | चत्वारि युगानि | कृतयुगम्, त्रेतायुगम्, द्वापरयुगम्, कलियुगम् |
| पञ्च | पञ्च अङ्गानि | तिथिः, वासरः, नक्षत्रम्, योगः, करणम् |
| षट् | षट् रसाः | मधुरः, अम्लः, लवणः, कटुः, तिक्तः, कषायः |
| सप्त | सप्त ऋषयः | मरीचिः, अत्रिः, अङ्गिराः, पुलस्त्यः, पुलहः, क्रतुः, वसिष्ठः |
| अष्ट | अष्ट दिक्पालाः | इन्द्रः, अग्निः, यमः, निर्ऋतिः, वरुणः, वायुः, कुबेरः, ईशानः |
| नव | नवग्रहाः | सूर्यः, चन्द्रः, मङ्गलः, बुधः, गुरुः, शुक्रः, शनिः, राहुः, केतुः |
| दश | दश दिशाः | पूर्व, पश्चिम, उत्तर, दक्षिण, आग्नेय, नैर्ऋत्य, वायव्य, ईशान, ऊर्ध्वम्, अधः |
गिनकर मिलाइए: षट् रसाः में ६ रस, सप्त ऋषयः में ७ ऋषि, अष्ट दिक्पालाः में ८ दिक्पाल, नवग्रहाः में ९ ग्रह और दश दिशाः में १० दिशाएँ — सूची में गिनकर स्वयं जाँच लीजिए।
संख्यागीतम् — गाकर सीखिए
एकं द्वे, एकं द्वे। पश्यत किमस्ति मम हस्ते।
त्रीणि चत्वारि, त्रीणि चत्वारि। हस्ते पात्रं, पात्रे वारि।
पञ्च षट्, पञ्च षट्। जम्बीररसं योजयत।
सप्त अष्ट, सप्त अष्ट। लवणं गुडं च मेलयत।
नव दश, नव दश। शनैः शनैः मन्थयत॥
ध्यातव्यम्: यह गीत नींबू-पानी (शिकंजी) बनाने की विधि है — इसी बहाने १ से १० तक की गिनती याद हो जाती है।
वयम् अभ्यासं कुर्मः (Exercise)
प्रश्न १ – ७ · पृष्ठ ६५–६७
पाठस्य आधारेण अधोलिखितानां प्रश्नानाम् एकपदेन उत्तराणि लिखन्तु —
पाठ के आधार पर नीचे दिए प्रश्नों के उत्तर एक शब्द में लिखिए।
उत्तराणि
| क्रमः | प्रश्नः | उत्तरम् (एकपदेन) | श्लोकात् प्रमाणम् |
|---|---|---|---|
| (क) | कः एकः अस्ति? | सूर्यः | एकः सूर्यः चन्द्रोऽप्येकः |
| (ख) | कः षण्मुखदेवः अस्ति? | सुरसेनानीः (कार्तिकेयः) | सुरसेनानीः षण्मुखदेवः |
| (ग) | कः त्रिनयनमूर्तिः अस्ति? | लोकशङ्करः (शिवः) | लोकशङ्करस्त्रिनयनमूर्तिः |
| (घ) | का सरला अस्ति? | सङ्ख्यागणना | सङ्ख्यागणना ननु सरला |
| (ङ) | के अतुलबलाः सन्ति? | अष्ट दिग्गजाः | अष्ट दिग्गजा … अतुलबलाः |
उदाहरणानुगुणं शब्दानां पुरतः उचितां संख्यां लिखन्तु —
उदाहरण के अनुसार शब्दों के आगे सही संख्या लिखिए। (यथा – आकाशे १ सूर्यः विभाति।)
उत्तराणि
| क्रमः | वाक्यम् | विकल्पाः | उत्तरम् | कारणम् |
|---|---|---|---|---|
| (क) | मम हस्ते ___ अङ्गुलयः सन्ति। | ९, ५, ८, ७ | ५ (पञ्च) | एक हाथ में पाँच उँगलियाँ |
| (ख) | सप्ताहे ___ वासराः भवन्ति। | ६, १०, ७, ५ | ७ (सप्त) | सप्ताह में सात दिन |
| (ग) | कार्तिकेयस्य ___ मुखानि सन्ति। | १, ६, १०, ३ | ६ (षट्) | कार्तिकेय षण्मुख हैं |
| (घ) | व्याकरणे ___ वचनानि सन्ति। | १०, ९, ३, ५ | ३ (त्रीणि) | एकवचन, द्विवचन, बहुवचन |
| (ङ) | गगने ___ ग्रहाः सन्ति। | ८, ७, ९, १० | ९ (नव) | नवग्रह |
उदाहरणानुसारं सङ्ख्यां सङ्ख्यापदं च लिखन्तु —
उदाहरण के अनुसार अंक और संस्कृत संख्यापद — दोनों लिखिए। (यथा – भवतः परिवारे कति जनाः सन्ति? ५, (पञ्च))
उत्तराणि
| क्रमः | प्रश्नः | सङ्ख्या | सङ्ख्यापदम् |
|---|---|---|---|
| (क) | कति दिशः सन्ति? | १० | दश |
| (ख) | सप्ताहे कति वासराः भवन्ति? | ७ | सप्त |
| (ग) | वर्षे कति मासाः भवन्ति? | १२ | द्वादश |
| (घ) | भवतः कति दन्ताः सन्ति? | ३२ | द्वात्रिंशत् |
| (ङ) | स्वराः कति भवन्ति? | १३ | त्रयोदश |
ध्यातव्यम्: (घ) में पूर्ण वयस्क के ३२ (द्वात्रिंशत्) दाँत होते हैं। बच्चों के दूध के दाँत २० (विंशतिः) होते हैं — इसलिए अपनी आयु के अनुसार उत्तर लिखिए। (ङ) में ‘स्वराः’ का उत्तर प्रथम पाठ से आया है — समानाक्षर ९ + सन्ध्यक्षर ४ = १३।
अधः प्रदत्तेन पदेन सह सङ्ख्यां योजयन्तु —
नीचे दिए गए संख्यापद को सही अंक से मिलाइए।
उत्तराणि — सही जोड़े
| क्रमः | अ (संख्यापदम्) | → | ब (अङ्कः) |
|---|---|---|---|
| (क) | पञ्च | → | ५ |
| (ख) | एकम् | → | १ |
| (ग) | अष्ट | → | ८ |
| (घ) | विंशतिः | → | २० |
| (ङ) | त्रयोदश | → | १३ |
उपस्थितिपत्रं पश्यन्तु। संख्यां वदन्तु लिखन्तु च —
उपस्थिति-पत्र देखकर संख्या बोलिए और लिखिए।
उत्तराणि
| क्रमः | प्रश्नः | उत्तरम् | अङ्कैः |
|---|---|---|---|
| (क) | गणेशस्य उपस्थितिसंख्या का? | एकम् | १ |
| (ख) | सुभद्रायाः उपस्थितिसंख्या का? | नव | ९ |
| (ग) | स्वयंप्रभायाः उपस्थितिसंख्या का? | दश | १० |
| (घ) | जगन्नाथस्य उपस्थितिसंख्या का? | त्रीणि | ३ |
| (ङ) | बलरामस्य उपस्थितिसंख्या का? | षट् | ६ |
पूर्ण उपस्थिति-सूची
| क्रमसंख्या | संख्यापदम् | नाम |
|---|---|---|
| १ | एकम् | गणेशः |
| २ | द्वे | गीताञ्जलिः |
| ३ | त्रीणि | जगन्नाथः |
| ४ | चत्वारि | दिनेशः |
| ५ | पञ्च | प्रज्ञा |
| ६ | षट् | बलरामः |
| ७ | सप्त | मोहनः |
| ८ | अष्ट | राधिका |
| ९ | नव | सुभद्रा |
| १० | दश | स्वयंप्रभा |
चित्रं पश्यन्तु, संख्याः वदन्तु, द्वितीयचित्रे अङ्कैः च ताः संख्याः लिखन्तु —
पहले फूल में संख्यापद लिखे हैं। उन्हें पढ़कर दूसरे (खाली) फूल में उन्हीं स्थानों पर अंक लिखिए।
उत्तराणि
| स्थानम् | संख्यापदम् | अङ्कैः |
|---|---|---|
| मध्ये | त्रीणि | ३ |
| ऊर्ध्वम् | पञ्च | ५ |
| ऊर्ध्व-दक्षिणे | चत्वारि | ४ |
| दक्षिणे | अष्ट | ८ |
| अधो-दक्षिणे | चतुर्दश | १४ |
| अधो-वामे | पञ्चाशत् | ५० |
| वामे | षोडश | १६ |
| ऊर्ध्व-वामे | द्वाविंशतिः | २२ |
चित्रं पश्यन्तु, संख्याः वदन्तु, द्वितीयचित्रे शब्दैः च ताः संख्याः लिखन्तु —
पहले फूल में अंक लिखे हैं। दूसरे (खाली) फूल में उन्हीं स्थानों पर संस्कृत संख्यापद लिखिए।
उत्तराणि
| स्थानम् | अङ्कैः | संख्यापदम् |
|---|---|---|
| मध्ये | २५ | पञ्चविंशतिः |
| ऊर्ध्वम् | ३६ | षट्त्रिंशत् |
| ऊर्ध्व-दक्षिणे | ११ | एकादश |
| अधो-दक्षिणे | १७ | सप्तदश |
| अधः | ९ | नव |
| अधो-वामे | १४ | चतुर्दश |
| ऊर्ध्व-वामे | २० | विंशतिः |
बनाने की विधि: २५ = पञ्च + विंशतिः = पञ्चविंशतिः; ३६ = षट् + त्रिंशत् = षट्त्रिंशत्; ११ = एक + दश = एकादश; १७ = सप्त + दश = सप्तदश।
परियोजनाकार्यम्
पृष्ठ ६९ · लूडो-पटलम्
चित्रे रिक्तस्थलेषु अङ्कैः संख्यां लिखन्तु —
लूडो-पटल के खाली खानों में अंकों से संख्या लिखिए। पुस्तक में केवल १, ९, १४, २२, २७, ३५, ४०, ४८, ५१ और ५२ दिए गए हैं।
उत्तरम् — पूर्णं लूडो-पटलम्
पीले खाने वे हैं जो पुस्तक में पहले से दिए थे; सफ़ेद खाने हमने भरे हैं।
कैसे भरा जाए — step-wise
- लूडो के बाहरी मार्ग में कुल ५२ खाने होते हैं, चारों रंगों में बराबर बँटे हुए।
$$52 \div 4 = 13 \ \text{(each arm)}$$
- दिए गए अंक ठीक १३-१३ की दूरी पर हैं — इसी से मार्ग की दिशा पक्की हो जाती है।
$$1 \to 14 \to 27 \to 40 \qquad (+13 \ \text{each time})$$
- हर घर का ‘तारा’ (सुरक्षित खाना) आरम्भ से ८ कदम आगे होता है।
$$1+8=9,\quad 14+8=22,\quad 27+8=35,\quad 40+8=48$$
- अब १ से आरम्भ करके घड़ी की दिशा में एक-एक बढ़ाते जाइए — ५२ पर मार्ग पूरा हो जाएगा और फिर से १ आ जाएगा।
जाँच: ४० से आगे गिनने पर ५१ और ५२ ठीक वहीं आते हैं जहाँ पुस्तक में दिए हैं — इसका अर्थ है कि गिनती सही है।
