पाठ के सभी अभ्यास प्रश्नों के विस्तृत, सरल व सीधे उत्तर — चरण दर चरण समझाइश के साथ
📖 लोककथा✍️ पाठ से + पाठ से आगे🧠 तार्किक सोच व निरीक्षण
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कहानी की झलक
Quick story recap
एक निर्धन व्यक्ति के तीन बेटे थे। पिता के देहांत के बाद तीनों भाई अपनी पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि के सहारे बिना ऊँट को देखे ही उसके बारे में सब कुछ बता देते हैं। इस कारण उन पर ऊँट चुराने का शक होता है, पर राजा की पेटी वाली परीक्षा में वे फिर सही साबित होते हैं और राजा उन्हें अपने दरबार में स्थान देता है।
पिता अपने तीनों बेटों को “दूसरे प्रकार का धन” संचित करने की सलाह देते हुए
📘 पाठ से (In-text Questions)
1
मेरी समझ से
Comprehension — MCQs
1लोककथा में पिता ने अपने बेटों से ‘धन संचय करने’ को कहा। उनकी इस बात का क्या अर्थ हो सकता है?
☆खेती-बारी करना और धन इकट्ठा करना
★पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि का विकास करना
☆ऊँट का व्यापार करना
☆गाँव छोड़कर किसी नगर में जाकर बसना
✅ स्पष्टीकरण
पिता के पास न तो रुपया-पैसा था और न सोना-चाँदी, इसलिए उन्होंने बेटों को समझाया कि रुपये-पैसे के स्थान पर पैनी दृष्टि और सोने-चाँदी के स्थान पर तीव्र बुद्धि ही सच्चा धन है — इसी को उन्होंने “दूसरे प्रकार का धन” कहा।
2तीनों भाइयों ने अपने ज्ञान और बुद्धि का उपयोग करके ऊँट के बारे में बहुत-कुछ बता दिया। इससे क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
★बुद्धि का प्रयोग करके ऊँट के बारे में सब-कुछ बताया जा सकता है।
★समस्या को सुलझाने के लिए ध्यान से निरीक्षण करना महत्वपूर्ण है।
☆किसी व्यक्ति का ज्ञान, बुद्धि और धन ही सबसे बड़ी ताकत है।
☆ऊँट के बारे में जानने के लिए दूसरों पर भरोसा करना चाहिए।
✅ स्पष्टीकरण
भाइयों ने पैरों के निशान, चरी हुई घास और रेत पर बने पदचिह्नों को बारीकी से देखकर तार्किक अनुमान लगाए — इससे स्पष्ट होता है कि सूक्ष्म निरीक्षण और बुद्धि दोनों मिलकर ही किसी समस्या को सुलझाने में मदद करते हैं। इसलिए इस प्रश्न के दो सही उत्तर हैं।
3राजा ने भाइयों की बुद्धिमत्ता पर विश्वास क्यों किया?
★भाइयों ने अपनी बात को तर्क के साथ समझाया।
☆राजा को ऊँट के स्वामी की बातों पर संदेह था।
☆राजा ने स्वयं ऊँट और पेटी की जाँच कर ली थी।
☆भाइयों ने राजा को अपनी बात में उलझा लिया था।
✅ स्पष्टीकरण
भाइयों ने हर बात का तार्किक कारण बताया — पैरों के निशान, घास का चरा जाना, रेत पर बने चिह्न। फिर राजा ने पेटी में कच्चा अनार छिपाकर उनकी परीक्षा भी ली, जिसे भाइयों ने बिना देखे सही बता दिया। इस तर्कसंगत व प्रमाणित व्याख्या के कारण ही राजा को उन पर विश्वास हुआ।
4लोककथा के पात्रों और घटनाओं के आधार पर, राजा के निर्णय के पीछे कौन-सा मूल्य छिपा है?
☆दोषी को कड़ा से कड़ा दंड देना हर समस्या का सबसे बड़ा समाधान है।
★अच्छी तरह जाँच किए बिना किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहिए।
☆राजा की प्रत्येक बात और निर्णय को सदा सही माना जाना चाहिए।
☆ऊँट की चोरी के निर्णय के लिए सेवक की बुद्धि का उपयोग करना चाहिए।
✅ स्पष्टीकरण
राजा ने भाइयों को तुरंत दंड न देकर पहले पेटी वाली परीक्षा से उनकी बात की सच्चाई परखी। इससे यह मूल्य झलकता है कि न्याय हमेशा उचित जाँच-पड़ताल के बाद ही किया जाना चाहिए, बिना सबूत के किसी को दोषी नहीं मानना चाहिए।
खहो सकता है कि आपके समूह के साथियों ने भिन्न-भिन्न उत्तर चुने हों। अपने मित्रों के साथ चर्चा कीजिए कि आपने ये उत्तर ही क्यों चुनें।
💬 यह एक समूह-चर्चा गतिविधि है — इसका कोई निश्चित लिखित उत्तर नहीं है। ऊपर दिए गए प्रत्येक प्रश्न के सही विकल्पों (★) के आगे दी गई व्याख्या को आधार बनाकर आप अपने मित्रों के साथ अपने चुनाव का कारण साझा कर सकते हैं।
2
पंक्तियों पर चर्चा
Discussing key lines
क“रुपये-पैसे के स्थान पर तुम्हारे पास पैनी दृष्टि होगी और सोने-चाँदी के स्थान पर तीव्र बुद्धि होगी। ऐसा धन संचित कर लेने पर तुम्हें कभी किसी प्रकार की कमी न रहेगी और तुम दूसरों की तुलना में उन्नीस नहीं रहोगे।”
✅ अर्थ
पिता कहना चाहते हैं कि असली धन रुपया या गहने नहीं, बल्कि सूक्ष्म निरीक्षण-शक्ति (पैनी दृष्टि) और तेज़ बुद्धि है। यह ऐसा अनमोल धन है जो कभी चोरी नहीं हो सकता और जीवन की हर परिस्थिति में काम आता है — इसे पाकर व्यक्ति किसी से भी कम नहीं रहता।
ख“हर वस्तु और स्थिति को पूर्णत: समझने और जानने का प्रयास करो। कुछ भी तुम्हारी दृष्टि से न बच पाए।”
✅ अर्थ
पिता सिखाते हैं कि आस-पास घटित हो रही हर छोटी-बड़ी घटना और वस्तु को बारीकी से देखना-समझना चाहिए ताकि कोई भी महत्वपूर्ण जानकारी छूट न जाए। यह अवलोकन-शक्ति (observation) को निरंतर बढ़ाते रहने की सीख है।
ग“हमने अपने परिवेश को पैनी दृष्टि से देखने और बुद्धि से सोचने के प्रयास में बहुत समय लगाया है।”
✅ अर्थ
भाई बताते हैं कि उनकी सूक्ष्म निरीक्षण-क्षमता और तार्किक सोच रातों-रात नहीं आई। इसे उन्होंने वर्षों के अभ्यास, धैर्य और निरंतर परिश्रम से विकसित किया है — अर्थात कोई भी कुशलता बिना मेहनत के प्राप्त नहीं होती।
3
मिलकर करें मिलान
Match the columns
स्तंभ 1
→
स्तंभ 2 (सही मिलान)
1. कुछ समय पश्चात् पिता चल बसे।
→
2. थोड़े समय के बाद पिता का देहांत हो गया।
2. हम कहीं भी क्यों न हों, भूखे नहीं मरेंगे।
→
5. हम चाहे जहाँ भी हों, हमें खाने के लिए कुछ न कुछ मिल ही जाएगा।
3. घुड़सवार ने तीनों भाइयों को शंका की दृष्टि से देखा।
→
1. घोड़े पर सवार व्यक्ति ने तीनों भाइयों को अविश्वास से देखा।
4. बचपन से ही हमें ऐसी आदत पड़ गई है कि हम कुछ भी अपनी दृष्टि से नहीं चूकने देते।
→
4. बचपन से ही हमें आदत हो गई है कि हम हर छोटी-बड़ी वस्तु पर ध्यान अवश्य देते हैं।
5. लोगों के आश्चर्य का कोई ठिकाना न था।
→
3. लोग इतने अचंभित थे कि उनका आश्चर्य व्यक्त करना कठिन था।
4
सोच-विचार के लिए
Think & answer
कतीनों भाइयों ने बिना ऊँट को देखे उसके विषय में कैसे बता दिया था?
तीनों भाई घुड़सवार को ऊँट के बारे में बताते हुए
✅ उत्तर
सबसे बड़े भाई ने धूल पर पड़े गहरे व बड़े पदचिह्न देखकर बताया कि कोई बहुत बड़ा ऊँट वहाँ से गुज़रा है।
मंझले भाई ने देखा कि सड़क की दायीं ओर की घास चरी हुई थी जबकि बायीं ओर की घास ज्यों-की-त्यों थी — इससे अनुमान लगाया कि ऊँट एक आँख से नहीं देख पाता।
सबसे छोटे भाई ने रेत पर ऊँट के घुटनों के निशान, स्त्री के जूतों के निशान और छोटे-छोटे पैरों के निशान देखकर बताया कि ऊँट पर एक स्त्री अपने बच्चे के साथ सवार थी।
इस तरह तीनों ने केवल बारीक निरीक्षण और तार्किक बुद्धि के सहारे — बिना ऊँट देखे — पूरी बात बता दी।
खआपके अनुसार इस लोककथा में सबसे अधिक महत्व किस बात को दिया गया है — तार्किक सोच, अवलोकन या सत्यवादिता? लोककथा के आधार पर समझाइए।
✅ उत्तर
इस लोककथा में तार्किक सोच और अवलोकन (निरीक्षण) — दोनों को लगभग बराबर महत्व दिया गया है, क्योंकि भाइयों ने पहले बारीकी से निरीक्षण किया (पदचिह्न, घास, रेत के निशान) और फिर उसी निरीक्षण के आधार पर तार्किक निष्कर्ष निकाले। साथ ही सत्यवादिता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है — भाई घुड़सवार व राजा के सामने डटकर सच बोलते रहे, यही सच्चाई अंततः उन्हें निर्दोष सिद्ध कर पाई।
गलोककथा में राजा ने पहले भाइयों पर संदेह किया लेकिन बाद में उन्हें निर्दोष माना। राजा की सोच क्यों बदल गई?
✅ उत्तर
पहले राजा को शक हुआ क्योंकि भाइयों ने बिना ऊँट देखे ही उसके विषय में एकदम सटीक जानकारी दे दी थी, जो आम आदमी के लिए असंभव लगता है। परंतु जब राजा ने एक पेटी में कच्चा अनार छिपाकर भाइयों की परीक्षा ली और भाइयों ने बिना पेटी खोले ही सही-सही बता दिया कि उसमें एक छोटी, गोल और कच्ची वस्तु (अनार) है, तब राजा को उनकी असाधारण निरीक्षण-शक्ति और तार्किक बुद्धि पर पूरा विश्वास हो गया, इसलिए उसकी सोच बदल गई।
घऊँट के स्वामी ने भाइयों पर तुरंत संदेह क्यों किया? आपके विचार से उसे क्या करना चाहिए था जिससे उसे अपना ऊँट मिल जाता?
✅ उत्तर
घुड़सवार ने भाइयों पर इसलिए तुरंत संदेह किया क्योंकि उन्होंने बिना उसका ऊँट देखे ही उसके आकार, एक आँख से न देख पाने और स्त्री-बच्चे के सवार होने जैसी सटीक बातें बता दी थीं — सामान्यतः यह जानकारी केवल वही व्यक्ति दे सकता है जिसने ऊँट को स्वयं देखा हो।
मेरे विचार से उसे गुस्से में तलवार निकालने की बजाय शांति से भाइयों की पूरी बात सुननी चाहिए थी और उनके बताए रास्ते पर स्वयं जाकर देखना चाहिए था — ऐसा करता तो उसे बिना किसी विवाद के अपना ऊँट आसानी से मिल जाता।
ङपिता ने बेटों को “दूसरे प्रकार का धन” संचित करने की सलाह क्यों दी? इससे पिता के बारे में क्या-क्या पता चलता है?
✅ उत्तर
परिवार निर्धन था — उनके पास न रुपया-पैसा था, न सोना-चाँदी। पिता चाहते थे कि बेटे ऐसा धन अर्जित करें जो कभी चुराया, खोया या खर्च न हो सके — यानी पैनी दृष्टि और तीव्र बुद्धि।
इससे पता चलता है कि पिता एक समझदार, दूरदर्शी और व्यावहारिक व्यक्ति थे, जो भौतिक संपत्ति से कहीं अधिक ज्ञान, बुद्धि और अवलोकन-क्षमता को महत्व देते थे, और अपने बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीरता से सोचते थे।
चराजा ने भाइयों की परीक्षा लेने के लिए पेटी का उपयोग किया। इस परीक्षा से राजा के व्यक्तित्व और निर्णय शैली के बारे में क्या-क्या निष्कर्ष निकाला जा सकता है?
सेवक बड़ी पेटी लेकर राजा के दरबार में — भाइयों की परीक्षा के लिए
✅ उत्तर
इससे पता चलता है कि राजा एक न्यायप्रिय, बुद्धिमान और सतर्क शासक था। वह किसी को बिना जाँचे-परखे दोषी नहीं ठहराता था और उसका निर्णय हमेशा प्रमाण व तर्क पर आधारित होता था। उसने भाइयों के दावे की सच्चाई परखने के लिए एक व्यावहारिक व चतुर परीक्षा (पेटी में वस्तु छिपाकर) रची — इससे उसकी निष्पक्ष व तर्कसंगत निर्णय-शैली झलकती है।
छआप इस लोककथा के भाइयों की किस विशेषता को अपनाना चाहेंगे और क्यों?
✅ नमूना उत्तर व्यक्तिगत विचार
मैं भाइयों की सूक्ष्म निरीक्षण-शक्ति (पैनी दृष्टि) और शांत रहकर तार्किक ढंग से सोचने की आदत अपनाना चाहूँगा/चाहूँगी, क्योंकि इससे मैं अपने आस-पास की चीज़ों को बेहतर ढंग से समझ सकता/सकती हूँ, और किसी भी कठिन या तनावपूर्ण परिस्थिति में जल्दबाज़ी की बजाय सही व सटीक निर्णय ले सकता/सकती हूँ।
5
अनुमान और कल्पना से
Guess & imagine
कयदि राजा ने बिना जाँच के भाइयों को दोषी ठहरा दिया होता तो इस लोककथा का क्या परिणाम होता?
✅ उत्तर
यदि राजा बिना जाँच के भाइयों को दोषी ठहरा देता, तो तीन निर्दोष और असाधारण बुद्धिमान व्यक्तियों को अनुचित सज़ा मिलती — यह घोर अन्याय होता। कहानी का यह महत्वपूर्ण संदेश कि “जाँच के बाद ही निर्णय लेना चाहिए” भी अधूरा रह जाता, और कथा का सुखद अंत कभी न होता।
खयदि भाइयों ने अनार के बारे में सही अनुमान न लगाया होता तो लोककथा का अंत किस प्रकार होता? अपने विचार व्यक्त करें।
✅ उत्तर
यदि भाइयों का अनुमान गलत निकलता, तो राजा को यह विश्वास हो जाता कि वे झूठ बोल रहे हैं और चोर हैं, और शायद उन्हें कठोर दंड दिया जाता। भाइयों की बुद्धिमत्ता कभी सिद्ध न हो पाती और वे राजा के दरबार में सम्मान पाने की बजाय अपराधी बनकर रह जाते।
गलोककथा में यदि तीनों भाई ऊँट को खोजने जाते तो उन्हें कौन-कौन सी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता था?
✅ उत्तर
उन्हें अनजान व दुर्गम रास्तों में भटकना पड़ता, बहुत समय और ऊर्जा व्यर्थ हो जाती, ऊँट न मिलने पर घुड़सवार और अधिक क्रोधित हो सकता था, तथा रास्ते में जंगली जानवरों, डाकुओं या खराब मौसम जैसी अन्य कठिनाइयों का भी सामना करना पड़ सकता था।
घयदि राजा के स्थान पर आप होते तो भाइयों की परीक्षा लेने के लिए किस प्रकार के सवाल या गतिविधियाँ करते? अपनी कल्पना साझा करें।
✅ नमूना उत्तर व्यक्तिगत विचार
मैं भाइयों से किसी और छिपी हुई वस्तु के आकार, रंग, वज़न या बनावट के बारे में अंदाज़ा लगाने को कहता/कहती, या उन्हें एक कठिन पहेली सुलझाने के लिए देता/देती, ताकि उनकी निरीक्षण-शक्ति और तर्कशक्ति की और भी अच्छी तरह परख हो सके।
6
शब्द से जुड़े शब्द
Word web — words related to ‘बुद्धि’
नीचे दिए गए रिक्त स्थानों में ‘बुद्धि’ से जुड़े शब्द लिखिए—
✅ उत्तर
मस्तिष्क
ज्ञान
समझ
विवेक
तर्क
चतुराई
समझदारी
बुद्धि
प्रज्ञा
कुशाग्रता
7
कारक
Case markers (Karak)
संज्ञा या सर्वनाम के साथ प्रयुक्त होने वाले ने, को, पर, से, के द्वारा, का, में, के लिए, की, के, हे, हो, अरे जैसे शब्दों को कारक कहते हैं। नीचे दिए गए वाक्यों में सही कारक भरकर पूरा किया गया है—
“हमने तो तुम्हारे ऊँट को देखा तक नहीं”, भाइयों ने परेशान होते हुए कहा।
को — कर्म कारकने — कर्ता कारक
“मैं अपने रेवड़ों को पहाड़ों पर लिये जा रहा था”, उसने कहा, “और मेरी पत्नी मेरे छोटे-से बेटे के साथ एक बड़े-से ऊँट पर मेरे पीछे-पीछे आ रही थी।”
को — कर्म कारकपर — अधिकरण कारकके (साथ) — संबंध कारक
राजा ने उसी समय अपने मंत्री को बुलाया और उसके कान में कुछ फुसफुसाया।
ने — कर्ता कारकको — कर्म कारकमें — अधिकरण कारक
यह सुनकर राजा ने पेटी को पास लाने का आदेश दिया। सेवकों ने तुरंत आदेश पूरा किया। राजा ने सेवकों से पेटी खोलने के लिए कहा।
ने — कर्ता कारकको — कर्म कारकका — संबंध कारकसे — करण कारकके लिए — संप्रदान कारक
8
सूचनापत्र
Write a notice — as the horseman looking for his lost camel
कल्पना कीजिए कि आप इस लोककथा के वह घुड़सवार हैं जिसका ऊँट खो गया है और आप एक सूचनापत्र लिखकर शहर में चिपकाना चाहते हैं—
नमूना उत्तर
📢 सूचनापत्र
दिनांक: ___ / ___ / ____
सूचित किया जाता है कि दो दिन पूर्व पहाड़ी रास्ते में मेरा एक बहुत बड़ा ऊँट मुझसे बिछड़ गया है। ऊँट की पहचान इस प्रकार है—
आकार में सामान्य से बहुत बड़ा
एक आँख से देख नहीं पाता
उस पर एक स्त्री व एक छोटा बच्चा सवार था
जो कोई भी सज्जन इस ऊँट के बारे में सही सूचना देंगे, उन्हें उचित पुरस्कार दिया जाएगा। कृपया नीचे दिए पते पर संपर्क करें।
निवेदक नाम — ___________ पता — ___________ संपर्क सूत्र — ___________
📗 पाठ से आगे (Exercise Questions)
9
आपकी बात
Your take — personal reflection questions
1क्या आपने कभी अपनी पैनी दृष्टि का प्रयोग किसी समस्या को हल करने के लिए किया है? उस समस्या और आपके द्वारा दिए गए हल के विषय में लिखिए।
✅ नमूना उत्तर व्यक्तिगत विचार
हाँ, एक बार मेरे कमरे में मेरी चाबी गुम हो गई थी। मैंने ध्यान से फर्श पर पड़ी हल्की धूल और उस पर बने हल्के निशानों को देखा और अनुमान लगाया कि चाबी पलंग के नीचे गिरी होगी। बारीकी से देखने पर मुझे वह वहीं मिल गई।
2यदि आपने “बचपन से हर वस्तु पर ध्यान देने की आदत डाली है” तो आपको अपने जीवन में इसके क्या-क्या लाभ मिलते हैं?
✅ नमूना उत्तर
इससे मुझे चीज़ों को जल्दी और सही ढंग से समझने में मदद मिलती है, परीक्षा में प्रश्नों को ध्यान से पढ़कर सही उत्तर देने में सहायता मिलती है, और रोज़मर्रा की छोटी-छोटी समस्याओं को भी मैं जल्दी सुलझा पाता/पाती हूँ।
3आप अपने दैनिक जीवन में किन-किन कठिनाइयों का सामना करते हैं? लिखिए।
✅ नमूना उत्तर
सुबह जल्दी उठकर समय पर स्कूल पहुँचना, गृहकार्य को समय पर पूरा करना, कभी-कभी कठिन विषयों (जैसे गणित) को समझने में समय लगना — ये मेरी दैनिक जीवन की कुछ सामान्य कठिनाइयाँ हैं।
4क्या आपको लगता है कि अनुभव और समझ से, देखे बिना भी सही निर्णय लिया जा सकता है? क्या आपने भी कभी ऐसा किया है?
✅ नमूना उत्तर
हाँ, कई बार अनुभव के आधार पर बिना देखे भी सही अंदाज़ा लगाया जा सकता है। जैसे, आकाश में काले बादल और हवा में नमी महसूस होने पर मैं बिना बाहर देखे भी बता सकता/सकती हूँ कि बारिश होने वाली है।
5क्या आपको लगता है कि कभी किसी को संदेह होने पर हमें भी शांत रहकर उत्तर देना चाहिए? क्या आपने कभी ऐसी स्थिति का सामना किया है? ऐसे में आपने क्या किया?
✅ नमूना उत्तर
हाँ, शांत रहकर उत्तर देना चाहिए, क्योंकि गुस्से में बात और भी उलझ सकती है। एक बार कक्षा में किसी वस्तु के गुम होने पर मुझ पर शक किया गया था, पर मैंने शांति से पूरी सच्चाई बताई, जिससे बात जल्दी सुलझ गई और मेरा नाम साफ़ हो गया।
6क्या आपको कभी किसी की सोच, समझ या किसी विशेष कौशल को देखकर आश्चर्य हुआ है? क्या आपने कभी किसी से कुछ ऐसा सीखा है जो आपके लिए बिलकुल नया और चौंकाने वाला हो?
✅ नमूना उत्तर
हाँ, मुझे अपने एक मित्र की तेज़ गणना-क्षमता देखकर बहुत आश्चर्य हुआ था — वह बड़ी-बड़ी गणनाएँ मन ही मन बहुत तेज़ी से कर लेता/लेती था/थी। मैंने उससे कुछ आसान शॉर्टकट तरीके सीखे, जो मेरे लिए बिलकुल नए थे।
7क्या आपको कभी किसी बड़े व्यक्ति से ऐसी कोई सलाह मिली है जो आपके जीवन में उपयोगी रही हो? क्या आप भी अपने अनुभव से किसी को ऐसी सलाह देंगे?
✅ नमूना उत्तर
हाँ, मेरी दादी ने मुझे सिखाया था — “जल्दबाज़ी में कोई निर्णय मत लो, पहले सोचो फिर बोलो।” यह सलाह मेरे जीवन में बहुत उपयोगी रही है। मैं भी दूसरों को यही सलाह दूँगा/दूँगी कि किसी भी काम को शांति और सोच-समझकर करना चाहिए।
8क्या आपको लगता है कि सदा सच बोलना महत्वपूर्ण है, भले ही स्थिति कठिन क्यों न हो? क्या आपको किसी समय ऐसा लगा है कि आपकी सच्चाई ने आपको समस्याओं से बाहर निकाला हो?
✅ नमूना उत्तर
हाँ, सदा सच बोलना चाहिए। एक बार मुझसे गलती से घर की कोई वस्तु टूट गई थी और मैंने तुरंत सच बता दिया। शुरू में मुझे डाँट सुननी पड़ी, लेकिन मेरी सच्चाई देखकर घरवालों का मुझ पर विश्वास और भी मज़बूत हो गया।
10
ध्यान से देखना-सुनना-अनुभव करना
Sensory-observation activities
यह भाग दो कक्षा-गतिविधियों पर आधारित है — (क) ‘हाँ’ या ‘नहीं’ प्रश्न-उत्तर खेल और (ख) ‘स्पर्श, गंध और स्वाद से पहचानना’। दोनों गतिविधियाँ ज्ञानेंद्रियों (आँख, कान, नाक, जीभ, त्वचा) व बुद्धि के प्रयोग का अभ्यास कराने के लिए हैं।
🎲 यह एक कक्षा में साथियों के साथ मिलकर खेली जाने वाली गतिविधि है, जिसका कोई लिखित ‘उत्तर’ नहीं होता — यह पाठ में बताए चरणों का पालन करके सीधे कक्षा में खेली जाती है।
11
आज की पहेली
Today’s riddles
1कौन है यह प्राणी?
इसकी लंबी पूँछ होती है जो पेड़ों की शाखाओं के चारों ओर लिपटी रहती है।
इसका मुख्य आहार कीट और छोटे जीव होते हैं जिन्हें यह चुपके से पकड़ता है।
यह प्राणी अपने परिवेश में घुल-मिल जाता है और अपनी रंगत को बदल सकता है।
इसके पास तेज़ आँखें होती हैं जो चारों दिशाओं में देख सकती हैं।
✅ उत्तर
सभी संकेत मिलकर एक ही प्राणी की ओर इशारा करते हैं — गिरगिट (Chameleon)। इसकी पूँछ लंबी व लिपटने वाली होती है, यह अपना रंग बदलकर परिवेश में छिप जाता है और इसकी आँखें एक-दूसरे से स्वतंत्र रूप से घूमकर चारों दिशाओं में देख सकती हैं — यही गिरगिट की सबसे खास पहचान है।
उत्तर: गिरगिट
2रंगीन डिब्बे — एक मेज पर चार रंगीन डिब्बे बराबर-बराबर रखे हैं — लाल, हरा, नीला और पीला। बताइए पीले डिब्बे के बराबर में कौन-सा डिब्बा है?
लाल डिब्बा नीले डिब्बे के पास है।
हरा डिब्बा पीले डिब्बे के पास नहीं है।
पीला डिब्बा लाल डिब्बे के पास नहीं है।
हरा डिब्बा लाल डिब्बे के पास है।
✅ चरण-दर-चरण हल
संकेत 1 और 4 से पता चलता है कि लाल डिब्बा, नीले और हरे — दोनों डिब्बों के पास है। एक पंक्ति में केवल बीच वाले स्थान (दूसरे या तीसरे) के ही दोनों तरफ पड़ोसी हो सकते हैं, इसलिए लाल डिब्बा बीच में होगा — एक तरफ नीला, दूसरी तरफ हरा।
बचा हुआ पीला डिब्बा इस पंक्ति के अंत में जाएगा। संकेत 3 (पीला, लाल के पास नहीं) के अनुसार पीला डिब्बा हरे वाले सिरे पर नहीं, बल्कि नीले वाले सिरे पर होगा — तभी संकेत 2 (हरा, पीले के पास नहीं) भी सही बैठता है।
हरा
लाल
नीला
पीला
इस क्रम — हरा, लाल, नीला, पीला — में सभी चारों संकेत सही सिद्ध होते हैं। अतः पीले डिब्बे के ठीक बगल में नीला डिब्बा रखा है।
उत्तर: नीला डिब्बा
राजा भाइयों की असाधारण बुद्धिमत्ता पर विचार करते हुए